{"_id":"6ad90bf5f873ca0d480c7bc6","slug":"canal-water-was-introduced-without-cleaning-the-tanks-kaithal-news-c-245-1-kht1014-156906-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: टैंकों की सफाई किए बिना डाला नहरी पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: टैंकों की सफाई किए बिना डाला नहरी पानी
विज्ञापन
गांव शिमला स्थित पेयजल टैंकों में जमा गंदगी। संवाद
- फोटो : झूले से गिरकर घायल हुए युवक का ट्रामा सेंटर में होता उपचार। संवाद
कलायत। गांव शिमला में पेयजल संकट के प्रति ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जलघर के स्टोरेज टैंकों की सफाई किए बिना ही उनमें नहरी पानी डाला जा रहा है। टैंकों में जमा काई और गंदगी के कारण पेयजल दूषित होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेताया कि यदि समय रहते सफाई और स्वच्छ जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई तो दूषित पानी से जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीण चरण सिंह, मुनीम, राजेश और बसाऊं राम ने बताया कि गांव में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
इससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि भाखड़ा नहर का पानी उपलब्ध होने के बावजूद जलघर की व्यवस्था सुचारू नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार बार-बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। उन्होंने जनस्वास्थ्य मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों से जलघर के टैंकों की तत्काल सफाई करवाने, नियमित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल करने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने चेताया कि यदि समय रहते सफाई और स्वच्छ जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई तो दूषित पानी से जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीण चरण सिंह, मुनीम, राजेश और बसाऊं राम ने बताया कि गांव में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है।
विज्ञापन
इससे घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को पानी की जरूरत पूरी करने के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि भाखड़ा नहर का पानी उपलब्ध होने के बावजूद जलघर की व्यवस्था सुचारू नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार बार-बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। उन्होंने जनस्वास्थ्य मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों से जलघर के टैंकों की तत्काल सफाई करवाने, नियमित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल करने और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

गांव शिमला स्थित पेयजल टैंकों में जमा गंदगी। संवाद- फोटो : झूले से गिरकर घायल हुए युवक का ट्रामा सेंटर में होता उपचार। संवाद
विज्ञापन