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भागवत कथा सुनने का विषय नहीं, जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश है : यमुना पुरी महाराज
Sat, 13 Dec 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नारायण सेवा संस्थान शाखा कैथल की ओर से दिव्यांग बंधुओं की निरंतर सहायता की जा रही है और इसी सेवा भावना के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
यमुना पुरी महाराज ने चौथे दिवस की कथा में भक्तों को दिव्य उपदेश देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश है। उन्होंने बताया कि जब हृदय में भक्ति का अंकुर फूटता है, तब व्यवहार में विनम्रता, जीवन में शांति और मन में सेवा का भाव स्वतः प्रकट होता है। महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति प्रभु-चरित्र का श्रवण करता है, उसके भीतर का अंधकार समाप्त होकर ज्ञान और प्रेम की ज्योति प्रज्वलित हो जाती है। कथा के उपरांत आरती और प्रसाद वितरण किया गया। नारायण सेवा संस्थान, कैथल की पूरी टीम ने सेवा-भाव के साथ समस्त व्यवस्था संभाली। संस्थान सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करता है कि आगामी दिवसों की कथा में भी पधारकर इस पावन आयोजन का लाभ प्राप्त करें।
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कैथल। नारायण सेवा संस्थान शाखा कैथल की ओर से दिव्यांग बंधुओं की निरंतर सहायता की जा रही है और इसी सेवा भावना के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
यमुना पुरी महाराज ने चौथे दिवस की कथा में भक्तों को दिव्य उपदेश देते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश है। उन्होंने बताया कि जब हृदय में भक्ति का अंकुर फूटता है, तब व्यवहार में विनम्रता, जीवन में शांति और मन में सेवा का भाव स्वतः प्रकट होता है। महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति प्रभु-चरित्र का श्रवण करता है, उसके भीतर का अंधकार समाप्त होकर ज्ञान और प्रेम की ज्योति प्रज्वलित हो जाती है। कथा के उपरांत आरती और प्रसाद वितरण किया गया। नारायण सेवा संस्थान, कैथल की पूरी टीम ने सेवा-भाव के साथ समस्त व्यवस्था संभाली। संस्थान सभी श्रद्धालुओं से निवेदन करता है कि आगामी दिवसों की कथा में भी पधारकर इस पावन आयोजन का लाभ प्राप्त करें।
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