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किसानों ने फिर पकड़े गोदाम में खाद के 125 कट्टे, किया हंगामा
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armers again caught 125 bags of fertilizer in the warehouse, created a ruckus
- फोटो : Kaithal
प्रदेशभर में जहां डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। वहीं कैथल में लगातार दूसरे दिन डीएपी खाद के लगभग 125 कट्टे रजनी कॉलोनी स्थित एक गोदाम से पकड़े गए। किसानों की ओर से हंगामे के बाद गोदाम को खुलवाया गया। सूचना पर कृषि विभाग और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कृषि अधिकारी क्यूसीआई महाबीर सोढ़ी ने किसानों को कहा कि यदि किसान एफआईआर कराना चाहते हैं तो नियमानुसार खाद जब्त होगी। इस पर किसानों ने जब्त करने की बजाए वितरण करने की मांग रखी, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की उपस्थिति में ही किसानों को प्रति बैग 1200 रुपये के हिसाब से वितरित किया गया।
किसान सुखदेव, नरेश डोहर, रामभज सिसमोर, रमेश व कर्मा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि गोदाम में खाद आई हुई है। इसके बाद वह सुबह छह बजे रजनी कालोनी स्थिति गोदाम में पहुंच गए थे, लेकिन जब 10 बजे तक भी गोदाम नहीं खुला तो भाकियू के जिलाध्यक्ष होशियार गिल और अन्य किसानों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में किसान वहां एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना पर पहुंची कृषि और पुलिस-प्रशासन की टीम ने किसानों की मांग पर वहां स्थित गोदामों की जांच शुरू की। किसानों ने कृषि अधिकारी से गोदाम खोलकर जांच करने को कहा। कृषि अधिकारी ने आसपास के पांच गोदामों की जांच करवा दी, जिनमें डीएपी खाद नहीं था, लेकिन जिस गोदाम की किसान बार-बार जांच करने की मांग कर रहे थे, उसकी जांच नहीं की गई। इसके बाद किसानों ने जब दबाव बनाया तो संबंधित गोदाम के मालिक रमेश कुमार से संपर्क कर मौके पर बुलाया गया। ताला खोलने पर गोदाम से 125 बैग डीएपी के मिले। इस संबंध में गोदाम मालिक रमेश ने कहा कि वह हार्ट की बीमारी से ग्रस्त है। उसका बेटा कुरुक्षेत्र में अस्पताल में दाखिल है, इसीलिए 25 दिन से दुकान बंद पड़ी थी। यह पहले का ही डीएपी खाद बचा हुआ था।
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कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि दो दुकानदारों ने अपने उन किसानों के लिए खाद रखा हुआ था, जो उनके नियमित ग्राहक हैं। उनकी कमी यह है कि उन्होंने विभाग को सूचित नहीं किया कि उनके पास खाद है। जिस कारण इन दोनों दुकानदारों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। वहीं शनिवार को दुकान में 125 कट्टे खाद के मिले हैं, जिस पर नियमानुसार उक्त दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डीडीए ने बताया कि खाद विक्रेता मै. नक्ष ट्रेडिंग कंपनी के भंडारण एवं पीओएस मशीन में अंतर पाए जाने, सेल रिपोर्ट उपलब्ध न करवाए जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा छापेमारी की गई तथा फर्म का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आगामी कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को विस्तृत जांच रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी करवाई जाएगी।
जिले में करीब 4 लाख खाद के कट्टों की जरूरत होती है। इसमें से 1.60 लाख कट्टे वितरित किए जा चुके हैं। 1.60 लाख के दो रैक आने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नवंबर माह के पहले सप्ताह में जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। चेतावनी दी गई कि किसी भी खाद विक्रेता के यहां अनावश्यक व नियमों के खिलाफ भंडारण मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक मार्केटिंग न होने का दावा करते हुए 1600 रुपये देकर खरीद कर लाने का दावा करने वाले एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि मैं अभी भी कह रहा हूं कि जिले में कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या खाद के अवैध भंडारण जैसी बात नहीं है। जो खाद मिला है, वह खाद विक्रेताओं के पास नियमानुसार मिला है। सभी खाद विक्रेताओं को सख्त हिदायतें दी हैं कि नियमों के विरुद्ध भंडारण पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।
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किसान सुखदेव, नरेश डोहर, रामभज सिसमोर, रमेश व कर्मा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि गोदाम में खाद आई हुई है। इसके बाद वह सुबह छह बजे रजनी कालोनी स्थिति गोदाम में पहुंच गए थे, लेकिन जब 10 बजे तक भी गोदाम नहीं खुला तो भाकियू के जिलाध्यक्ष होशियार गिल और अन्य किसानों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में किसान वहां एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सूचना पर पहुंची कृषि और पुलिस-प्रशासन की टीम ने किसानों की मांग पर वहां स्थित गोदामों की जांच शुरू की। किसानों ने कृषि अधिकारी से गोदाम खोलकर जांच करने को कहा। कृषि अधिकारी ने आसपास के पांच गोदामों की जांच करवा दी, जिनमें डीएपी खाद नहीं था, लेकिन जिस गोदाम की किसान बार-बार जांच करने की मांग कर रहे थे, उसकी जांच नहीं की गई। इसके बाद किसानों ने जब दबाव बनाया तो संबंधित गोदाम के मालिक रमेश कुमार से संपर्क कर मौके पर बुलाया गया। ताला खोलने पर गोदाम से 125 बैग डीएपी के मिले। इस संबंध में गोदाम मालिक रमेश ने कहा कि वह हार्ट की बीमारी से ग्रस्त है। उसका बेटा कुरुक्षेत्र में अस्पताल में दाखिल है, इसीलिए 25 दिन से दुकान बंद पड़ी थी। यह पहले का ही डीएपी खाद बचा हुआ था।
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कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि दो दुकानदारों ने अपने उन किसानों के लिए खाद रखा हुआ था, जो उनके नियमित ग्राहक हैं। उनकी कमी यह है कि उन्होंने विभाग को सूचित नहीं किया कि उनके पास खाद है। जिस कारण इन दोनों दुकानदारों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। वहीं शनिवार को दुकान में 125 कट्टे खाद के मिले हैं, जिस पर नियमानुसार उक्त दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
डीडीए ने बताया कि खाद विक्रेता मै. नक्ष ट्रेडिंग कंपनी के भंडारण एवं पीओएस मशीन में अंतर पाए जाने, सेल रिपोर्ट उपलब्ध न करवाए जाने पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा छापेमारी की गई तथा फर्म का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आगामी कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को विस्तृत जांच रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी करवाई जाएगी।
जिले में करीब 4 लाख खाद के कट्टों की जरूरत होती है। इसमें से 1.60 लाख कट्टे वितरित किए जा चुके हैं। 1.60 लाख के दो रैक आने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नवंबर माह के पहले सप्ताह में जिले में खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। चेतावनी दी गई कि किसी भी खाद विक्रेता के यहां अनावश्यक व नियमों के खिलाफ भंडारण मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक मार्केटिंग न होने का दावा करते हुए 1600 रुपये देकर खरीद कर लाने का दावा करने वाले एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि मैं अभी भी कह रहा हूं कि जिले में कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या खाद के अवैध भंडारण जैसी बात नहीं है। जो खाद मिला है, वह खाद विक्रेताओं के पास नियमानुसार मिला है। सभी खाद विक्रेताओं को सख्त हिदायतें दी हैं कि नियमों के विरुद्ध भंडारण पाया गया तो सख्त कार्रवाई होगी।