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गरीब परिवार की कन्या की शादी पर 71 हजार रुपये का प्रदान किया जा रहा है शगुन
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डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 71 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के परिवारों को लडक़ी के विवाह के अवसर पर कन्यादान के तौर पर दिया जा रहा है।
डीसी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के लोग जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, उनकी लड़कियों की शादी के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये कर दिया गया है। अब इस योजना के तहत शगुन के तौर 66 हजार रुपये की राशि शादी के अवसर पर या उससे पहले तथा 5 हजार रुपये की राशि शादी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जमा करवाने के उपरांत 6 महीने के भीतर दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जिले के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाली शगुन की राशि को भी बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये किया गया है। इससे पहले ऐसे पात्र व्यक्तियों को 11 हजार रुपये राशि कन्यादान के तौर पर दी जाती थी। बीपीएल परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के अवसर पर या उससे पहले 28 हजार तथा 3 हजार रुपये की राशि शादी का पंजीकरण जमा कराने के उपरांत दी जाएगी। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के उन परिवारों जिनकी सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार से कम है उन्हे भी कन्यादान के तौर पर 31 हजार दिए जा रहें है।
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डीसी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के लोग जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, उनकी लड़कियों की शादी के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये कर दिया गया है। अब इस योजना के तहत शगुन के तौर 66 हजार रुपये की राशि शादी के अवसर पर या उससे पहले तथा 5 हजार रुपये की राशि शादी का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जमा करवाने के उपरांत 6 महीने के भीतर दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जिले के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाली शगुन की राशि को भी बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये किया गया है। इससे पहले ऐसे पात्र व्यक्तियों को 11 हजार रुपये राशि कन्यादान के तौर पर दी जाती थी। बीपीएल परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के अवसर पर या उससे पहले 28 हजार तथा 3 हजार रुपये की राशि शादी का पंजीकरण जमा कराने के उपरांत दी जाएगी। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के उन परिवारों जिनकी सालाना आमदनी 1 लाख 80 हजार से कम है उन्हे भी कन्यादान के तौर पर 31 हजार दिए जा रहें है।
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