फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Baba Shah Kamal Dargah is a symbol of unity

Kaithal News: एकता की प्रतीक है बाबा शाह कमाल की दरगाह

Thu, 28 Mar 2024 04:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 28 Mar 2024 04:25 AM IST
विज्ञापन
Baba Shah Kamal Dargah is a symbol of unity
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। शहर के जवाहर पार्क स्थित बाबा शाह कमाल लाल दयाल कादरी की दरगाह हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। इस दरगाह में खास बात यह है कि दरगाह के पुजारी हिंदू हैं और यहां पर पूजा-अर्चना करने के लिए हर धर्म के लोग पहुंचते हैं।

बाबा रजनीश ने बताया कि बाबा शाह कमाल कादरी साहब सैंकड़ो वर्ष पूर्व जब बगदाद से घूमते हुए मुल्तान पहुंचे और वहां से सरहिंद में बाबा लगभग पांच वर्षों तक रहे। उनकी मुलाकात बाबा लाल दयाल से हुई। बाबा लाल दयाल से अपने अच्छे संबंधों के कारण बाबा शाह कमाल ने नाम के साथ कमाल शाह लाल दयाल जोड़ लिया। बाद में बाबा शाह कमाल कैथल में आकर बस गए।
विज्ञापन


इस दरगाह परे बाबा शाह कमाल साहब के परिवार के अन्य सदस्यों की दरगाह भी सैंकड़ों वर्षो से स्थापित है। जब दशहरे पर डेरा बाबा पर शीतल पुरी पर मेला लगता है। तो बाबा शाह कमाल की दरगाह से पहली पगड़ी ले जाकर बाबा शीतलपुरी पर समाधि पर चढ़ाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मान्यता है कि उर्स मेले में दरगाह पर पहली चादर शीतलपुरी डेरे की ही चढ़ाई जाती है। सैंकड़ों वर्षों से प्रत्येक वीरवार के दिन यहां भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ता है और लोग बड़ी आस्था के साथ बाबा की दरगाह पर माथा टेकते हैं और मन्नत मांगते हैं। इस मौके पर सुभाष ठुकराल, नवीन, संजू, राजेश, कुलान आदि मौजूद रहे।

आज से मेला ः इस दरगाह पर वीरवार से लेकर 30 मार्च तक तीन दिवसीय उर्स मेला शुरू होगा।। इसमें यूपी, दिल्ली से आए कव्वाल बाबा का गुणगान करने के लिए दरगाह पर पहुंचेंगे। गद्दी नशीन बाबा रजनीश शाह ने बताया कि उनसे पहले उनके पिताजी बाबा कुलवंत शाह वर्ष 1985 से 2014 तक यहां पर गद्दीनशीन रहे थे। इसके बाद अब वे यहां सेवा कर रहें हैं। बताया कि जवाहर पार्क में चलने वाले तीन दिवसीय उस मेले की पूरी तैयारी हो चुकी है। दरगाह को रंगीन लाइटों व यूपी से मंगवाए लगभग सात क्विंटल विभिन्न रंग-बिरंगे फूलों से दरगाह को सजाया गया है। सालाना में उर्स मेले तीनों दिन से चलने वाले भंडारे में बारिश को लेकर पार्क में वाटर प्रूफ पंडाल बनाया गया है।


वीरवार को दोपहर दो बजे दरगाह पर बाबा का स्नान किया जाएगा। शाम पांच बजे डेरा बाबा शीतल पुरी से पहली चादर महंत निरंजनपुरी की ओर से चढ़ाई जाएगी। रात में सहारनपुर से नुसरत साबरी, तशलिम साबरी व लुधियाना से शौकत साबरी अपनी कव्वालियों से समां बांधेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed