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Kaithal News: कम हुआ एक्यूआई, थोड़ी राहत
Tue, 22 Oct 2024 04:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 22 Oct 2024 04:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में सोमवार को भी वायु प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पर पहुंच गया जबकि यह रविवार को 250 से पार था। सोमवार को चौथे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर कम होने से थोड़ी राहत मिली है। दो दिन पहले जिले में शनिवार को देश में सबसे ज्यादा वायु गुणवत्ता सूचकांक 372 दर्ज किया गया था।
फिलहाल वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आने से हवा के और कम प्रदूषित होने का अनुमान है परंतु एक्यूआई के 200 से अभी भी पार रहने के चलते यह बच्चों और बुजुर्गाें के लिए खतरनाक माना जाता है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है प्रदूषण कम करने के लिए लगातार बोर्ड की ओर से कार्य किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही शनिवार को वायु प्रदूषण का स्तर 372 पर दर्ज किया गया था।
सोमवार को आंखों की ओपीडी पहुंची 250 पार ः जब से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तब से जिला नागरिक अस्पताल में आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी भी लगातार बढ़ रही है। सोमवार को अवकाश के बाद अस्पताल में हुई आंखों की ओपीडी 250 से पार पहुंच गई है। इसके साथ ही सांस के मरीजों का मर्ज भी बढ़ने लगा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से अधिक सांस के मरीज भी चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल के जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अस्पताल में भी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। आंखों और सांस के मरीज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किसी भी सूरत में खेतों में पराली न जलाएं। इससे आंखों और सांस की बीमारी लगातार बढ़ती है।
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कैथल। जिले में सोमवार को भी वायु प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पर पहुंच गया जबकि यह रविवार को 250 से पार था। सोमवार को चौथे दिन भी वायु प्रदूषण का स्तर कम होने से थोड़ी राहत मिली है। दो दिन पहले जिले में शनिवार को देश में सबसे ज्यादा वायु गुणवत्ता सूचकांक 372 दर्ज किया गया था।
फिलहाल वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आने से हवा के और कम प्रदूषित होने का अनुमान है परंतु एक्यूआई के 200 से अभी भी पार रहने के चलते यह बच्चों और बुजुर्गाें के लिए खतरनाक माना जाता है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है प्रदूषण कम करने के लिए लगातार बोर्ड की ओर से कार्य किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही शनिवार को वायु प्रदूषण का स्तर 372 पर दर्ज किया गया था।
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सोमवार को आंखों की ओपीडी पहुंची 250 पार ः जब से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तब से जिला नागरिक अस्पताल में आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी भी लगातार बढ़ रही है। सोमवार को अवकाश के बाद अस्पताल में हुई आंखों की ओपीडी 250 से पार पहुंच गई है। इसके साथ ही सांस के मरीजों का मर्ज भी बढ़ने लगा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से अधिक सांस के मरीज भी चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल के जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अस्पताल में भी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। आंखों और सांस के मरीज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किसी भी सूरत में खेतों में पराली न जलाएं। इससे आंखों और सांस की बीमारी लगातार बढ़ती है।