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Kaithal: जजपा को बड़ा झटका, जिला परिषद की बैठक में भाजपा के उपाध्यक्ष को मिला ग्रांट वितरण का अधिकार
Tue, 07 Feb 2023 03:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 07 Feb 2023 03:25 PM IST
सार
मंगलवार सुबह जिला परिषद की बैठक दीप मलिक जाखौली की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सबसे पहले सभी सदस्यों व अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने परिचय दिया। इसके बाद अधिकारियों ने परिचय दिया। पहले एजेंडे में राज्य वित्त आयोग की पांच करोड़ 58 लाख व 15वें वित्त आयोग की 96 लाख की ग्रांट वितरण के बारे में फैसला लेने पर चर्चा हुई।
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कैथल जिला परिषद की बैठक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
कैथल में दो साल बाद हुई जिला परिषद की पहली बैठक में जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली को बड़ा झटका लगा। भाजपा के उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने छह करोड़ 55 लाख रुपये की ग्रांट बांटने का बहुमत से अधिकार प्राप्त कर लिया। चुनाव के बाद हुई पहली ही बैठक में भाजपा ने जजपा को गठबंधन में होते हुए गच्चा दे दिया और 15 वोट हासिल कर ग्रांट वितरण के अधिकार पर 11 वोटों के मुकाबले चार वोट से पराजित कर दिया।
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बैठक के तुरंत बाद जिला परिषद अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर हमेशा साजिश की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही राज्यमंत्री कमेलश ढांडा पर विकास कार्यों में कमीशनखोरी का आरोप लगाया। उन्होंने इस बारे में पार्टी हाईकमान को अवगत करवाने की बात कही।
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मंगलवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे जिला परिषद की बैठक दीप मलिक जाखौली की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सबसे पहले सभी सदस्यों व अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने परिचय दिया। इसके बाद अधिकारियों ने परिचय दिया। पहले एजेंडे में राज्य वित्त आयोग की पांच करोड़ 58 लाख व 15वें वित्त आयोग की 96 लाख की ग्रांट वितरण के बारे में फैसला लेने पर चर्चा हुई। सीईओ ने बताया कि सदन बहुमत से इस बात का फैसला कर सकता है कि इस ग्रांट का वितरण कैसे हो। इस पर एक सदस्य बलवान ने ग्रांट वितरण की पावर अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली को देने की बात कही। उनके समर्थन में कुल 11 सदस्यों ने हाथ उठाए। इसके बाद सदस्य मनीष ने यह पावर उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल को देने का प्रस्ताव रखा। उनके समर्थन में 10 जिला परिषद सदस्यों के अलावा पांच पंचायत समितियों के अध्यक्षों ने हाथ उठा दिए। इस तरह इनकी वोट 15 हो गई। जबकि अध्यक्ष खेमे के पास 11 वोट रह गई। सीईओ ने स्पष्ट किया कि जिला परिषद की बैठक में 21 जिप सदस्यों सहित सात पंचायत समिति के चेयरमैन, चार विधायक, एक सांसद को वोट का अधिकार है। इस बैठक में ग्रांट वितरण पर चूंकि उपाध्यक्ष के पक्ष में बहुमत है। इसीलिए यह 6.55 करोड़ की ग्रांट वितरण का अधिकार उपाध्यक्ष को दिया जाता है। इसके बाद कुछ अन्य कार्यों पर चर्चा हुई। इसके बाद अध्यक्ष बैठक से निकल लिए।
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बैठक के तुरंत बाद जिप अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली ने कहा कि भाजपा हमेशा से जोड़-तोड़ की राजनीति करती आई है। अधिकारों को छीनना भाजपा का काम है। गठबंधन में भाजपा ने उपाध्यक्ष का पद प्रार्थना करके लिया था। उन्हें इस बात का आभास नहीं था कि भाजपा पहली ही बैठक में साजिश रच कर इस तरह से ग्रांट वितरण पर अधिकार लेगी। यह उनकी जोड़-तोड़ की राजनीति को दर्शाता है। दो माह तक जिप अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव से पहले सब देख चुके हैं। भाजपा का विकास करवाना लक्ष्य नहीं, भाजपा को जोड़-तोड़ की राजनीति करनी है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
राज्यमंत्री कमलेश ढांडा कोई विकास नहीं करवा रही। वे कमीशनखोरी करती हैं। सांसद हो, जिला अध्यक्ष हों या अन्य नेता, उनकी मंशा विकास कार्य करवाने की नहीं है। भाजपा जो मर्जी करे, फिर भी भुगतान करने पर अंतिम तौर हस्ताक्षर अध्यक्ष के होंगे। उपाध्यक्ष को ग्रांट वितरण का अधिकार मिलने के बाद मिलकर काम करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिसका अधिकार है, उसी को दिया जाना चाहिए। दो माह तक भाजपा ने जोड़तोड़ की। उस समय सफल नहीं हुए तो अब ये किया जा रहा है। वे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह के सामने पूरा मामला रखेंगे। हम गठबंधन पर टिके हुए थे लेकिन भाजपा ने साजिश रची है।
उपाध्यक्ष ने फैसले का बताया लोकतांत्रिक
उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि बहुमत से सदस्यों ने ग्रांट वितरण का अधिकार उन्हें दिया है। सभी 21 सदस्यों से सलाह करके विकास कार्य करवाए जाएंगे। वे अध्यक्ष के साथ मिलकर विकास कार्य करवाएंगे। पहली ही बैठक में वोटिंग से ग्रांट वितरण को लेकर मतदान के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बहुमत से फैसला है। लोकतंत्र में बहुमत से ही बात मानी जाती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जैसे सभी हलकों में समान विकास कार्य करवा रहे हैं, यहां भी 21 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य किए जाएंगे।
गठबंधन में दरार
जनवरी में हुए जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के दिन सांसद नायब सैनी, जजपा नेता दिग्विजय चौटाला ने गठबंधन में समझौते की बात कही थी। दोनों ने कहा था कि अध्यक्ष जजपा को तो उपाध्यक्ष भाजपा को मिला है। दोनों मिलकर काम करेंगे, लेकिन पहली ही बैठक में गठबंधन में दरार आ गई। ग्रांट वितरण पर जजपा को मुंह की खानी पड़ी, या यूं कहा जाए कि भाजपा ने जिप अध्यक्ष का पद गंवाने के बाद भाजपा को धोबी पछाड़ दांव से चित कर दिया है। आने वाले समय में देखना होगा कि यह गठबंधन धर्म जिला परिषद में कितना आगे तक चल पाता है।
वहीं जिला परिषद कैथल चेयरमैन दीप मलिक के आरोप पर महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि बिना तथ्य, बिना आधार कोई भी बात कहना नादानी होती है। मगर जिस दर्द में उन्होंने कहा है, वह तो हाउस के सदस्यों का अधिकार क्षेत्र है, जिसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। जिला परिषद में विकास कार्यों में सहयोग करने का मैंने वायदा किया है, मैं उसे निभाऊंगी।