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Kaithal News: नागरिक अस्पताल में दवाओं के बजट का बोझ

Fri, 18 Aug 2023 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 18 Aug 2023 12:15 AM IST
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Budget burden of medicines in civil hospital
कमल बहल
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ंकैथल। जिला नागरिक अस्पताल में दवाओं के बजट का बोझ लगातार बढ़ रहा है। पिछले एक साल में आई दवाओं के दो करोड़ रुपये के बजट में से महज 30 लाख रुपये का ही भुगतान हो पाया है। जबकि अन्य बजट अभी तक सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया है। वहीं, पिछले करीब पांच महीने से दवाएं खरीदने के लिए सरकार ने हरियाणा मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन के नाम से अलग से प्रकोष्ठ बनाया है।

गौरतलब है कि अब सरकारी अस्पताल में बाहर से आने वाली दवाएं इसी प्रकोष्ठ की तरफ से खरीदी जाती है। जबकि करीब पौने दो करोड़ रुपये का बजट सरकारी अस्पताल में अपने स्तर पर खरीदी गई दवाओं का ही है। इसका कारण अस्पताल में आई दवाओं के भुगतान के लिए सरकार की तरफ से बजट नहीं दिया जाना। इस कारण अस्पताल में आई दवाओं का पिछले छह महीने से भुगतान नहीं हो पाया है। बता दें कि यह राशि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत निशुल्क वितरित की जाने वाली दवाओं की है।
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गौरतलब है कि सरकार ने कुछ समय पहले ही जिला स्तर पर दवाओं की कमी रहने पर स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को दवाएं खरीदने की अनुमति दी थी। इसके तहत पिछले वर्ष 2022 की अप्रैल से लेकर मार्च 2023 तक आई दवाओं का ही करीब पौने करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। जिले में तीन मेडिकल स्टोर संचालकों को सरकारी अस्पताल में दवाएं देने के लिए अनुमति दे रखी है। इसी अनुमति के तहत ही सरकारी अस्पताल में दवाएं आती हैं। इसके तहत दो करोड़ में से महज 30 लाख रुपये का ही भुगतान अभी तक हो पाया है।
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नागरिक अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रतिदिन एक हजार से अधिक की ओपीडी अस्पताल में होती है। इतने ही मरीजों को प्रतिदिन दवाएं निशुल्क वितरित की जाती है। ऐसे में बाहर से भी काफी दवाएं आती हैं। इस स्थिति में ही अस्पताल में दवाएं आई थी और अब इनका भुगतान नहीं हुआ है।


कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र गर्ग ने बताया कि पिछले वित्त वर्षों में करीब दो करोड़ रुपये की दवाएं पूरे जिले के अस्पतालों में आई है। इसके तहत सरकार ने करीब 30 लाख रुपये विभाग को दिए हैं। बची हुई राशि अभी तक नहीं आई है। अभी 60 लाख रुपये की अनुमति और मिली है। यह राशि भी जल्द ही दे दी जाएगी। हालांकि अस्पतालों में दवाएं सरकार अपने स्तर पर हरियाणा मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन के माध्यम से खरीद रही है। संवाद
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