{"_id":"653abddde12a91d32406c14b","slug":"burnt-stubble-deteriorating-climate-health-hazards-kaithal-news-c-18-1-knl1004-250940-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: जली पराली, बिगड़ी आबोहवा, स्वास्थ्य के लिए खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: जली पराली, बिगड़ी आबोहवा, स्वास्थ्य के लिए खतरा
Fri, 27 Oct 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 27 Oct 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। फसल अवशेष जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने एक ही दिन में नौ किसानों पर केस दर्ज किए हैं। यह शिकायत जिला प्रशासन के आदेश पर कृषि विभाग की ओर से की गई है। वहीं, फसल अवशेष जलाने के मामले में अब तक जिले में 35 किसानों पर केस हुआ है, जबकि 220 मामलों में लगभग चार लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। वीरवार को एक्यूआई 271 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक श्रेणी में आता है।
विदित हो कि इस बार प्रशासन व कृषि विभाग फसल अवशेष जलाने के मामले में सक्रिय है। किसानों को बार बार गांवों में जाकर जागरूक किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी किसान नहीं माने तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता है।
अब तक जिले में 35 किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उधर, बार बार फसल अवशेष जलाने से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ रहा है, जो बेहद स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार करने वाली श्रेणी में पहुंच चुका है। वीरवार को दोपहर तीन बजे 271 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
वीरवार को एक साथ तीन थानों में नौ किसानों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें गुहला थाना में पांच, कैथल सदर थाना और कलायत थाना में दो-दो मामले में दर्ज किए गए हैं। केस-1
गुहला थाना में दी गई शिकायत में कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि 24 अक्तूबर को पराली के अवशेष जलाएं हैं। यह फसल अवशेष आरोपी बिल्लु राम निवासी खरौदी ने गांव दुसेरपुर में जलाए हैं। जांच अधिकारी सुभाष ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-2
दूसरे मामले में गुहला थाना में दी शिकायत में कृषि विभाग की अतिरिक्त तकनीकी प्रबंधक रीना ने बताया कि अगौंध निवासी नरवैल सिंह ने 22 अक्तूबर को गांव में ही पराली के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी विकास ने बताया कि इस मामले में आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-3
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिंह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया कि गांव सुल्तानियां में सुल्तानियां निवासी अजय पाल ने 23 अक्तूबर को पराली के अवशेष जलाएं हैं। ASI मनोज ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-4
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया गांव सुल्तानियां में सुल्तानियां निवासी सत्यावान सिंह ने 21 अक्तूबर 19 को पराली के अवशेष जलाए हैं। जांच अधिकारी मनोज ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-5
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिंह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया कि गांव सुल्तानियां निवासी जंगीर सिंह ने 21 अक्तूबर 2023 को एक एकड में पराली के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी सत्यवान ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-6
कृषि अधिकारी हरदीप ने कैथल सदर थाना में दी शिकायत दी कि उन्हें 21 अक्तूबर 23 को हरसक से जानकारी मिली कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान कुछ किसानों ने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। ग्राम स्तरीय निगरानी टीम को खेतों के निरीक्षण के दौरान मिला कि इन किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव मानस निवासी खजानी शामिल है। जांच अधिकारी कुलदीप ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-7
आठवें मामले में कलायत थाना में दी गई शिकायत में कृषि विभाग के सुपरवाइजर ऋषिपाल ने बताया कि 15 अक्तूबर 2023 को हरसेक से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान पाया कि किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव कैलरम निवासी रामदिया ने अपने खेतों में फसल अवशेष जलाए हैं। जांच अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-8
कलायत थाना में दी शिकायत में कृषि पर्यवेक्षक राकेश कुमार ने बताया कि 15 अक्तूबर 2023 को हरसेक से जानकारी प्राप्त हुई कि ग्राम स्तरीय टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान पाया कि कुछ किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव ब्राहमणीवाला निवासी राजेश कुमार ने पराली में आग लगा प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन किया है। जांच अधिकारी बलवान ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-9
अधिकारी ने कैथल सदर थाना में दी शिकायत में बताया कि उन्हें हरसक से प्राप्त जानकारी मिली कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण में पाया कि किसानों ने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। टीम ने निरीक्षण में पाया गया कि किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव सिरटा निवासी रामसरूप ने एक एकड़ में फसलों के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी संजीन ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सहायक कृषि अभियंता एवं फसल अवशेष प्रबंधन के नोडल अधिकारी जगदीश मलिक ने बताया कि फसल अवशेष के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। जो किसान बार बार जागरूक करने पर भी मान रहे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अब तक 35 किसानों पर मुकदमा और 220 किसानों पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
विज्ञापन
कैथल। फसल अवशेष जलाने के मामले में जिला प्रशासन ने एक ही दिन में नौ किसानों पर केस दर्ज किए हैं। यह शिकायत जिला प्रशासन के आदेश पर कृषि विभाग की ओर से की गई है। वहीं, फसल अवशेष जलाने के मामले में अब तक जिले में 35 किसानों पर केस हुआ है, जबकि 220 मामलों में लगभग चार लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। वीरवार को एक्यूआई 271 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद ही खतरनाक श्रेणी में आता है।
विदित हो कि इस बार प्रशासन व कृषि विभाग फसल अवशेष जलाने के मामले में सक्रिय है। किसानों को बार बार गांवों में जाकर जागरूक किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी किसान नहीं माने तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता है।
विज्ञापन
अब तक जिले में 35 किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उधर, बार बार फसल अवशेष जलाने से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ रहा है, जो बेहद स्वस्थ व्यक्ति को भी बीमार करने वाली श्रेणी में पहुंच चुका है। वीरवार को दोपहर तीन बजे 271 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
वीरवार को एक साथ तीन थानों में नौ किसानों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें गुहला थाना में पांच, कैथल सदर थाना और कलायत थाना में दो-दो मामले में दर्ज किए गए हैं। केस-1
गुहला थाना में दी गई शिकायत में कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि 24 अक्तूबर को पराली के अवशेष जलाएं हैं। यह फसल अवशेष आरोपी बिल्लु राम निवासी खरौदी ने गांव दुसेरपुर में जलाए हैं। जांच अधिकारी सुभाष ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-2
दूसरे मामले में गुहला थाना में दी शिकायत में कृषि विभाग की अतिरिक्त तकनीकी प्रबंधक रीना ने बताया कि अगौंध निवासी नरवैल सिंह ने 22 अक्तूबर को गांव में ही पराली के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी विकास ने बताया कि इस मामले में आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-3
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिंह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया कि गांव सुल्तानियां में सुल्तानियां निवासी अजय पाल ने 23 अक्तूबर को पराली के अवशेष जलाएं हैं। ASI मनोज ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-4
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया गांव सुल्तानियां में सुल्तानियां निवासी सत्यावान सिंह ने 21 अक्तूबर 19 को पराली के अवशेष जलाए हैं। जांच अधिकारी मनोज ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-5
कृषि विभाग के अधिकारी कर्मबीर सिंह ने गुहला थाना में दी शिकायत में बताया कि गांव सुल्तानियां निवासी जंगीर सिंह ने 21 अक्तूबर 2023 को एक एकड में पराली के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी सत्यवान ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-6
कृषि अधिकारी हरदीप ने कैथल सदर थाना में दी शिकायत दी कि उन्हें 21 अक्तूबर 23 को हरसक से जानकारी मिली कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान कुछ किसानों ने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। ग्राम स्तरीय निगरानी टीम को खेतों के निरीक्षण के दौरान मिला कि इन किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव मानस निवासी खजानी शामिल है। जांच अधिकारी कुलदीप ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-7
आठवें मामले में कलायत थाना में दी गई शिकायत में कृषि विभाग के सुपरवाइजर ऋषिपाल ने बताया कि 15 अक्तूबर 2023 को हरसेक से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान पाया कि किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव कैलरम निवासी रामदिया ने अपने खेतों में फसल अवशेष जलाए हैं। जांच अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-8
कलायत थाना में दी शिकायत में कृषि पर्यवेक्षक राकेश कुमार ने बताया कि 15 अक्तूबर 2023 को हरसेक से जानकारी प्राप्त हुई कि ग्राम स्तरीय टीम ने खेतों के निरीक्षण के दौरान पाया कि कुछ किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव ब्राहमणीवाला निवासी राजेश कुमार ने पराली में आग लगा प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन किया है। जांच अधिकारी बलवान ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-9
अधिकारी ने कैथल सदर थाना में दी शिकायत में बताया कि उन्हें हरसक से प्राप्त जानकारी मिली कि ग्राम स्तरीय निगरानी टीम ने खेतों के निरीक्षण में पाया कि किसानों ने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। टीम ने निरीक्षण में पाया गया कि किसानों ने अपने खेतों में धान के अवशेष जलाए हैं। इसमें गांव सिरटा निवासी रामसरूप ने एक एकड़ में फसलों के अवशेष जलाएं हैं। जांच अधिकारी संजीन ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सहायक कृषि अभियंता एवं फसल अवशेष प्रबंधन के नोडल अधिकारी जगदीश मलिक ने बताया कि फसल अवशेष के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। जो किसान बार बार जागरूक करने पर भी मान रहे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। अब तक 35 किसानों पर मुकदमा और 220 किसानों पर जुर्माना लगाया जा चुका है।