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Kaithal News: चीनी मांझे से बच्चे की गर्दन कटी
Tue, 29 Jul 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। तीज पर्व के दौरान एक बार फिर चीनी मांझा खतरनाक साबित हुआ। अलग-अलग घटनाओं में 55 वर्षीय दर्जी विजय और 12 वर्षीय बालक पुनीत घायल हो गए। चीनी मांझा की चपेट में आने से दर्जी का पैर बुरी तरह कट गया, वहीं बालक की गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए हाई सेंटर रेफर किया गया।
घायलों में प्रताप गेट निवासी दर्जी विजय और पट्टी अफगान निवासी पुनीत शामिल हैं। घटना के बाद दोनों को पहले जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के चलते पुनीत को शाह अस्पताल और विजय को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। दोनों के परिजनों ने सरकारी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। पिछले साल छह लोग घायल हुए थे।
बच्चे का अस्पताल में चल रहा इलाज
पुनीत के नाना सतपाल ने बताया कि रविवार शाम पुनीत कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर ड्रेन के पास खेल रहा था। उसी दौरान एक पतंग कटी और उसकी डोर सड़क पर लटकने लगी। एक बाइक सवार ने डोर को हटाने की कोशिश की, लेकिन मांझा अचानक पुनीत की गर्दन में लिपट गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे शाह अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसकी गर्दन पर 13 टांके लगाए गए।
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चलते बाइक सवार से खिंचा मांझा, पैर में हुआ बड़ा घाव
दर्जी विजय ने बताया कि वह अपनी दुकान से घर लौट रहे थे। प्रताप गेट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास पहुंचे ही थे कि वहां पहले से पड़ा कटा हुआ मांझा एक तेज रफ्तार बाइक सवार से खिंच गया, जो सीधे उनके पैर में लिपट गया। मांझा से उनके में पैर गंभीर रूप से घाव हो गया। पहले उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन बाद में रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की जरूरत बताई है।
आरोप : समय पर पहुंचे नहीं मिला सहयोग
दोनों ही मामलों में परिजनों ने जिला अस्पताल में समय पर पहुंचने के बावजूद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो डॉक्टरों ने गंभीरता दिखाई और न ही स्टाफ ने अपेक्षित सहयोग किया। मजबूरन उन्हें निजी अस्पताल या हायर सेंटर जाना पड़ा।
रविवार को मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी सख्ती बरती जाएगी। कई दुकानों की जांच-पड़ताल की गई। जहां पर चीनी मांझा मिलने पर उसे कब्जे में ले लिया गया। आगे कार्रवाई की जा रही है।
-दीपक कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
तीज पर रोक के बावजूद खुलेआम बिका चीनी मांझा
कैथल। प्रतिबंध के बावजूद इस तीज पर्व पर भी शहर में खुलेआम चीनी मांझा बेचा गया और पतंगबाजी में जमकर इसका प्रयोग हुआ। खतरनाक मांझे की बिक्री पर रोक के आदेश कागज़ों तक सीमित रहे।
पिछले वर्ष तीज के दिन चीन के मांझे की चपेट में आकर चार लोग घायल हुए थे, जिनमें सीवन गेट निवासी 10 वर्षीय बच्चा जीवन, फ्रांसवाला निवासी दिव्यम, गढ़ी निवासी दिनेश और संगतपुरा निवासी संजय शामिल थे। उस वक्त जीवन को गंभीर चोटें आई थीं।
इतना ही नहीं, बीते साल इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जीवन रक्षक दल और शहरवासियों ने डीसी को खून से लिखा पत्र सौंपकर चीन के मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके, इस साल भी प्रतिबंध के आदेशों के बावजूद यह जानलेवा मांझा खुलेआम बिकता रहा।
जीवन रक्षक दल के संरक्षक एवं समाजसेवी राजू डोहर ने कहा कि यह मांझा हर साल कई लोगों की जान पर बन आता है, लेकिन संबंधित विभाग केवल औपचारिकताएं निभाकर रह जाता है।
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कैथल। तीज पर्व के दौरान एक बार फिर चीनी मांझा खतरनाक साबित हुआ। अलग-अलग घटनाओं में 55 वर्षीय दर्जी विजय और 12 वर्षीय बालक पुनीत घायल हो गए। चीनी मांझा की चपेट में आने से दर्जी का पैर बुरी तरह कट गया, वहीं बालक की गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए हाई सेंटर रेफर किया गया।
घायलों में प्रताप गेट निवासी दर्जी विजय और पट्टी अफगान निवासी पुनीत शामिल हैं। घटना के बाद दोनों को पहले जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के चलते पुनीत को शाह अस्पताल और विजय को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। दोनों के परिजनों ने सरकारी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। पिछले साल छह लोग घायल हुए थे।
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बच्चे का अस्पताल में चल रहा इलाज
पुनीत के नाना सतपाल ने बताया कि रविवार शाम पुनीत कैथल-पटियाला मुख्य मार्ग पर ड्रेन के पास खेल रहा था। उसी दौरान एक पतंग कटी और उसकी डोर सड़क पर लटकने लगी। एक बाइक सवार ने डोर को हटाने की कोशिश की, लेकिन मांझा अचानक पुनीत की गर्दन में लिपट गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे शाह अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसकी गर्दन पर 13 टांके लगाए गए।
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चलते बाइक सवार से खिंचा मांझा, पैर में हुआ बड़ा घाव
दर्जी विजय ने बताया कि वह अपनी दुकान से घर लौट रहे थे। प्रताप गेट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास पहुंचे ही थे कि वहां पहले से पड़ा कटा हुआ मांझा एक तेज रफ्तार बाइक सवार से खिंच गया, जो सीधे उनके पैर में लिपट गया। मांझा से उनके में पैर गंभीर रूप से घाव हो गया। पहले उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन बाद में रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की जरूरत बताई है।
आरोप : समय पर पहुंचे नहीं मिला सहयोग
दोनों ही मामलों में परिजनों ने जिला अस्पताल में समय पर पहुंचने के बावजूद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो डॉक्टरों ने गंभीरता दिखाई और न ही स्टाफ ने अपेक्षित सहयोग किया। मजबूरन उन्हें निजी अस्पताल या हायर सेंटर जाना पड़ा।
रविवार को मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी सख्ती बरती जाएगी। कई दुकानों की जांच-पड़ताल की गई। जहां पर चीनी मांझा मिलने पर उसे कब्जे में ले लिया गया। आगे कार्रवाई की जा रही है।
-दीपक कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
तीज पर रोक के बावजूद खुलेआम बिका चीनी मांझा
कैथल। प्रतिबंध के बावजूद इस तीज पर्व पर भी शहर में खुलेआम चीनी मांझा बेचा गया और पतंगबाजी में जमकर इसका प्रयोग हुआ। खतरनाक मांझे की बिक्री पर रोक के आदेश कागज़ों तक सीमित रहे।
पिछले वर्ष तीज के दिन चीन के मांझे की चपेट में आकर चार लोग घायल हुए थे, जिनमें सीवन गेट निवासी 10 वर्षीय बच्चा जीवन, फ्रांसवाला निवासी दिव्यम, गढ़ी निवासी दिनेश और संगतपुरा निवासी संजय शामिल थे। उस वक्त जीवन को गंभीर चोटें आई थीं।
इतना ही नहीं, बीते साल इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जीवन रक्षक दल और शहरवासियों ने डीसी को खून से लिखा पत्र सौंपकर चीन के मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके, इस साल भी प्रतिबंध के आदेशों के बावजूद यह जानलेवा मांझा खुलेआम बिकता रहा।
जीवन रक्षक दल के संरक्षक एवं समाजसेवी राजू डोहर ने कहा कि यह मांझा हर साल कई लोगों की जान पर बन आता है, लेकिन संबंधित विभाग केवल औपचारिकताएं निभाकर रह जाता है।