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Kaithal News: अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण का समापन, नवाचार आधारित शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
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अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण में भाग लेते अध्यापक व अन्य। स्वयं
कैथल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद, पंचकूला के निर्देशानुसार जिला कैथल में आयोजित चार दिवसीय अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। यह प्रशिक्षण आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्योंग और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शेरगढ़ में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के नवस्थापित 20 अटल टिंकरिंग लैब विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व संबंधित अध्यापकों ने भागीदारी की।
इसके अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुंडरी, बलबेड़ा, भागल, आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग और मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका के अध्यापकों को भी पुनः उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जहां पहले से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित है। समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार एवं सीएमजीजीए दिव्यता व खंड शिक्षा अधिकारी सीवन अनिल छाबड़ा ने प्रशिक्षण का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिभागी शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए विभिन्न नवाचार आधारित आइडिया, प्रोटोटाइप व मॉडल बनाने बारे विस्तरित जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर अनिल छाबड़ा, प्रवीण थरेजा, कुशल कुमार और विनोद आर्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना विकसित करना है। अटल टिंकरिंग लैब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग विद्यालयों में किया जाएगा और विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम के अंत में जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब नियमित रूप से संचालित होगी। सभी शिक्षक विद्यार्थियों को लैब की गतिविधियों से जोड़ें, उन्हें नए विचार विकसित करने, समस्याओं के समाधान खोजने और विज्ञान व तकनीक के माध्यम से नवाचार करने के लिए निरंतर प्रेरित करें।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने डिजाइन थिंकिंग, 3-डी मॉडलिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर आधारित परियोजनाओं, नवाचार प्रक्रिया व प्रोटोटाइप निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से जिले के विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता की भावना को सशक्त बढ़ावा मिलेगा जिससे जिला कैथल विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
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इसके अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पुंडरी, बलबेड़ा, भागल, आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ग्योंग और मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका के अध्यापकों को भी पुनः उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जहां पहले से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित है। समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार एवं सीएमजीजीए दिव्यता व खंड शिक्षा अधिकारी सीवन अनिल छाबड़ा ने प्रशिक्षण का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान प्रतिभागी शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए विभिन्न नवाचार आधारित आइडिया, प्रोटोटाइप व मॉडल बनाने बारे विस्तरित जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर अनिल छाबड़ा, प्रवीण थरेजा, कुशल कुमार और विनोद आर्य उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की भावना विकसित करना है। अटल टिंकरिंग लैब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुझे विश्वास है कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग विद्यालयों में किया जाएगा और विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार करने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम के अंत में जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब नियमित रूप से संचालित होगी। सभी शिक्षक विद्यार्थियों को लैब की गतिविधियों से जोड़ें, उन्हें नए विचार विकसित करने, समस्याओं के समाधान खोजने और विज्ञान व तकनीक के माध्यम से नवाचार करने के लिए निरंतर प्रेरित करें।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने डिजाइन थिंकिंग, 3-डी मॉडलिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर आधारित परियोजनाओं, नवाचार प्रक्रिया व प्रोटोटाइप निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से जिले के विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब की गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता की भावना को सशक्त बढ़ावा मिलेगा जिससे जिला कैथल विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण में भाग लेते अध्यापक व अन्य। स्वयं