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कैथल से अंबाला तक के किराये में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी, 20 रुपये महंगा हुआ सफर
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कैथल से अंबाला तक के किराये में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी, 20 रुपये महंगा हुआ सफर
एक टोल को क्रॉस करने के नाम पर यात्रियों से एक तरफ के पांच रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे
अंबाला तक एनएच पर बने दो टोल प्लाजा से बढ़ा बसों का किराया, हर रोज 2000 यात्री जाते हैं अंबाला-चंडीगढ़
फोटो संख्या : 04
जितेंद्र कुमार
कैथल। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा शुरू होते ही रोडवेज बसों के किराये में बढ़ोतरी कर दी गई है। एक टोल को क्रॉस करने के नाम पर यात्रियों से एक तरफ के पांच रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। ऐसे ही वापसी में होता है। बढ़े हुए किराये को लेकर कुछ रोडवेज और निजी बसों में तो यात्री बस के चालक और परिचालक से उलझते भी दिखाई देते हैं। ऐसे में बस के परिचालक उन्हें किराया बढ़ने का कारण सरकारी आदेश बता रहे हैं। बस में जब यात्री कर्मचारियों से उलझते हैं तो कर्मचारी उन्हें यह दिलासा देकर शांत करते हैं कि नेशनल हाइवे सरकार ने नहीं, बल्कि आप लोगों ने बनाया है। अगर सुविधा सुविधा आपके लिए दी गई है तो निश्चित तौर पर इसके खर्च की वसूली भी आपसे ही की जाएगी।
कैथल से अंबाला के बीच आते हैं दो टोल
एनएच पर कैथल से अंबाला के बीच दो टोल बेरियर आते हैं। इनमें से एक कैथल से मात्र 15 किलोमीटर दूर गांव थाना के पास है। दूसरा टोल इस्माइलाबाद के पास कुरुक्षेत्र जिले के गांव सैनी माजरा में आता है। निजी वाहनों में तो टोल टैक्स लगता ही है, अगर यात्री सरकारी बसों में सफर करते हैं तो भी टोल के पैसे यात्रियों को देने पड़ रहे हैं। अगर किसी यात्री को कैथल से अंबाला तक जाना पड़े तो दोनों टोल के नाम पर 10 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। इस तरह से अंबाला से कैथल तक आने-जाने में 20 रुपये की बढ़ौतरी हुई है। पहले अंबाला के लिए आने जाने पर 130 रुपये खर्च आते थे। अब आने जाने के लिए 150 रुपये की राशि खर्च करनी होगी।
कैथल से अंबाला रोजाना सफर करते हैं 1500 से 2000 यात्री
जानकारी के अनुसार कैथल से चंडीगढ़ और अंबाला जाने के लिए रोजाना 1500 से 2000 के बीच यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों से एक तरफ का लिया जाने वाला बढ़ा हुआ किराया भी हजारों रुपये बनता है। करीब इतने ही यात्री अंबाला की तरफ से कैथल की ओर आते हैं, जिन्हें टोल के नाम पर अतिरिक्त किराया अदा करना पड़ रहा है।
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असमंजस में यात्री, सुविधा समझें या दुविधा
अकेले कैथल डिपो से दिन में बसें इस हाइवे पर 10 से भी ज्यादा चक्कर लगाती हैं जो निजी बसों से अलग हैं। इसके अलावा अन्य डिपूओं की कैथल से होकर चंडीगढ़ और अंबाला जाने वाली बसों में भी यात्री सफर करते हैं। ऐसे में बढ़े हुए किराये को लेकर यात्रियों में इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि वे नेशनल हाइवे बनने को सुविधा समझें या दुविधा?
रोडवेज महाप्रबंधक रामकुमार ने बताया कि सरकार और विभाग मुख्यालय की ओर से आए आदेशों के अनुसार बसों का किराया बढ़ाया गया है। टोल बनने के बाद से ही यात्रियों से निर्धारित किराया लिया जा रहा है। पहले 65 रुपये अंबाला तक किराया था, अब यह बढ़कर 75 हो गया है।
एकदम से रेट बढ़ाना गलत
बस में सफर कर रहे यात्री शमशेर सिंह, गुरदेव, पूजा, संतोष देवी व श्रवण ने कहा कि एकदम से इतना किराया बढ़ाना गलत है। इससे यात्रियों का जेब पर बेवजह का खर्च बढ़ रहा है। जिन यात्रियों को रोजाना अपने कार्यों से टोल पार करना होता है उन्हें दिक्कतें ज्यादा होंगी। एक तो किराया पहले से अधिक है। उसके बाद टोल के नाम पर भी वसूली यात्रियों से ही हो रही है। अगर टोल ही देना है तो वे खुद के वाहन भी ले जा सकते हैं।
जल्द करवाई जाए सफाई सुचारु
बस स्टैंड पर पहुंचे बुजुर्ग केहर सिंह, नन्ही देवी, संजीव कुमार, छात्र अभिषेक व रोडवेज कर्मियों ने बताया कि बस स्टैंड पर कचरा फैलने के कारण एक तो यात्रियों को परेशानी हो रही है, वहीं बस स्टैंड की सुंदरता भी खराब होती है। जिस तरफ कचरा डालने के लिए डस्टबिन हैं, वहां नियमित सफाई न होने के कारण बदबू फैली रहती है। संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।
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एक टोल को क्रॉस करने के नाम पर यात्रियों से एक तरफ के पांच रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे
अंबाला तक एनएच पर बने दो टोल प्लाजा से बढ़ा बसों का किराया, हर रोज 2000 यात्री जाते हैं अंबाला-चंडीगढ़
फोटो संख्या : 04
जितेंद्र कुमार
कैथल। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे पर टोल प्लाजा शुरू होते ही रोडवेज बसों के किराये में बढ़ोतरी कर दी गई है। एक टोल को क्रॉस करने के नाम पर यात्रियों से एक तरफ के पांच रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। ऐसे ही वापसी में होता है। बढ़े हुए किराये को लेकर कुछ रोडवेज और निजी बसों में तो यात्री बस के चालक और परिचालक से उलझते भी दिखाई देते हैं। ऐसे में बस के परिचालक उन्हें किराया बढ़ने का कारण सरकारी आदेश बता रहे हैं। बस में जब यात्री कर्मचारियों से उलझते हैं तो कर्मचारी उन्हें यह दिलासा देकर शांत करते हैं कि नेशनल हाइवे सरकार ने नहीं, बल्कि आप लोगों ने बनाया है। अगर सुविधा सुविधा आपके लिए दी गई है तो निश्चित तौर पर इसके खर्च की वसूली भी आपसे ही की जाएगी।
कैथल से अंबाला के बीच आते हैं दो टोल
एनएच पर कैथल से अंबाला के बीच दो टोल बेरियर आते हैं। इनमें से एक कैथल से मात्र 15 किलोमीटर दूर गांव थाना के पास है। दूसरा टोल इस्माइलाबाद के पास कुरुक्षेत्र जिले के गांव सैनी माजरा में आता है। निजी वाहनों में तो टोल टैक्स लगता ही है, अगर यात्री सरकारी बसों में सफर करते हैं तो भी टोल के पैसे यात्रियों को देने पड़ रहे हैं। अगर किसी यात्री को कैथल से अंबाला तक जाना पड़े तो दोनों टोल के नाम पर 10 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। इस तरह से अंबाला से कैथल तक आने-जाने में 20 रुपये की बढ़ौतरी हुई है। पहले अंबाला के लिए आने जाने पर 130 रुपये खर्च आते थे। अब आने जाने के लिए 150 रुपये की राशि खर्च करनी होगी।
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कैथल से अंबाला रोजाना सफर करते हैं 1500 से 2000 यात्री
जानकारी के अनुसार कैथल से चंडीगढ़ और अंबाला जाने के लिए रोजाना 1500 से 2000 के बीच यात्री सफर करते हैं। इन यात्रियों से एक तरफ का लिया जाने वाला बढ़ा हुआ किराया भी हजारों रुपये बनता है। करीब इतने ही यात्री अंबाला की तरफ से कैथल की ओर आते हैं, जिन्हें टोल के नाम पर अतिरिक्त किराया अदा करना पड़ रहा है।
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असमंजस में यात्री, सुविधा समझें या दुविधा
अकेले कैथल डिपो से दिन में बसें इस हाइवे पर 10 से भी ज्यादा चक्कर लगाती हैं जो निजी बसों से अलग हैं। इसके अलावा अन्य डिपूओं की कैथल से होकर चंडीगढ़ और अंबाला जाने वाली बसों में भी यात्री सफर करते हैं। ऐसे में बढ़े हुए किराये को लेकर यात्रियों में इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि वे नेशनल हाइवे बनने को सुविधा समझें या दुविधा?
रोडवेज महाप्रबंधक रामकुमार ने बताया कि सरकार और विभाग मुख्यालय की ओर से आए आदेशों के अनुसार बसों का किराया बढ़ाया गया है। टोल बनने के बाद से ही यात्रियों से निर्धारित किराया लिया जा रहा है। पहले 65 रुपये अंबाला तक किराया था, अब यह बढ़कर 75 हो गया है।
एकदम से रेट बढ़ाना गलत
बस में सफर कर रहे यात्री शमशेर सिंह, गुरदेव, पूजा, संतोष देवी व श्रवण ने कहा कि एकदम से इतना किराया बढ़ाना गलत है। इससे यात्रियों का जेब पर बेवजह का खर्च बढ़ रहा है। जिन यात्रियों को रोजाना अपने कार्यों से टोल पार करना होता है उन्हें दिक्कतें ज्यादा होंगी। एक तो किराया पहले से अधिक है। उसके बाद टोल के नाम पर भी वसूली यात्रियों से ही हो रही है। अगर टोल ही देना है तो वे खुद के वाहन भी ले जा सकते हैं।
जल्द करवाई जाए सफाई सुचारु
बस स्टैंड पर पहुंचे बुजुर्ग केहर सिंह, नन्ही देवी, संजीव कुमार, छात्र अभिषेक व रोडवेज कर्मियों ने बताया कि बस स्टैंड पर कचरा फैलने के कारण एक तो यात्रियों को परेशानी हो रही है, वहीं बस स्टैंड की सुंदरता भी खराब होती है। जिस तरफ कचरा डालने के लिए डस्टबिन हैं, वहां नियमित सफाई न होने के कारण बदबू फैली रहती है। संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।