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फसल अवशेष जलाना गैर कानूनी, धारा 144 लागू
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जिले में तमाम प्रयासों के बावजूद इस बार अभी तक 20 आगजनी की घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। जो पिछले साल से तो कम हैं। लेकिन इन घटनाओं के संज्ञान में आने के बाद भी डीसी प्रदीप दहिया ने सख्त निर्देश जारी कर आग लगाने को अब गैर कानूनी करार देते हुए धारा 144 लागू कर दी है। जिसके तहत पूरे जिले में फसल अवशेष जलाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। डायल 112 पर अब फाने जलाने की सूचना दी जा सकेगी। सभी पुलिस कर्मचारियों को इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि फसल अवशेष नहीं जलाने को लेकर किसानों को जागरुक किया जा रहा है, परंतु फिर भी रेड जोन एरिया में फाने जलाने के मामले सामने आए हैं, ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जहां भी फाने जलाने का मामला आता है नंबरदार और आमजन उसकी जानकारी तुरंत डायल 112 पर दें और थाना प्रभारी गांवों में अपनी गश्त बढ़ाएं, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।
राजस्व अधिकारी सभी पटवारियों को निर्देश दें कि वे नंबरदार के साथ मौके पर पहुंच कर उचित कार्रवाई करें। पटवारी गांव में पहुंच कर लोकेशन शेयर करें व मौके की स्थिति उच्चाधिकारियों को स्पष्ट करें नहीं तो उक्त के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, डीएसपी कुलवंत, सुनील, रविंद्र सांगवान, कृषि उपनिदेशक डॉ कर्मचंद, एसडीएम संजय कुमार, नवीन कुमार, विरेंद्र ढूल, डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, डीआईओ, डीपीआरओ व अन्य संबंधित मौजूद रहे।
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संबंधित अधिकारी रेड जोन एरिया पर रखें नजर-गुहला में अगोंध, बलबेहड़ा, भागल, भूसला, मस्तगढ़, रत्ता खेड़ा लुकमान, सुल्तानिया, भूना, खरौदी, पीडल रेड जोन में है। जबकि कैथल में बरोट, गुहणा, क्योडक़, बाबा लदाना, पाडला, पट्टी डोगर, सिरटा, बुड्डाखेड़ा, मानस, नौच रेड जोन में शामिल है। जबकि सीवन में डोहर, फिरोजपुर, खेड़ी गुलाम अली, कवारतन, लदाना चक्कू, पिसौल, रसूलपुर, थेह खरक, उरलाना, अटेला, खरक, ककराला शामिल है। संबंधित अधिकारी सभी गांवों पर नजर रखें और उचित कार्रवाई करें।
फाने जलाने पर धारा 144 लागू-जिलाधीश प्रदीप दहिया ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत जिला की सीमा में तुरंत प्रभाव से धान की फसल के अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश इन अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के स्वास्थ्य, संपत्ति की हानि, तनाव, क्रोध या मानव जीवन को संभावित खतरों के दृष्टिगत जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त इन अवशेषों को जलाने से पशुओं के चारे की भी कमी होती है।
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लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि फसल अवशेष नहीं जलाने को लेकर किसानों को जागरुक किया जा रहा है, परंतु फिर भी रेड जोन एरिया में फाने जलाने के मामले सामने आए हैं, ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जहां भी फाने जलाने का मामला आता है नंबरदार और आमजन उसकी जानकारी तुरंत डायल 112 पर दें और थाना प्रभारी गांवों में अपनी गश्त बढ़ाएं, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।
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राजस्व अधिकारी सभी पटवारियों को निर्देश दें कि वे नंबरदार के साथ मौके पर पहुंच कर उचित कार्रवाई करें। पटवारी गांव में पहुंच कर लोकेशन शेयर करें व मौके की स्थिति उच्चाधिकारियों को स्पष्ट करें नहीं तो उक्त के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, डीएसपी कुलवंत, सुनील, रविंद्र सांगवान, कृषि उपनिदेशक डॉ कर्मचंद, एसडीएम संजय कुमार, नवीन कुमार, विरेंद्र ढूल, डीडीपीओ जसविंद्र सिंह, राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, डीआईओ, डीपीआरओ व अन्य संबंधित मौजूद रहे।
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संबंधित अधिकारी रेड जोन एरिया पर रखें नजर-गुहला में अगोंध, बलबेहड़ा, भागल, भूसला, मस्तगढ़, रत्ता खेड़ा लुकमान, सुल्तानिया, भूना, खरौदी, पीडल रेड जोन में है। जबकि कैथल में बरोट, गुहणा, क्योडक़, बाबा लदाना, पाडला, पट्टी डोगर, सिरटा, बुड्डाखेड़ा, मानस, नौच रेड जोन में शामिल है। जबकि सीवन में डोहर, फिरोजपुर, खेड़ी गुलाम अली, कवारतन, लदाना चक्कू, पिसौल, रसूलपुर, थेह खरक, उरलाना, अटेला, खरक, ककराला शामिल है। संबंधित अधिकारी सभी गांवों पर नजर रखें और उचित कार्रवाई करें।
फाने जलाने पर धारा 144 लागू-जिलाधीश प्रदीप दहिया ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 के तहत जिला की सीमा में तुरंत प्रभाव से धान की फसल के अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश इन अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण से मनुष्य के स्वास्थ्य, संपत्ति की हानि, तनाव, क्रोध या मानव जीवन को संभावित खतरों के दृष्टिगत जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त इन अवशेषों को जलाने से पशुओं के चारे की भी कमी होती है।