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Kaithal News: सीबीआई और ईडी का डर दिखाकर 48 लाख की ठगी
Mon, 12 Aug 2024 04:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 12 Aug 2024 04:18 AM IST
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कैथल। गिरफ्तारी का डर दिखाकर युवक से 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने व्यक्ति को सीबीआई और ईडी के फर्जी लेटर भेजे और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फर्जी तरीके से नाम दिखाकर गिरफ्तारी की बात कही। इस आशय की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में चीका के शक्ति नगर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उसके पास एक अगस्त को फोन आया। इसमें आरोपी ने कहा कि वह ट्राई का कर्मचारी है और आपके नाम से एक सिम जारी हुआ था, जिससे कई आपत्तिजनक मैसेज किए गए हैं। इस संदर्भ में उसके खिलाफ मुंबई में 58 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर उसने फोनकर्ता को कहा कि ना तो वह कभी मुम्बई गया है और ना ही उसने ऐसा कोई अपराध किया है। फिर एक वीडियो कॉल किया गया, जिसमें एक पुलिसकर्मी दिखाई दिया और उसने कहा कि वे सीबीआई से है। आरोपियों ने उसे ईडी और सीबीआई के कई फर्जी लेटर भी भेजे। उन्होंने कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस है जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। साथ ही कहा गया कि अगर वह सहयोग करता है तो ऑनलाइन सारी जांच पूरी कर ली जाएगी, अन्यथा उसकी गिरफ्तारी निश्चित है। आरोपियों ने कहा कि सबसे पहले उसके खाते में जमा सारे पैसे की जांच होगी। आरबीआई बैंक इसकी जांच करेगा कि खाते में कहीं से कोई काला धन तो नहीं आया। यदि सारा पैसा सही है तो 48 से 72 घंटे में वापस आ जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने उससे अलग अलग खातों में 48 लाख रुपये डलवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि उसके 75 प्रतिशत अकाउंट की जांच हो गई है। छह बजे तक पैसा वापस आ जायेगा। फिर उन्होंने कहा कि आरबीआई कर्मचारी पैसे देने में आनाकानी कर रहे हैं, जिसके लिए एक लाख रुपये और चाहिए। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।
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साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में चीका के शक्ति नगर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उसके पास एक अगस्त को फोन आया। इसमें आरोपी ने कहा कि वह ट्राई का कर्मचारी है और आपके नाम से एक सिम जारी हुआ था, जिससे कई आपत्तिजनक मैसेज किए गए हैं। इस संदर्भ में उसके खिलाफ मुंबई में 58 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर उसने फोनकर्ता को कहा कि ना तो वह कभी मुम्बई गया है और ना ही उसने ऐसा कोई अपराध किया है। फिर एक वीडियो कॉल किया गया, जिसमें एक पुलिसकर्मी दिखाई दिया और उसने कहा कि वे सीबीआई से है। आरोपियों ने उसे ईडी और सीबीआई के कई फर्जी लेटर भी भेजे। उन्होंने कहा कि आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस है जिसमें गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। साथ ही कहा गया कि अगर वह सहयोग करता है तो ऑनलाइन सारी जांच पूरी कर ली जाएगी, अन्यथा उसकी गिरफ्तारी निश्चित है। आरोपियों ने कहा कि सबसे पहले उसके खाते में जमा सारे पैसे की जांच होगी। आरबीआई बैंक इसकी जांच करेगा कि खाते में कहीं से कोई काला धन तो नहीं आया। यदि सारा पैसा सही है तो 48 से 72 घंटे में वापस आ जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने उससे अलग अलग खातों में 48 लाख रुपये डलवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि उसके 75 प्रतिशत अकाउंट की जांच हो गई है। छह बजे तक पैसा वापस आ जायेगा। फिर उन्होंने कहा कि आरबीआई कर्मचारी पैसे देने में आनाकानी कर रहे हैं, जिसके लिए एक लाख रुपये और चाहिए। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।
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