{"_id":"65e24b79b3afba17b300ea34","slug":"boards-preparation-to-build-a-beautiful-ghat-on-the-banks-of-saraswati-dhumman-singh-kaithal-news-c-245-1-kht1001-112141-2024-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोर्ड की सरस्वती के किनारे सुंदर घाट बनाने की तैयारी : धुम्मन सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोर्ड की सरस्वती के किनारे सुंदर घाट बनाने की तैयारी : धुम्मन सिंह
Sat, 02 Mar 2024 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 02 Mar 2024 03:11 AM IST
विज्ञापन
सीवन/ कैथल। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धम्मन सिंह किरमच ने शुक्रवार को गांव सौथा में सरस्वती के नजदीक घाट का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के तट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भी तपस्या की थी। इस स्थान पर सरस्वती बोर्ड की सुंदर घाट बनाने की योजना है। सरस्वती के किनारे जितने भी पवित्र स्थल लगते हैं। उन सभी का जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है। इसी प्रकार सौथा गांव में भी जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों ने सरस्वती नदी के किनारे स्थित इस मंदिर व घाट जीर्णोद्धार का कार्य करने की मांग की। जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का मानना है कि गांव सौथा जहां स्वयं सुभाष चंद्र बोस लंबे समय तक साधु के भेष में छुप कर रहे व देश के लिए अपने अंतिम समय में तपस्या की। नेताजी सुभाष चंद्र बोस कम से कम छह सात साल यहां पर इस आश्रम में भेष बदलकर सरस्वती के किनारे रुके थे। किरमिच ने बताया कि जिस तरह से सभी ग्रंथों में भी बड़े ऋषि मुनियों ने सरस्वती नदी के किनारे तपस्या की। उसी तरह से नेता जी ने भी सरस्वती के तट पर तपस्या की। यहां पर सरस्वती के किनारे बहुत सुंदर घाट बनाना सरस्वती बोर्ड की योजना है, जिसे सरकार द्वारा जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, मंडल अध्यक्ष ठाटी शर्मा, शैली मुंजाल गांव के सरंपच साहब सिंह सौथा आदि मौजूद थे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का मानना है कि गांव सौथा जहां स्वयं सुभाष चंद्र बोस लंबे समय तक साधु के भेष में छुप कर रहे व देश के लिए अपने अंतिम समय में तपस्या की। नेताजी सुभाष चंद्र बोस कम से कम छह सात साल यहां पर इस आश्रम में भेष बदलकर सरस्वती के किनारे रुके थे। किरमिच ने बताया कि जिस तरह से सभी ग्रंथों में भी बड़े ऋषि मुनियों ने सरस्वती नदी के किनारे तपस्या की। उसी तरह से नेता जी ने भी सरस्वती के तट पर तपस्या की। यहां पर सरस्वती के किनारे बहुत सुंदर घाट बनाना सरस्वती बोर्ड की योजना है, जिसे सरकार द्वारा जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, मंडल अध्यक्ष ठाटी शर्मा, शैली मुंजाल गांव के सरंपच साहब सिंह सौथा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन