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गुजरात में पैदा हुईं..हांसी में विवाह हुआ, कैथल में अपने काम से बनीं हैं प्रेरणास्त्रोत
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कैथल। मन में कुछ करने का जज्बा हो तो हर बाधाओं को पार पाया जा सकता है। विशेष रूप से जब आप महिला हैं तो आपको जीवन में आगे बढ़ने में परेशानियां आती हैं। बस आपको अपने परिवार को विश्वास में लेकर अपनी आवाज बुलंद कर आगे बढ़ना है। तब आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। यह कहना हैं उत्तरी हरियाणा विद्युत निगम में निदेशक एवं कैथल से पार्षद ज्योति सैनी के। ज्योति इस समय कैथल में महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
ज्योति सैनी ने बताया कि उनका जन्म गुजरात के बनासकांठा जिले में डीसा एरिया में हुआ था। उनके मामा जयपुर में रहते हैं। उनके मामा ने उनके लिए कैथल में अधिवक्ता कृष्ण सैनी एडवोकेट का रिश्ता भेजा। जो उनके माता-पिता ने स्वीकार कर लिया। उनकी ससुराल हिसार के हांसी में है। लेकिन उनके पति कृष्ण सैनी बचपन से ही कैथल में रहते थे। इसी कारण वे भी शादी के एक माह बाद हांसी से कैथल आ गईं और यहीं पर राम नगर में विकास बाल शिक्षण सदन नाम से स्कूल शुरू किया। स्कूल संचालन के साथ-साथ वर्ष 2016 में उन्होंने महिला के लिए आरक्षित वार्ड से बतौर पार्षद चुनाव लड़ा। जिसमें उन्होंने जीत हासिल कर क्षेत्र में मूलभूत समस्याओं का समाधान करवाया।
इसी दौरान उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका का निर्णय लिया और भाजपा में वे बतौर महिला विंग की जिला अध्यक्ष रहीं। उन्हें सरकार में उत्तरी हरियाणा विद्युत वितरण निगम में निदेशक बनाया गया। जिसके माध्यम से वे क्षेत्र में बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान करवा रही हैं।
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बतौर महिला अपने जीवन में आगे बढ़ने में आई परेशानियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने विवाह तक एम.कॉम, एलएलबी की डिग्री हासिल कीं। पहले उनके माता-पिता व बाद में उनके ससुराल पक्ष व पति कृष्ण सैनी एडवोकेट का पूरा सहयोग मिला। उन्हें जीवन में महिला होने के नाते कभी कोई दिक्कत नहीं आई। लेकिन अक्सर महिलाओं को आगे बढ़ने में काफी दिक्कतें आती हैं। लेकिन जब भी उन्हें कोई दिक्कत आए, किसी प्रकार के शोषण व पुरुष प्रधान समाज में दिक्कतें आएं, तो वे सबसे पहले अपने परिवार को विश्वास में लें। फिर उस परिस्थिति के खिलाफ आवाज बुलंद करें, जिस कारण उन्हें दिक्कतें आ रही हैं तो कोई ऐसी परिस्थिति नहीं है कि उन्हें पीछे रहना पड़े। सफलता अवश्य उनके कदम चूमेंगी। वे स्वयं राजनीति में सक्रिय हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटियों को आगे बढ़ाएं। उन्हें अवसर प्रदान करें। उन पर विश्वास करें।
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ज्योति सैनी ने बताया कि उनका जन्म गुजरात के बनासकांठा जिले में डीसा एरिया में हुआ था। उनके मामा जयपुर में रहते हैं। उनके मामा ने उनके लिए कैथल में अधिवक्ता कृष्ण सैनी एडवोकेट का रिश्ता भेजा। जो उनके माता-पिता ने स्वीकार कर लिया। उनकी ससुराल हिसार के हांसी में है। लेकिन उनके पति कृष्ण सैनी बचपन से ही कैथल में रहते थे। इसी कारण वे भी शादी के एक माह बाद हांसी से कैथल आ गईं और यहीं पर राम नगर में विकास बाल शिक्षण सदन नाम से स्कूल शुरू किया। स्कूल संचालन के साथ-साथ वर्ष 2016 में उन्होंने महिला के लिए आरक्षित वार्ड से बतौर पार्षद चुनाव लड़ा। जिसमें उन्होंने जीत हासिल कर क्षेत्र में मूलभूत समस्याओं का समाधान करवाया।
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इसी दौरान उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका का निर्णय लिया और भाजपा में वे बतौर महिला विंग की जिला अध्यक्ष रहीं। उन्हें सरकार में उत्तरी हरियाणा विद्युत वितरण निगम में निदेशक बनाया गया। जिसके माध्यम से वे क्षेत्र में बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान करवा रही हैं।
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बतौर महिला अपने जीवन में आगे बढ़ने में आई परेशानियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने विवाह तक एम.कॉम, एलएलबी की डिग्री हासिल कीं। पहले उनके माता-पिता व बाद में उनके ससुराल पक्ष व पति कृष्ण सैनी एडवोकेट का पूरा सहयोग मिला। उन्हें जीवन में महिला होने के नाते कभी कोई दिक्कत नहीं आई। लेकिन अक्सर महिलाओं को आगे बढ़ने में काफी दिक्कतें आती हैं। लेकिन जब भी उन्हें कोई दिक्कत आए, किसी प्रकार के शोषण व पुरुष प्रधान समाज में दिक्कतें आएं, तो वे सबसे पहले अपने परिवार को विश्वास में लें। फिर उस परिस्थिति के खिलाफ आवाज बुलंद करें, जिस कारण उन्हें दिक्कतें आ रही हैं तो कोई ऐसी परिस्थिति नहीं है कि उन्हें पीछे रहना पड़े। सफलता अवश्य उनके कदम चूमेंगी। वे स्वयं राजनीति में सक्रिय हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटियों को आगे बढ़ाएं। उन्हें अवसर प्रदान करें। उन पर विश्वास करें।