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गांव में घुसे तो बनाएंगे बंधक : पबनावा
ब्यूरो/अमर उजाला ढांड।
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बिजली विभाग की जगमग योजना के विरोध में चंदलाना के ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ एकजुट होकर हुंकार भर ली है। भाकियू के बैनर तले प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा की अध्यक्षता में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर बिजली विभाग की योजना का विरोध किया है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पबनावा ने कहा कि जब तक सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं करती, तब तक किसान बिजली विभाग की कोई भी ऐसी योजना जो किसानों के लिए लाभकारी न हो उसे लागू नही होने देंगे। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर बिजली विभाग की जगमग योजना का विरोध करते हुए शपथ ली कि गांव में बिजली विभाग के अधिकारियों को मीटर घरों से बाहर निकालने नही देंगे। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े पीछे नही हटेंगे। ब्लाक पूंडरी भाकियू प्रचार मंत्री नरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली विभाग जगमग योजना के बहाने ग्रामीणों के बिजली के मीटर घरों से बाहर निकालकर उनके स्थान पर डिजिटल मीटर लगाने की सोच रहा है।
जबकि भाकियू शुरू से ही इन डिजिटल मीटरों को लगाने का विरोध करती रही है। पबनावा ने कहा कि अगर बिजली विभाग के अधिकारियों ने गांव में घुसकर किसी प्रकार की हरकत करने की कोशिश की तो उन्हें बंधक बनाया जाएगा और इसके दूरगामी परिणाम गंभीर होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। भाकियू ने कहा कि किसानों के साथ बिजली विभाग टकराव की नीति को छोड़ कर उनके हित की बात करे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की जगमग योजना को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि खेतों में सिंचाई के लिए तो उन्हें मात्र 6 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है जबकि गांवों में जगमग योजना लागू करके 24 घंटे बिजली देने की बात कहती है। अगर सरकार वास्तव में किसानों का हित चाहती है तो इस योजना को बंद करके खेतों में सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली देने की बात करे, ताकि किसान अपनी फसलों को सही समय पर पानी लगा सकें और खेतों की प्यास बुझा सकें। पबनावा ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी सरकार किसानों के साथ टकराई वो कभी भी लौट कर सत्ता में नही आई है। इस अवसर पर भाकियू ने गांव में किसानों की 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। वहीं, बिजली विभाग ढांड के एसडीओ केके यादव ने बताया कि योजना हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित है। अगर ग्रामीण योजना का विरोध करते हैं तो इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा।
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जबकि भाकियू शुरू से ही इन डिजिटल मीटरों को लगाने का विरोध करती रही है। पबनावा ने कहा कि अगर बिजली विभाग के अधिकारियों ने गांव में घुसकर किसी प्रकार की हरकत करने की कोशिश की तो उन्हें बंधक बनाया जाएगा और इसके दूरगामी परिणाम गंभीर होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। भाकियू ने कहा कि किसानों के साथ बिजली विभाग टकराव की नीति को छोड़ कर उनके हित की बात करे। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की जगमग योजना को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि खेतों में सिंचाई के लिए तो उन्हें मात्र 6 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है जबकि गांवों में जगमग योजना लागू करके 24 घंटे बिजली देने की बात कहती है। अगर सरकार वास्तव में किसानों का हित चाहती है तो इस योजना को बंद करके खेतों में सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली देने की बात करे, ताकि किसान अपनी फसलों को सही समय पर पानी लगा सकें और खेतों की प्यास बुझा सकें। पबनावा ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी सरकार किसानों के साथ टकराई वो कभी भी लौट कर सत्ता में नही आई है। इस अवसर पर भाकियू ने गांव में किसानों की 21 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है। वहीं, बिजली विभाग ढांड के एसडीओ केके यादव ने बताया कि योजना हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित है। अगर ग्रामीण योजना का विरोध करते हैं तो इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा।
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