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Kaithal News: मृत दिखा हड़प लिए लाखों रुपये
Fri, 24 Jan 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 24 Jan 2025 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूंडरी खंड के सिरसल गांव में जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत दिखाने का अनोखा मामला सामने आया है। नगर परिषद की ओर से बुजुर्ग सिरसल के धर्मपाल (56) का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इसके आधार पर किसी ने 2.18 लाख रुपये का बीमा क्लेम भी हड़प लिया है। सीएम विंडो में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर कही है।
गौरतलब है कि मामले की जानकारी बुजुर्ग धर्मपाल को तब मिली जब अपने किसी काम से सीएससी गया था। फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर उसके होश उड़ गए। अब धर्मपाल ने सीएम विंडों में खुद को जिंदा बताने के लिए कागज बनाने की सरकार से मांग की है। इसके बाद पूंडरी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पूंडरी थाना दी गई शिकायत में सिरसल गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है। इसी से वह अपने परिवार का गुजारा करता है। इसके लिए उसने सरकारी बीमा योजना के तहत श्रमिकों को मिलने वाले लाभ के लिए 2010 में कॉपी भी बना रखी थी। पिछले साल वह इसी कॉपी की जांच के लिए सीएससी में गया। वह जानना चाहता था कि यह कॉपी चल रही है या नहीं।
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वहां पहुंचने पर केंद्र संचालक ने सरकारी रिकॉर्ड देखकर कहा कि तुम्हारी तो दुर्घटना में मौत हो चुकी है। इसका प्रमाणपत्र तक जारी हो चुका है। यह सुनकर धर्मपाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने बताया कि कर्मचारी ने उसे बताया कि उसके मृत्यु प्रमाणपत्र पर सरकार की तरफ से बीमा योजना के तहत जो लाभ दिया जाता है, वह भी निकलवाया जा चुका है, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में मौत हो गई। इसलिए अब बीमा वाली कॉपी भी बंद हो चुकी है।
उसे जानकारी मिली कि 15 जुलाई 2023 को हुई सड़क दुर्घटना में उसकी मौत दिखाई गई है। इसे नगर पालिका कैथल में रजिस्टर्ड कराकर मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कराया जा चुका है। इसके बाद उसने खुद को जिंदा साबित करने की कवायद शुरू की।
हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी फर्जी दस्तावेज आरोपी की ओर से तैयार किए गए। जिस खाते में बीमा राशि गई है। उस खाते की जांच भी पुलिस ने शुरू कर
दी है।
इस मामले में सिरसल गांव की सरपंच सोमा देवी ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में भी आया है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने सरपंच की फर्जी मुहर-लेटर पैड बनाए। इसके बाद उसी पर मृत्यु के बारे में लिखकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। पंचायत भी ऐसे आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रही है।
पूंडरी थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि यह शिकायत उन्हें सीएम विंडों के माध्यम से मिली है। इस मामले में जांच शुरू की गई है। अभी जिस खाते में राशि गई है, उस पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी फर्जी दस्तावेज आरोपी की ओर से तैयार किए गए हैं।
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कैथल। पूंडरी खंड के सिरसल गांव में जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत दिखाने का अनोखा मामला सामने आया है। नगर परिषद की ओर से बुजुर्ग सिरसल के धर्मपाल (56) का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इसके आधार पर किसी ने 2.18 लाख रुपये का बीमा क्लेम भी हड़प लिया है। सीएम विंडो में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर कही है।
गौरतलब है कि मामले की जानकारी बुजुर्ग धर्मपाल को तब मिली जब अपने किसी काम से सीएससी गया था। फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर उसके होश उड़ गए। अब धर्मपाल ने सीएम विंडों में खुद को जिंदा बताने के लिए कागज बनाने की सरकार से मांग की है। इसके बाद पूंडरी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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पूंडरी थाना दी गई शिकायत में सिरसल गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है। इसी से वह अपने परिवार का गुजारा करता है। इसके लिए उसने सरकारी बीमा योजना के तहत श्रमिकों को मिलने वाले लाभ के लिए 2010 में कॉपी भी बना रखी थी। पिछले साल वह इसी कॉपी की जांच के लिए सीएससी में गया। वह जानना चाहता था कि यह कॉपी चल रही है या नहीं।
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वहां पहुंचने पर केंद्र संचालक ने सरकारी रिकॉर्ड देखकर कहा कि तुम्हारी तो दुर्घटना में मौत हो चुकी है। इसका प्रमाणपत्र तक जारी हो चुका है। यह सुनकर धर्मपाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने बताया कि कर्मचारी ने उसे बताया कि उसके मृत्यु प्रमाणपत्र पर सरकार की तरफ से बीमा योजना के तहत जो लाभ दिया जाता है, वह भी निकलवाया जा चुका है, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में मौत हो गई। इसलिए अब बीमा वाली कॉपी भी बंद हो चुकी है।
उसे जानकारी मिली कि 15 जुलाई 2023 को हुई सड़क दुर्घटना में उसकी मौत दिखाई गई है। इसे नगर पालिका कैथल में रजिस्टर्ड कराकर मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कराया जा चुका है। इसके बाद उसने खुद को जिंदा साबित करने की कवायद शुरू की।
हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए भी फर्जी दस्तावेज आरोपी की ओर से तैयार किए गए। जिस खाते में बीमा राशि गई है। उस खाते की जांच भी पुलिस ने शुरू कर
दी है।
इस मामले में सिरसल गांव की सरपंच सोमा देवी ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में भी आया है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने सरपंच की फर्जी मुहर-लेटर पैड बनाए। इसके बाद उसी पर मृत्यु के बारे में लिखकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया। पंचायत भी ऐसे आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रही है।
पूंडरी थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि यह शिकायत उन्हें सीएम विंडों के माध्यम से मिली है। इस मामले में जांच शुरू की गई है। अभी जिस खाते में राशि गई है, उस पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी फर्जी दस्तावेज आरोपी की ओर से तैयार किए गए हैं।