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Kaithal News: बाजरे का डोसा संग खीर का स्वाद
Sun, 23 Apr 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Apr 2023 01:25 AM IST
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कैथल। गांव धनौरी में रविवार को संत धन्ना भगत जयंती पर कार्यक्रम में स्मृति चिह्न के तौर पर अतिथियों को संत की प्रतिमा भेंट करने की तैयारी है।
इसके साथ ही उपराष्ट्रपति के लिए बाजरे के डोसा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए भिंडी, घीया की सब्जी, खीर जैसे व्यंजनों की तैयारी की जा रही है। उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा पैतृक गांव धनौरी में कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
जश्न के माहौल के साथ कई समस्याएं भी
तीन जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था में बंटे धनौरी गांव में धन्ना भगत जयंती से भले जश्न का माहौल दिख रहा है लेकिन लोगों के अनुसार, कई समस्याएं भी हैं। गौरतलब है कि जींद से हटाकर कैथल जिले में शामिल धनौरी गांव प्रशासनिक व्यवस्था में तीन जिलों में बंटा है। अभी पुलिस, मार्केट कमेटी, बिजली व स्वास्थ्य जैसे विभाग जींद जिले में हैं। लोकसभा क्षेत्र की दृष्टि से यह गांव सिरसा जिले में है। गांव के लोगों का कहना है कि तीन जिलों में विभाजन के कई नुकसान हो रहे हैं। गांव के प्रेम सिंह व अन्य ने बताया कि सबसे बड़ा नुकसान यह है कि दो साल से किसान सम्मान निधि का भत्ता नहीं आ रहा। इसके अलावा नहर की सफाई में गांव के मनरेगा मजदूरों की बजाय कैथल के मनरेगा मजदूरों ने काम किया। इस तरह की परेशानियां जरूर आ रही हैं।
ढांडा खाप ने गांवों में भेजा निमंत्रण
ढांडा खाप के संयोजक गांव के पूर्व सरपंच एडवोकेट जयलाल ने बताया कि गांव में ढांडा खाप है। खाप के हरियाणा के हर गांव में उन्होंने निमंत्रण भेजा है। खाप के हर गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए खाप के प्रतिनिधि दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। दिल्ली के महरौली व पहाड़गंज से ढांडा खाप का इतिहास जुड़ा है। वहां से करीब 700 साल पहले खाप के लोग गांव धनौरी में आए थे।
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गांव 1300 साल पहले बसाया था
गांव वासी प्रेमचंद ने बताया कि उनकी जानकारी में उनका गांव लगभग 1300 साल पहले नैय्या राम के पुत्र धन्ना राम ने बसाया था। गांव में छह एचसीएस ऑफिसर हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। किसी जमाने में सूकर पहलवान व नेकी भगत पहलवान ने पूरे हरियाणा-पंजाब में गांव का नाम रोशन किया था। गांव से मान सिंह, लाल सिंह, रामशरण व भूला राम ने आजाद सिंह ने फौज में शामिल होकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।
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इसके साथ ही उपराष्ट्रपति के लिए बाजरे के डोसा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए भिंडी, घीया की सब्जी, खीर जैसे व्यंजनों की तैयारी की जा रही है। उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुराग ढांडा पैतृक गांव धनौरी में कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
जश्न के माहौल के साथ कई समस्याएं भी
तीन जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था में बंटे धनौरी गांव में धन्ना भगत जयंती से भले जश्न का माहौल दिख रहा है लेकिन लोगों के अनुसार, कई समस्याएं भी हैं। गौरतलब है कि जींद से हटाकर कैथल जिले में शामिल धनौरी गांव प्रशासनिक व्यवस्था में तीन जिलों में बंटा है। अभी पुलिस, मार्केट कमेटी, बिजली व स्वास्थ्य जैसे विभाग जींद जिले में हैं। लोकसभा क्षेत्र की दृष्टि से यह गांव सिरसा जिले में है। गांव के लोगों का कहना है कि तीन जिलों में विभाजन के कई नुकसान हो रहे हैं। गांव के प्रेम सिंह व अन्य ने बताया कि सबसे बड़ा नुकसान यह है कि दो साल से किसान सम्मान निधि का भत्ता नहीं आ रहा। इसके अलावा नहर की सफाई में गांव के मनरेगा मजदूरों की बजाय कैथल के मनरेगा मजदूरों ने काम किया। इस तरह की परेशानियां जरूर आ रही हैं।
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ढांडा खाप ने गांवों में भेजा निमंत्रण
ढांडा खाप के संयोजक गांव के पूर्व सरपंच एडवोकेट जयलाल ने बताया कि गांव में ढांडा खाप है। खाप के हरियाणा के हर गांव में उन्होंने निमंत्रण भेजा है। खाप के हर गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए खाप के प्रतिनिधि दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। दिल्ली के महरौली व पहाड़गंज से ढांडा खाप का इतिहास जुड़ा है। वहां से करीब 700 साल पहले खाप के लोग गांव धनौरी में आए थे।
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गांव 1300 साल पहले बसाया था
गांव वासी प्रेमचंद ने बताया कि उनकी जानकारी में उनका गांव लगभग 1300 साल पहले नैय्या राम के पुत्र धन्ना राम ने बसाया था। गांव में छह एचसीएस ऑफिसर हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। किसी जमाने में सूकर पहलवान व नेकी भगत पहलवान ने पूरे हरियाणा-पंजाब में गांव का नाम रोशन किया था। गांव से मान सिंह, लाल सिंह, रामशरण व भूला राम ने आजाद सिंह ने फौज में शामिल होकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी।