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स्कूटी सवार युवक की गर्दन में उलझी चाइनीज डोर, गर्दन में आए कई टांके
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कैथल। तीज उत्सव के आस-पास हर साल पतंगबाजी बच्चों का शौक रहती है। लेकिन इस पतंगबाजी मेें जीत हासिल करने की ललक में प्रयोग की जा रही चाइनीज मांझा(डोर) लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हर साल तीन माह के लिए चाइनीज मांझे के प्रयोग पर प्रतिबंध लगता रहा है। लेकिन अभी तक ऐसे कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं। पतंग कटने के बाद ये डोर इधर-उधर बिखर जाती हैं। मुख्य रुप से बाइक सवार लोगों के लिए यह जान का खतरा भी बनी हुई हैं। पिछले साल भी कई हादसे हुए थे। जिसमेें अपने पिता के साथ बाइक पर बैठे बच्चे की जान मुश्किल से बची थी। एक बार फिर से चाइनीज डोर की चपेट में आने से स्कूटी चला रहे एक युवक की गर्दन पर घाव हो गया। उसे काफी टांके आए हैं।
आर्दश नगर निवासी युवक की गर्दन पर हुआ गहरा घाव
पतंग की चाइनीज डोर की रगड़ से आदर्श नगर निवासी एक 21 वर्षीय युवक को गर्दन पर घाव हो गया। युवक के परिजनों ने बताया कि उनका लड़का कशिश मिगलानी रविवार को सुबह स्कूटी लेकर अर्जुन नगर बाईपास चौक के पास से जा रहा था। चौक से कुछ दूर सड़क पर पेड़ में उलझी हुई चाइनीज डोर एकदम से दिखाई नहीं दी। यह डोर उसकी गर्दन में उलझ गई और रगड़ से गर्दन पर गहरा घाव हो गया। उसे वे शाह अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी गर्दन पर लगे घाव को ठीक करने के लिए कई टांके लगाए।
इसी प्रकार से शनिवार को गांव चंदना गांव निवासी एक युवक भी शहर में ही बाइक चलाते समय चाईनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसे भी निजी अस्पताल लाया गया। जहां से इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
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10 वर्षीय बच्चे को लगा करंट
पतंग उड़ाते समय सिरटा रोड के रहने वाले 10 वर्षीय बच्चे मोहित को करंट लग गया। जिसे शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया। बच्चे के परिजनों ने बताया कि मोहित पतंग उड़ा रहा था। छत पर बिजली की तार का जोड़ था। पतंगबाजी के कारण बच्चे का ध्यान बिजली के जोड़ की तरफ नहीं गया, जिससे उसका पांव बिजली के इस जोड़ से लग गया और बच्चे को करंट लग गया। गनीमत रही कि वह छूट गया और ज्यादा करंट नहीं लगा।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा हो सकती है यह डोर
मुख्य रुप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए चाईनीज डोर जानलेवा हो सकती है। क्योंकि सडक़ पर तेज स्पीड़ में चलते हुए चाईनीज डोर दिखाई नहीं देती और यह फंसने पर टूटती भी नहीं हैं। जिस कारण शरीर के जिस अंग से यह उलझती है, उसे एक तरह से चीर कर रख देती है।
पेचे तो लड़ाएं, लेकिन किसी की जान के साथ ना खेलें
डा. राजेश शर्मा का कहना है कि युवा जरूर पतंग उड़ाएं, पेचे लड़ाएं। लेकिन ऐसी डोर, जो किसी भी सूरत में ना टूटे, उसका प्रयोग ना करें। क्योंकि टूटने के बाद यह डोर इधर-उधर फंस जाती है। जिसमें बाइक सवार हादसे का शिकार हो सकते हैं। जिसमें आपके सगे संबंधी भी हो सकते हैं।
डीसी डा. प्रियंका सोनी ने कहा कि......
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आर्दश नगर निवासी युवक की गर्दन पर हुआ गहरा घाव
पतंग की चाइनीज डोर की रगड़ से आदर्श नगर निवासी एक 21 वर्षीय युवक को गर्दन पर घाव हो गया। युवक के परिजनों ने बताया कि उनका लड़का कशिश मिगलानी रविवार को सुबह स्कूटी लेकर अर्जुन नगर बाईपास चौक के पास से जा रहा था। चौक से कुछ दूर सड़क पर पेड़ में उलझी हुई चाइनीज डोर एकदम से दिखाई नहीं दी। यह डोर उसकी गर्दन में उलझ गई और रगड़ से गर्दन पर गहरा घाव हो गया। उसे वे शाह अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी गर्दन पर लगे घाव को ठीक करने के लिए कई टांके लगाए।
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इसी प्रकार से शनिवार को गांव चंदना गांव निवासी एक युवक भी शहर में ही बाइक चलाते समय चाईनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसे भी निजी अस्पताल लाया गया। जहां से इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
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10 वर्षीय बच्चे को लगा करंट
पतंग उड़ाते समय सिरटा रोड के रहने वाले 10 वर्षीय बच्चे मोहित को करंट लग गया। जिसे शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया। बच्चे के परिजनों ने बताया कि मोहित पतंग उड़ा रहा था। छत पर बिजली की तार का जोड़ था। पतंगबाजी के कारण बच्चे का ध्यान बिजली के जोड़ की तरफ नहीं गया, जिससे उसका पांव बिजली के इस जोड़ से लग गया और बच्चे को करंट लग गया। गनीमत रही कि वह छूट गया और ज्यादा करंट नहीं लगा।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा हो सकती है यह डोर
मुख्य रुप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए चाईनीज डोर जानलेवा हो सकती है। क्योंकि सडक़ पर तेज स्पीड़ में चलते हुए चाईनीज डोर दिखाई नहीं देती और यह फंसने पर टूटती भी नहीं हैं। जिस कारण शरीर के जिस अंग से यह उलझती है, उसे एक तरह से चीर कर रख देती है।
पेचे तो लड़ाएं, लेकिन किसी की जान के साथ ना खेलें
डा. राजेश शर्मा का कहना है कि युवा जरूर पतंग उड़ाएं, पेचे लड़ाएं। लेकिन ऐसी डोर, जो किसी भी सूरत में ना टूटे, उसका प्रयोग ना करें। क्योंकि टूटने के बाद यह डोर इधर-उधर फंस जाती है। जिसमें बाइक सवार हादसे का शिकार हो सकते हैं। जिसमें आपके सगे संबंधी भी हो सकते हैं।
डीसी डा. प्रियंका सोनी ने कहा कि......