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Kaithal News: जल गुणवत्ता जांचने के लिए आएंगी अमृत मित्र

Tue, 14 May 2024 03:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 14 May 2024 03:42 AM IST
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Amrit Mitra will come to check water quality
जितेंद्र पांचाल
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कैथल। शहर के लोगों को दूषित पानी से मुक्ति मिले, इसके लिए घरों में जल गुणवत्ता जांचने के लिए अमृत मित्र पहुंचेंगी। ये रोजाना 15 जगहों से पानी के नमूने एकत्र कर रही हैं।

दरअसल, सरकार की ओर से स्वच्छ पेयजल की जिम्मेदारी अब स्व सहायता समूह की महिलाओं दी गई है। केंद्र सरकार की योजना अमृत (अटल मिशन फार रिजोनुवेशन एंड अर्बन ट्रांसफोरमेशन) के तहत इन महिलाओं को अमृत मित्र बनाया गया है। ये महिलाएं शहर में हर घर जाकर सैंपल एकत्रित करेंगी। जिससे पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और बीमारियों पर अंकुश लगेगा।
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जिले में जनस्वास्थ्य विभाग ने अमृत मित्र नामक महिलाओं को इस कार्य पर रखा है। घर-घर जाकर पानी के नमूने एकत्र करने के बाद ये महिलाएं उन्हें जांच के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में भेजेंगी। यदि किसी स्थान पर लिए गए सैंपल फेल मिलते हैं और पानी की गुणवत्ता सही नहीं मिलती है तो विभाग की टीम लोगों के घर-द्वार पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी। संवाद
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दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य को नुकसान

दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य को बहुत नुकसान होता है। कई रोग भी होते हैं। जैसे- डायरिया, टाइफाइड और मलेरिया बुखार जल जनित रोग हैं। ये दूषित पानी पीने से होते हैं। इसके अलावा गंदा पाने पेचिश होने पर सबसे पेट में दर्द के साथ-साथ मरोड़ें उठना, बुखार और कमजोरी जैसी परेशानियां होती हैं। इनके अलावा कॉलेरा, टाइफाइड, ई कोली और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां भी दूषित पानी पीने या उससे बनाया गया खाना खाने से हो सकती हैं।

सलाह ः हमेशा साफ पानी पीएं, बरसात के मौसम में पानी को उबाल कर ठंडा करे और उसे पीएं।


रोजाना एकत्रित करने होंगे 15 सैंपल



विभाग की ओर से सैंपलिंग के कार्य में लगाई गई महिलाओं को रोजाना 15 सैंपल एकत्रित करने होंगे। इनमें लीकेज और मिलावट वाले पेयजल के सैंपलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा अगर किसी स्थान पर पेयजल की गुणवत्ता सही नहीं लगती है तो उस स्थान से भी सैंपल लिए जाएंगे और जांच के लिए विभाग की लैब में भेजे जाएंगे।



दो स्वयं सहायता समूहों को मौका

विभाग ने दो स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दो महिलाओं को इसके लिए ड्यूटी पर लगाया है। इनमें से रीना रानी बाबा साहिब सिंह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और ऋतु देवी खुशी नामक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं डोर-टू डोर जाकर पानी के सैंपल एकत्रित कर विभाग की लैब में भेज रही हैं। जिस स्थान या कमान से सैंपल लिए जाते हैं, उसके मालिक का नाम पता व अन्य जानकारी सैंपल किट के ऊपर नोट की जाती है। विभाग की ओर से इसके लिए महिलाओं को प्रति सैंपल के आधार पर मानदेय दिया जा रहा है।


अमृत मित्र योजना के तहत दो महिलाओं को पेयजल के सैंपल लेने के लिए लगाया है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं और डोर टू डोर जाकर पानी के सैंपल ले रही हैं। सैंपल को परीक्षण के लिए विभाग की लैब में

भेजा जाता है। अगर सैंपल फेल हो तो विभाग की टीम मौके पर जाकर कारणों का

पता लगाती हैं और समस्या का समाधान करती हैं। गोपाल वैद, एसडीई,

जनस्वास्थ्य विभाग
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