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आंगनबाड़ी राज्य महासचिव शकुंतला पद से बर्खास्त, विभाग ने जारी किए आदेश
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Anganwadi state general secretary Shakuntala sacked, department issued orders
- फोटो : Kaithal
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कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य महासचिव शकुंतला को महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ने पद से बर्खास्त कर दिया है। उन्हें बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए हैं वहीं विभाग द्वारा 20 वर्कर्स को बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है। जिन्हें शुक्रवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इन आदेशों पर आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना है कि विभागीय दमनकारी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को परिवार सहित प्रदर्शन करेंगे।
बता दें राज्य महासचिव शकुंतला को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसका शकुंतला ने जवाब भी दिया है। इसके बाद विभागीय आदेश में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्र से लगातार अनुपस्थित रहकर शकुंतला ने खुद को अनुशासनात्मक कार्रवाई का पात्र बना लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाएं अनिवार्य सेवाएं हैं। आंगनबाड़ी केंद्र से अनुपस्थित रहकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई है। इसीलिए 24 जनवरी दोपहर बाद से आपकी आंगनबाड़ी वर्कर की सेवाएं समाप्त की जाती हैं।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी नीतू ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर शकुंतला को बर्खास्त कर दिया गया है। 20 वर्कर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा।
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दूसरी ओर आंगनबाड़ी वर्कर्स का 50वें दिन भी लघु सचिवालय में धरना जारी रहा। इस धरने को अध्यापक संघ के नेता मास्टर सतबीर गोयत व सीटू के कैशियर जयप्रकाश शास्त्री ने संबोधित किया। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को सभी हेल्पर वर्कर अपने परिवार सहित धरने पर आएंगे। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर की हड़ताल को 5 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। धरने की अध्यक्षता राजबाला जाखौली व सविता कौल ने की।
बर्खास्तगी को लेकर राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि विभाग ने सुनवाई के लिए उन्हें बुलाया था तो वे कार्यालय में गई थीं। उस समय खुद पीओ अनुपस्थित थीं। उनके साथ कई कर्मचारी नेता भी थे। कार्यालय में अपनी हाजिरी लिखित में देकर आई थीं। उन्हें वहां कहा गया कि पीओ नहीं आएंगी। जबकि उन्हें लिखित में आदेश देकर कार्यालय में बुलाया था। वे अपना जवाब लिखित में देकर आई थीं। बर्खास्तगी के लिए उन्हें गैर हाजिर बताया जा रहा है। जो सही नहीं है।
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बता दें राज्य महासचिव शकुंतला को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसका शकुंतला ने जवाब भी दिया है। इसके बाद विभागीय आदेश में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्र से लगातार अनुपस्थित रहकर शकुंतला ने खुद को अनुशासनात्मक कार्रवाई का पात्र बना लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाएं अनिवार्य सेवाएं हैं। आंगनबाड़ी केंद्र से अनुपस्थित रहकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई है। इसीलिए 24 जनवरी दोपहर बाद से आपकी आंगनबाड़ी वर्कर की सेवाएं समाप्त की जाती हैं।
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इस संबंध में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी नीतू ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर शकुंतला को बर्खास्त कर दिया गया है। 20 वर्कर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया तो उन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा।
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दूसरी ओर आंगनबाड़ी वर्कर्स का 50वें दिन भी लघु सचिवालय में धरना जारी रहा। इस धरने को अध्यापक संघ के नेता मास्टर सतबीर गोयत व सीटू के कैशियर जयप्रकाश शास्त्री ने संबोधित किया। राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को सभी हेल्पर वर्कर अपने परिवार सहित धरने पर आएंगे। आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर की हड़ताल को 5 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। धरने की अध्यक्षता राजबाला जाखौली व सविता कौल ने की।
बर्खास्तगी को लेकर राज्य महासचिव शकुंतला ने कहा कि विभाग ने सुनवाई के लिए उन्हें बुलाया था तो वे कार्यालय में गई थीं। उस समय खुद पीओ अनुपस्थित थीं। उनके साथ कई कर्मचारी नेता भी थे। कार्यालय में अपनी हाजिरी लिखित में देकर आई थीं। उन्हें वहां कहा गया कि पीओ नहीं आएंगी। जबकि उन्हें लिखित में आदेश देकर कार्यालय में बुलाया था। वे अपना जवाब लिखित में देकर आई थीं। बर्खास्तगी के लिए उन्हें गैर हाजिर बताया जा रहा है। जो सही नहीं है।