{"_id":"5810a7164f1c1b3924bc3a86","slug":"ambulance-strike-kaithal-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल के कारण ठप रही एंबुलेंस सेवा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल के कारण ठप रही एंबुलेंस सेवा
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Wed, 26 Oct 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
कैथ्ाल
- फोटो : कैथ्ाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल। अनुबंध पर लगे नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों की नियमित करने की मांग पर हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। जिला में सभी सीएसची व पीएचसी में ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के तहत अनुबंधित कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के दूसरे दिन भी एंबुलेंस बद होने के कारण मरीजों को काफी कठिनाई हुई। इस दौरान आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों ने एंबुलेंस रूम में ड्यूटी दी। लेकिन इसके बावजूद भी मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाई। उन्हें मजबूरन प्राइवेट वाहनों पर अधिक रुपये खर्च करने पड़े लेकिन गरीब मरीजों को इसका भी लाभ नहीं मिला। बुधवार को लैब टेक्नीशियनों ने भी हड़ताल की और कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। जिससे लैब में टेस्ट करवाने वाले मरीजों को काफी परेशानी हुई और लोगों को दो से तीन घंटे तक लाईनों में लगकर टेस्ट करवाने पड़े।
दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेंद्र ने की। प्रधान ने बताया कि सरकार की पॉलिसी के मुताबिक पक्का करने में कुछ समय लगता है। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान सभी कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन दिया जाए। इस मौके पर सीटू नेता अशोक शर्मा, हरदीप, जोगिंद्र, संत लाल, नवीन, कुलदीप, नसीब, बलजीत, प्रेस प्रवक्ता आशीष, सुनील सैनी, स्टाफ नर्स रेनू, जीना, सरबजीत, सुदेश, सलविंद्र, विमला, मीनाक्षी, सुनीता सहित मौजूद रहे।
असुविधा के लिए खेद है..यह मिला एंबुलेंस के लिए जवाब:
आउटसोर्सिंग के सुपरवाइजर प्रवीन ने बताया कि सीएमओ के आदेशानुसार एंबुलेंस रूम में डाटा एंट्री करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों ने ड्यूटी की। उन्होंने बताया कि सीएमओ ने उन्हें एक सूचना पत्र जारी किया है। जिसमें वह फान कॉल को उठाकर मरीजों को यह कहा जा रहा है कि असुविधा के लिए खेद है। अगर आपके पास कोई प्राइवेट वाहन है, तो उसमें मरीज को ले आए। अगर किसी के पास यह सुविधा नहीं है तो प्राइवेट एंबुलेंस का नंबर दिया जा रहा है। दूसरे दिन की हड़ताल के दौरान समाचार लिखे जाने तक कुल 84 कॉल आई। जिसमें से केवल 40 उठाई गई।
विज्ञापन
एंबुलेंस ठप्प होने से दर दर भटके मरीज:
नानकपुरी कलोनी के निवासी विजय ने बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान उनकी दोनो टांगो टूट गई थी। आज उन्हें छुट्टी मिली है। एंबुलेंस बंद होने के कारण उन्हें घर तक जाना भी काफी मुश्किल है। उसने बताया कि वह काफी गरीब है, इसलिए प्राइवेट एंबुलेंस के किराए पर रुपये नहीं खर्च कर सकता। वहीं गांव मालखेड़ी से आई सावित्री और तारागढ़ निवासी राजबाला ने बताया कि वह सुबह 10 बजे अस्पताल आई थी। 12 बजे तक भी उनके टेस्ट नहीं हो पाए।
389 कर्मचारी रहे हड़ताल पर:
बुधवार की हड़ताल में कुल 389 कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि 142 धरने पर बैठे । जिसमें 88 स्टाफ नर्स 10 लैब टेक्नीशियन, 40 कंप्यूटर ऑपरेटर, 6 डॉक्टर, 58 एंबुलेंस ड्राईवरों सहित अन्य 10 फार्मासिस्ट और अन्य क्लेरिकल स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जसबीर सिंह, जिला सचिव जरनैल सिह, राजेश, रोडवेज कर्मचारी कृष्ण, ओमप्रकाश सहित अन्य संगठनों से कर्मचारी न कर्मचारियों को सर्मथन देने धरनास्थल पर पहुंचे।
उचित प्रबंध किए गए:
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल प्रशासन द्वारा उचित प्रबंध किए गए है। मरीजों के इलाज के लिए ठेके पर तैनात कर्मचारियों से ड्यूटी करवाई जा रही है। मरीजों को लैब में टेस्ट करवाने में समय तो लग रहा है। मगर उनकी सुविधा के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं।
देंवेद्र कुमार, डिप्टी सीएमओ, कैथल।
विज्ञापन
दूसरे दिन धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नरेंद्र ने की। प्रधान ने बताया कि सरकार की पॉलिसी के मुताबिक पक्का करने में कुछ समय लगता है। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान सभी कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन दिया जाए। इस मौके पर सीटू नेता अशोक शर्मा, हरदीप, जोगिंद्र, संत लाल, नवीन, कुलदीप, नसीब, बलजीत, प्रेस प्रवक्ता आशीष, सुनील सैनी, स्टाफ नर्स रेनू, जीना, सरबजीत, सुदेश, सलविंद्र, विमला, मीनाक्षी, सुनीता सहित मौजूद रहे।
विज्ञापन
असुविधा के लिए खेद है..यह मिला एंबुलेंस के लिए जवाब:
आउटसोर्सिंग के सुपरवाइजर प्रवीन ने बताया कि सीएमओ के आदेशानुसार एंबुलेंस रूम में डाटा एंट्री करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों ने ड्यूटी की। उन्होंने बताया कि सीएमओ ने उन्हें एक सूचना पत्र जारी किया है। जिसमें वह फान कॉल को उठाकर मरीजों को यह कहा जा रहा है कि असुविधा के लिए खेद है। अगर आपके पास कोई प्राइवेट वाहन है, तो उसमें मरीज को ले आए। अगर किसी के पास यह सुविधा नहीं है तो प्राइवेट एंबुलेंस का नंबर दिया जा रहा है। दूसरे दिन की हड़ताल के दौरान समाचार लिखे जाने तक कुल 84 कॉल आई। जिसमें से केवल 40 उठाई गई।
विज्ञापन
एंबुलेंस ठप्प होने से दर दर भटके मरीज:
नानकपुरी कलोनी के निवासी विजय ने बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान उनकी दोनो टांगो टूट गई थी। आज उन्हें छुट्टी मिली है। एंबुलेंस बंद होने के कारण उन्हें घर तक जाना भी काफी मुश्किल है। उसने बताया कि वह काफी गरीब है, इसलिए प्राइवेट एंबुलेंस के किराए पर रुपये नहीं खर्च कर सकता। वहीं गांव मालखेड़ी से आई सावित्री और तारागढ़ निवासी राजबाला ने बताया कि वह सुबह 10 बजे अस्पताल आई थी। 12 बजे तक भी उनके टेस्ट नहीं हो पाए।
389 कर्मचारी रहे हड़ताल पर:
बुधवार की हड़ताल में कुल 389 कर्मचारी हड़ताल पर रहे जबकि 142 धरने पर बैठे । जिसमें 88 स्टाफ नर्स 10 लैब टेक्नीशियन, 40 कंप्यूटर ऑपरेटर, 6 डॉक्टर, 58 एंबुलेंस ड्राईवरों सहित अन्य 10 फार्मासिस्ट और अन्य क्लेरिकल स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जसबीर सिंह, जिला सचिव जरनैल सिह, राजेश, रोडवेज कर्मचारी कृष्ण, ओमप्रकाश सहित अन्य संगठनों से कर्मचारी न कर्मचारियों को सर्मथन देने धरनास्थल पर पहुंचे।
उचित प्रबंध किए गए:
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल प्रशासन द्वारा उचित प्रबंध किए गए है। मरीजों के इलाज के लिए ठेके पर तैनात कर्मचारियों से ड्यूटी करवाई जा रही है। मरीजों को लैब में टेस्ट करवाने में समय तो लग रहा है। मगर उनकी सुविधा के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं।
देंवेद्र कुमार, डिप्टी सीएमओ, कैथल।