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Kaithal News: भूजल बचाने के लिए किसानों में बांटा गया बाजरे का बीज
Thu, 11 May 2023 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 11 May 2023 01:09 AM IST
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राजौंद/कैथल। अटल भूजल योजना के तहत राजौंद और गुहला ब्लॉक में किसानों को कम पानी वाली फसलें लगाने के लिए प्रेरित करते हुए बाजरे का बीज निशुल्क बांटा जा रहा है। बुधवार को गांव कसान में 96 किलोग्राम बाजरे का बीज राजौंद ब्लॉक समिति के चेयरमैन प्रतिनिधि अनिल कुमार व सरपंच प्रतिनिधि बलजीत सिंह ने किसानों को वितरित किया।
गौरतलब है कि अब तक दोनों ब्लॉक के कई गांवों में करीब 400 किलोग्राम से ज्यादा बाजरे का बीज वितरित किया जा चुका है। चेयरमैन प्रतिनिधि अनिल कुमार ने भी किसानों को बीज की बिजाई करते हुए भूजल को बचाने में अपना योगदान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए आधुनिक विधियों जैसे टपका और फव्वारे का इस्तेमाल करें, ताकि आने वाली पीढि़यों के लिए हम भूजल को बचाए रख सकें। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता एवं योजना के नोडल अधिकारी मंगत राम गर्ग ने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता एवं अटल भूजल योजना के निदेशक डॉ. सतबीर सिंह कादियान के दिशा निर्देशानुसार बाजरे का बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है। प्रमुख अभियंता का कहना है कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से पूरे विश्व भर में वर्ष 2023 को मोटे अनाज के वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मोटे अनाज को बढ़ावा दे रहे हैं।
किसानों को निशुल्क बाजरे का बीज अटल भूजल योजना के तहत दिया जा रहा है। बाजरे की फसल से मिट्टी और पानी को बचाने में और इसकी सेहत में भी सुधार आएगा। अगर इस बार ये प्रयास सफल रहा तो आने वाले समय में इस तरह के प्रयास आगे भी किए जाएंगे। अटल भूजल योजना कैथल के आईईसी विशेषज्ञ विक्रम सिंह और कृषि विशेषज्ञ विशाल ने किसानों को बीज की वैरायटी, इसके लाभों और इसके उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही किसानों को भूजल बचाने के लिए जरुरी अन्य तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर डीआईपी से ब्लॉक कोआर्डिनेटर नरसिंह व सीआरपी विनोद कुमार मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि अब तक दोनों ब्लॉक के कई गांवों में करीब 400 किलोग्राम से ज्यादा बाजरे का बीज वितरित किया जा चुका है। चेयरमैन प्रतिनिधि अनिल कुमार ने भी किसानों को बीज की बिजाई करते हुए भूजल को बचाने में अपना योगदान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए आधुनिक विधियों जैसे टपका और फव्वारे का इस्तेमाल करें, ताकि आने वाली पीढि़यों के लिए हम भूजल को बचाए रख सकें। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता एवं योजना के नोडल अधिकारी मंगत राम गर्ग ने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता एवं अटल भूजल योजना के निदेशक डॉ. सतबीर सिंह कादियान के दिशा निर्देशानुसार बाजरे का बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है। प्रमुख अभियंता का कहना है कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से पूरे विश्व भर में वर्ष 2023 को मोटे अनाज के वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मोटे अनाज को बढ़ावा दे रहे हैं।
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किसानों को निशुल्क बाजरे का बीज अटल भूजल योजना के तहत दिया जा रहा है। बाजरे की फसल से मिट्टी और पानी को बचाने में और इसकी सेहत में भी सुधार आएगा। अगर इस बार ये प्रयास सफल रहा तो आने वाले समय में इस तरह के प्रयास आगे भी किए जाएंगे। अटल भूजल योजना कैथल के आईईसी विशेषज्ञ विक्रम सिंह और कृषि विशेषज्ञ विशाल ने किसानों को बीज की वैरायटी, इसके लाभों और इसके उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही किसानों को भूजल बचाने के लिए जरुरी अन्य तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर डीआईपी से ब्लॉक कोआर्डिनेटर नरसिंह व सीआरपी विनोद कुमार मौजूद रहे।
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