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सामान्य अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रही दवाइयां
अमर उजाला ब्यूरो, कैथ्ाल
Updated Tue, 14 Feb 2017 12:06 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के साथ-साथ अब दवाओं की कमी के कारण लोग परेशान हैं। घंटों लंबी लाइनों में लगने के बाद जब लोग दवा के लिए काउंटर पर जाते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि दवा नहीं है। यदि है तो उस दवा के विकल्प के तौर पर मौजूद दवाएं देकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। एक मरीज को सिरिंज तक बाहर से खरीद कर लानी पड़ी। ऐसे में लोग सरकार को कोसते हुए घर लौट रहे हैं। वहीं कई गरीब लोग ऐसे भी हैं, जो बाहर से दवा नहीं खरीद पाते। सोमवार को अमर उजाला ने अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों से बातचीत की, जिसमें यह खुलासा हुआ कि यहां गर्भवती महिलाओं के लिए भी परिजनों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
डिलीवरी के लिए भी बाहर से ली थी दवाएं, अब इलाज के लिए भी
सामान्य अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची शहरवासी फूली देवी ने बताया कि करीब एक माह पहले उसकी पुत्रवधू की डिलीवरी हुई थी। उस समय इलाज के दौरान भी अस्पताल में दवाइयां नहीं मिल रही थी। अब इलाज चल रहा है। लेकिन फिर भी दवाईयां नहीं मिल रही है। उसने बताया कि अस्पताल में एक आवश्यक बाहर से लानी पड़ी। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। जिससे मरीजों की समस्या का समाधान हो सके।
कुत्ते के काटने की नहीं है दवा
अस्पताल में पहुंचे शहरवासी बसाऊ राम ने बताया कि उसके बेटे शिवचरण को कुत्ते ने काट लिया था। जिसके इलाज को लेकर व अस्पताल में पहुंचा। उसने कहा कि डॉक्टर ने उसे टीका लगवाने के लिए कहा लेकिन यहां पहले तो बीपीएल का राशन कार्ड मांगा गया। कार्ड देने के बाद भी आधा घंटा तक आनाकानी करते रहे। इसके बाद भी अस्पताल में टीका लगाने के लिए सिरिंज नहीं मिली। उसे अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर जाकर सिरिंज लानी पड़ी।
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आंखों की नहीं मिली दवा
अस्पताल में आखों की बीमारी का इलाज करवाने आए शिव कॉलोनी निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह अस्पताल में जब इलाज के लिए पहुंचा तो करीब एक घंटे तक आंखों की डाक्टर नहीं मिली। उसके बाद मुश्किल से डॉक्टर से दिखाने का नंबर आया। बाद में जब दवा लेने पहुंचा तो उसे दवा नहीं मिली। जिस कारण उसे वापस लौटना पड़ा।
400 में से 250 प्रकार की दवाएं
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पताल में करीब 400 प्रकार की दवाओं की सूची है। लेकिन यहां 250 की संख्या में दवाएं हैं। जिसमें कई आवश्यक दवाएं नहीं हैं। कर्मचारी चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं के विकल्प के तौर पर मौजूद दूसरी दवाओं से काम चला रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपलब्ध दवाओं की निश्चित संख्या बताने से इंकार कर दिया। सूत्रों ने तो यहां तक कहा कि आला स्तर पर सीएम के साथ होने वाली बैठक से पूर्व एकदम से विभाग ने 50 प्रकार की दवाएं भेज दी गईं। ताकि अपने रिकार्ड में खानापूर्ति की जा सके। लेकिन इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।
हर रोज होती है लगभग एक हजार से अधिक की ओपीडी
जिला अस्पताल में हर रोज लगभग एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में यदि दवाएं ना मिलें तो लोग सरकार को कोसते हुए वापस जा रहे हैं।
पीछे से कमी है, जैसे ही आएंगी, लोगों को दी जाएंगी
जिला अस्पताल की प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डा. पूनम जैन ने बताया कि अस्पताल में कुछ ऐसी दवाइयां जिन्हें आने में कुछ समय लग जाता है। जो दवाएं हैं, वे दी जा रही हैं। कई दवाओं की पीछे से ही कमी है। जैसे ही ये दवाएं उपलब्ध होंगी, उसी अनुसार मरीजों को दे दी जाएंगी।
वहीं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने दवाओं की कमी की बात की जानकारी होने से इंकार कर दिया और कहा कि पीएमओ मैडम ही इस बारे में कुछ बता सकती हैं।
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कैथल। सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के साथ-साथ अब दवाओं की कमी के कारण लोग परेशान हैं। घंटों लंबी लाइनों में लगने के बाद जब लोग दवा के लिए काउंटर पर जाते हैं तो उन्हें जवाब मिलता है कि दवा नहीं है। यदि है तो उस दवा के विकल्प के तौर पर मौजूद दवाएं देकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। एक मरीज को सिरिंज तक बाहर से खरीद कर लानी पड़ी। ऐसे में लोग सरकार को कोसते हुए घर लौट रहे हैं। वहीं कई गरीब लोग ऐसे भी हैं, जो बाहर से दवा नहीं खरीद पाते। सोमवार को अमर उजाला ने अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों से बातचीत की, जिसमें यह खुलासा हुआ कि यहां गर्भवती महिलाओं के लिए भी परिजनों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
डिलीवरी के लिए भी बाहर से ली थी दवाएं, अब इलाज के लिए भी
सामान्य अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची शहरवासी फूली देवी ने बताया कि करीब एक माह पहले उसकी पुत्रवधू की डिलीवरी हुई थी। उस समय इलाज के दौरान भी अस्पताल में दवाइयां नहीं मिल रही थी। अब इलाज चल रहा है। लेकिन फिर भी दवाईयां नहीं मिल रही है। उसने बताया कि अस्पताल में एक आवश्यक बाहर से लानी पड़ी। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। जिससे मरीजों की समस्या का समाधान हो सके।
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कुत्ते के काटने की नहीं है दवा
अस्पताल में पहुंचे शहरवासी बसाऊ राम ने बताया कि उसके बेटे शिवचरण को कुत्ते ने काट लिया था। जिसके इलाज को लेकर व अस्पताल में पहुंचा। उसने कहा कि डॉक्टर ने उसे टीका लगवाने के लिए कहा लेकिन यहां पहले तो बीपीएल का राशन कार्ड मांगा गया। कार्ड देने के बाद भी आधा घंटा तक आनाकानी करते रहे। इसके बाद भी अस्पताल में टीका लगाने के लिए सिरिंज नहीं मिली। उसे अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर जाकर सिरिंज लानी पड़ी।
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आंखों की नहीं मिली दवा
अस्पताल में आखों की बीमारी का इलाज करवाने आए शिव कॉलोनी निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह अस्पताल में जब इलाज के लिए पहुंचा तो करीब एक घंटे तक आंखों की डाक्टर नहीं मिली। उसके बाद मुश्किल से डॉक्टर से दिखाने का नंबर आया। बाद में जब दवा लेने पहुंचा तो उसे दवा नहीं मिली। जिस कारण उसे वापस लौटना पड़ा।
400 में से 250 प्रकार की दवाएं
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पताल में करीब 400 प्रकार की दवाओं की सूची है। लेकिन यहां 250 की संख्या में दवाएं हैं। जिसमें कई आवश्यक दवाएं नहीं हैं। कर्मचारी चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं के विकल्प के तौर पर मौजूद दूसरी दवाओं से काम चला रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपलब्ध दवाओं की निश्चित संख्या बताने से इंकार कर दिया। सूत्रों ने तो यहां तक कहा कि आला स्तर पर सीएम के साथ होने वाली बैठक से पूर्व एकदम से विभाग ने 50 प्रकार की दवाएं भेज दी गईं। ताकि अपने रिकार्ड में खानापूर्ति की जा सके। लेकिन इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई।
हर रोज होती है लगभग एक हजार से अधिक की ओपीडी
जिला अस्पताल में हर रोज लगभग एक हजार से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में यदि दवाएं ना मिलें तो लोग सरकार को कोसते हुए वापस जा रहे हैं।
पीछे से कमी है, जैसे ही आएंगी, लोगों को दी जाएंगी
जिला अस्पताल की प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डा. पूनम जैन ने बताया कि अस्पताल में कुछ ऐसी दवाइयां जिन्हें आने में कुछ समय लग जाता है। जो दवाएं हैं, वे दी जा रही हैं। कई दवाओं की पीछे से ही कमी है। जैसे ही ये दवाएं उपलब्ध होंगी, उसी अनुसार मरीजों को दे दी जाएंगी।
वहीं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने दवाओं की कमी की बात की जानकारी होने से इंकार कर दिया और कहा कि पीएमओ मैडम ही इस बारे में कुछ बता सकती हैं।