फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Came on tour, took over the throne on the orders of Guru

Kaithal News: भ्रमण पर आए थे, गुरु के आदेश पर संभाली गद्दी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Feb 2023 05:00 AM IST
विज्ञापन
Came on tour, took over the throne on the orders of Guru
कैथल। बृहस्पति कुंड मंदिर के महंत श्री श्री 1008 बाबा विश्वनाथ पूरी के चोला छोड़ने के बाद साधु समाज सहित समस्त शहर में शोक की लहर है। माता गेट स्थित सूरजकुंड मंदिर महंत रमनपुरी ने बताया कि महंत विश्वनाथ पूरी ने अपने जीवन के 73 साल कैथल को दिए हैं। वे महज 25 साल की आयु में ही कैथल आए थे। उस दौरान वे कैथल में रमता पंच अष्ट कौशल महंत रहते हुए ही भ्रमण पर आए थे, जब उनके गुरु सुतेपुरी ने उन्हें यहां पर ही रहने का आदेश दिया। अपने गुरु के आदेश को मानते हुए वे कैथल ही रुक गए। रमनपुरी ने बताया कि गुरुजी का जन्म उड़ीसा के पुरी जिले के जगन्नाथ में हुआ था।
विज्ञापन

महज आठ से दस साल की आयु में ही उन्होंने साधु का चोला डाल लिया था। इसके बाद वे काशी और हरिद्वार में भी श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के डेरों में रहे। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के रमता पंच अष्ट कौशल महंत बनने के बाद वे पूरे देश के भ्रमण पर थे। उस दौरान वे कैथल भी पहुंचे। महंत विश्वनाथ पुरी शिव के आराधक थे। वे नागा देव दिगंबर थे। वे ब्रह्मकुंड मंदिर के साथ शीतलपुरी डेरे के महंत भी रहे हैं। वर्ष 1998 में उन्होंने शीतलपुरी डेरे की गद्दी अपने शिष्य निरंजन पुरी को सौंप दी थी।
विज्ञापन

उत्कृष्ट वैध थे, आयुष में वैद्य की स्नातक की थी
महंत रमनपुरी ने बताया कि महंत विश्वनाथ पुरी एक उत्कृष्ट वैद्य थे। उन्होंने आयुष वैद्य में स्नातक की थी। एक वैद्य होने के नाते वे मंदिर प्रांगण में औषधियां उगाते थे। इन औषधियों के माध्यम से ही वे जरूरतमंदों का इलाज करते थे, लेकिन पिछले करीब 20 साल से औषधियां उगा तो रहे थे, लेकिन इससे दवा नहीं उगाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

1998 के बाद से नहीं गए हरिद्वार
महंत रमनपुरी ने बताया कि महंत विश्वनाथ पुरी मंदिर में ही ईष्ट की भक्ति में लीन रहते थे। वे 1998 के बाद से कभी हरिद्वार नहीं गए थे। वे भगवान शिव की आराधना में ही लीन रहते थे। उनके चोला छोड़ने के बाद उनके शिष्यों, साधु समाज और शहर के लोग दुखी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed