{"_id":"680402d9a8ef49028a02968e","slug":"cia-one-incharge-suspended-for-not-taking-strict-action-kaithal-news-c-18-1-knl1004-628112-2025-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सख्त कार्रवाई न करने पर सीआईए-वन प्रभारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सख्त कार्रवाई न करने पर सीआईए-वन प्रभारी निलंबित
Sun, 20 Apr 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार पर हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करना और उन्हें थाने में चाय पिलाने जैसी मेहमाननवाजी करना सीआईए-वन प्रभारी को भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सख्त निर्देश पर कैथल एसपी राजेश कालिया ने सीआईए-वन प्रभारी सब-इंस्पेक्टर पारस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा उन्हें पुलिस लाइन में स्थानांतरित करने के साथ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निलंबन की अवधि में एसआई पारस को एचसीएस (सामान्य) नियम 2016 के नियम 83 के तहत आधे वेतन के बराबर निर्वाह भत्ता और स्वीकार्य सामान्य भत्ते दिए जाएंगे।
डीएसपी क्राइम सुशील कुमार की जांच में भी यह पुष्टि हुई कि एसआई पारस ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती और जांच को गंभीरता से नहीं लिया। इसके आधार पर एसपी ने उन्हें निलंबित करते हुए पुलिस लाइन में ट्रांसफर कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
यह है पूरा मामला
घटना 28 मार्च 2025 की है। गांव सेरधा निवासी भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी शिवानी के साथ पुराने मकान देखने गांव जा रहे थे। रास्ते में रानी पत्नी जगदीश से बातचीत के दौरान टोली का नौकर शेषा आ गया और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद अजय पुत्र गोरा और विक्रम पुत्र टोली हाथों में डंडे और गंडासी लेकर पहुंचे और हमला कर दिया। जब वह उनसे बचकर भागने लगा तो आरोपियों ने उसे घसीटकर घर के अंदर रोक लिया। बाद में परिजनों ने उसे छुड़ाया और वह घायल अवस्था में पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर नंबर-50 दिनांक 28-03-2025 के तहत बीएनएस की धारा 115, 126, 127(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और जांच की जिम्मेदारी सीआईए-1 को सौंप दी गई।
विज्ञापन
राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान सीआईए-वन प्रभारी एसआई पारस ने न तो किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की और न ही उसे जांच की कोई जानकारी दी। उल्टा आरोपियों को थाने बुलाकर चाय पिलाई गई, जबकि शिकायतकर्ता को न्याय की उम्मीद थी। जब यह बात मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई तो उन्होंने तुरंत कैथल एसपी को फोन कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कैथल के एसपी राजेश कालिया ने बताया कि डीएसपी क्राइम की ओर से प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में लापरवाही मिलने के बाद एसआई पारस को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
कैथल। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार पर हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करना और उन्हें थाने में चाय पिलाने जैसी मेहमाननवाजी करना सीआईए-वन प्रभारी को भारी पड़ गया। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सख्त निर्देश पर कैथल एसपी राजेश कालिया ने सीआईए-वन प्रभारी सब-इंस्पेक्टर पारस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा उन्हें पुलिस लाइन में स्थानांतरित करने के साथ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निलंबन की अवधि में एसआई पारस को एचसीएस (सामान्य) नियम 2016 के नियम 83 के तहत आधे वेतन के बराबर निर्वाह भत्ता और स्वीकार्य सामान्य भत्ते दिए जाएंगे।
डीएसपी क्राइम सुशील कुमार की जांच में भी यह पुष्टि हुई कि एसआई पारस ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती और जांच को गंभीरता से नहीं लिया। इसके आधार पर एसपी ने उन्हें निलंबित करते हुए पुलिस लाइन में ट्रांसफर कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
घटना 28 मार्च 2025 की है। गांव सेरधा निवासी भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी शिवानी के साथ पुराने मकान देखने गांव जा रहे थे। रास्ते में रानी पत्नी जगदीश से बातचीत के दौरान टोली का नौकर शेषा आ गया और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद अजय पुत्र गोरा और विक्रम पुत्र टोली हाथों में डंडे और गंडासी लेकर पहुंचे और हमला कर दिया। जब वह उनसे बचकर भागने लगा तो आरोपियों ने उसे घसीटकर घर के अंदर रोक लिया। बाद में परिजनों ने उसे छुड़ाया और वह घायल अवस्था में पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर नंबर-50 दिनांक 28-03-2025 के तहत बीएनएस की धारा 115, 126, 127(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और जांच की जिम्मेदारी सीआईए-1 को सौंप दी गई।
विज्ञापन
राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान सीआईए-वन प्रभारी एसआई पारस ने न तो किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की और न ही उसे जांच की कोई जानकारी दी। उल्टा आरोपियों को थाने बुलाकर चाय पिलाई गई, जबकि शिकायतकर्ता को न्याय की उम्मीद थी। जब यह बात मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई तो उन्होंने तुरंत कैथल एसपी को फोन कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कैथल के एसपी राजेश कालिया ने बताया कि डीएसपी क्राइम की ओर से प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में लापरवाही मिलने के बाद एसआई पारस को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।