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Kaithal News: नाराज किसानों ने सरकार को दिया दो नवंबर तक का अल्टीमेटम
Wed, 30 Oct 2024 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 30 Oct 2024 12:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के आईटी सेल जिला प्रभारी जरनैल जैली व संदीप संधू पीडल के नेतृत्व में किसान नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कृषि कल्याण विभाग चीका की एसडीओ कंचन शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
इसमें किसान नेताओं ने मांग की कि चीका में डीएपी की मारामारी चल चल रही है। किसानों को फसल बोने के लिए डीएपी सहित अन्य खाद की जरूरत है, लेकिन उपलब्धता न होने के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। कृषि विभाग के सभी उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया कि डीएपी खाद की समस्या का समाधान कराया जाए।
जरनैल जैली ने कहा है कि किसानों को रबी फसल की बुवाई तक डीएपी उपलब्ध करवाई जाए। चेतावनी दी कि दो नवंबर के बाद समाधान नहीं किया गया तो तीन नवंबर को कृषि विभाग चीका पहुंचकर किसान कार्यालय के मेन गेट पर ताला जड़ देंगे और किसानों को सड़क पर उतरकर मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि अगर किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया उर्वरक नहीं मिलेगा, तो इससे गेहूं और सरसों जैसी रबी फसल जिसकी जल्द ही बुवाई होनी है, उसमें देरी होगी। वहीं बिना डीएपी के फसलों से अच्छे उत्पादन मिलने की संभावना खत्म हो जाएगी।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है। किसान सहकारी समितियों के गोदामों पर मात्र एक बोरी खाद पाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लग रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों को भटकना पड़ रहा है। हम मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग करते हैं। किसानों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। जिससे कि किसान अपनी फसलों को बो सकें अगर प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो किसान सड़कों पर आएंगे उनको कोई नहीं रोक सकता।
इस अवसर पर गुरदेव सिंह, दलबारा सिंह, जसपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, बलवंत सिंह, गुरजंट सिंह, निशान सिंह भी मौजूद रहे।
मांग अधिक होने के कारण सरकारी सोसाइटी पर डीएपी पहले भी आ चुका है। मंगलवार को भी गुहला हलके की रामथली, अगौंध, बदसुई व गुहला पैक्स में चार-चार सौ डीएपी बैग पहुंचे है। गुहला चीका क्षेत्र में खाद की कोई कमी नहीं है। इसके बाद एक दो दिन में डीएपी की सप्लाई आएगी। 40 से 50 प्रतिशत किसानों को खाद मिल चुका है। -डॉ. कंचन शर्मा, एसडीओ कृषि विभाग चीका।
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गुहला-चीका। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के आईटी सेल जिला प्रभारी जरनैल जैली व संदीप संधू पीडल के नेतृत्व में किसान नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कृषि कल्याण विभाग चीका की एसडीओ कंचन शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
इसमें किसान नेताओं ने मांग की कि चीका में डीएपी की मारामारी चल चल रही है। किसानों को फसल बोने के लिए डीएपी सहित अन्य खाद की जरूरत है, लेकिन उपलब्धता न होने के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। कृषि विभाग के सभी उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया कि डीएपी खाद की समस्या का समाधान कराया जाए।
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जरनैल जैली ने कहा है कि किसानों को रबी फसल की बुवाई तक डीएपी उपलब्ध करवाई जाए। चेतावनी दी कि दो नवंबर के बाद समाधान नहीं किया गया तो तीन नवंबर को कृषि विभाग चीका पहुंचकर किसान कार्यालय के मेन गेट पर ताला जड़ देंगे और किसानों को सड़क पर उतरकर मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि अगर किसानों को समय पर डीएपी और यूरिया उर्वरक नहीं मिलेगा, तो इससे गेहूं और सरसों जैसी रबी फसल जिसकी जल्द ही बुवाई होनी है, उसमें देरी होगी। वहीं बिना डीएपी के फसलों से अच्छे उत्पादन मिलने की संभावना खत्म हो जाएगी।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है। किसान सहकारी समितियों के गोदामों पर मात्र एक बोरी खाद पाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लग रहे हैं। समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों को भटकना पड़ रहा है। हम मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग करते हैं। किसानों की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। जिससे कि किसान अपनी फसलों को बो सकें अगर प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो किसान सड़कों पर आएंगे उनको कोई नहीं रोक सकता।
इस अवसर पर गुरदेव सिंह, दलबारा सिंह, जसपाल सिंह, कर्मवीर सिंह, बलवंत सिंह, गुरजंट सिंह, निशान सिंह भी मौजूद रहे।
मांग अधिक होने के कारण सरकारी सोसाइटी पर डीएपी पहले भी आ चुका है। मंगलवार को भी गुहला हलके की रामथली, अगौंध, बदसुई व गुहला पैक्स में चार-चार सौ डीएपी बैग पहुंचे है। गुहला चीका क्षेत्र में खाद की कोई कमी नहीं है। इसके बाद एक दो दिन में डीएपी की सप्लाई आएगी। 40 से 50 प्रतिशत किसानों को खाद मिल चुका है। -डॉ. कंचन शर्मा, एसडीओ कृषि विभाग चीका।