सीवन में निम्न स्तर के सीवरेज और पेयजल पाइप बिछाने के विरोध में लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अधिकारियों पर पाइप लाइन बिछाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धांधली करने का आरोप लगाया और उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के विरोध के बाद विभाग ने संबंधित कार्य को देख रहे एसडीओ को बदल दिया और उनके स्थान पर गुहला कैथल के एसडीओ को देखरेख की जिम्मेवारी दे दी।
बलजीत सिंह, प्रवीन मदान, अशोक कुमार, अमित कुमार, पंकज, नरेश, सुरेश, सिंदर, जीत सिंह व राहुल ने बताया कि कुछ समय पहले सीवन शहर की गलियों जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल और सीवरेज की पाइप लाइन बिछाई थी। इसके लिए 34 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया है। इन लाइनों को बिछाने में अनियमितता बरती गई है। लोगों का आरोप है कि पाइप निम्न गुणवत्ता वाले बिछाए गए और उन्हें नियमों के अनुसार नहीं बिछाया गया। लोगों ने अधिकारियों को पाइप दिखाते हुए कहा कि ये इतने घटिया किस्म के हैं कि हल्के से दबाव के कारण टूट रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पाइप जोड़ने की बजाय उस स्थान पर लीकेज के कारण बने गड्ढे में मिट्टी भरकर लीपापोती की जा रही है। कुछ समय बाद पानी दूसरे स्थान से निकलना शुरू हो जाता है। इससे गलियां में लगाए गए ब्लॉक जमीन में धंस रहे हैं और गलियों में गड्ढे होने से वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकायत हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार जितना पैसा पाइप लाइन पर खर्च होना था, उतना नहीं हुआ है। उन्होंने समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की। साथ ही अधिकारियों को चेताया कि अगर समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे विभाग के मुख्यालय और सरकार को शिकायत प्रेषित करेंगे। जन स्वास्थ्य विभाग के एसई अशोक खंडूजा ने कहा कि सीवन के निवासियों ने पाइप लाइन के संबंध में उन्हें शिकायत की है। लोगों की मांग को देखते हुए विभाग ने दूसरे एसडीओ को देखरेख का कार्य सौंपा है। जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।