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Kaithal News: बंदर बने गली-मोहल्लों के सिकंदर
Sun, 19 Jan 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। नगर में घूम रहे बंदर इन दिनों गली मोहल्लों के सिकंदर बने हैं। नागरिक श्याम राणा, कुलदीप, रमेश, राजेश, प्रकाश, देवेंद्र, रामकुमार ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि वानरों की चहलकदमी के चलते ना दिन का चैन और ना रात का आराम है। यह टोली किस समय जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
हालात उस समय और भी गंभीर हो जाते हैं, जब ये वानर आदमियों को घेर कर काटने से भी गुरेज नही करते। किसी का भी घर हो इन्हें कोई लेना देना नहीं, जहां कुछ मिला वहीं से सब समेट लिया। दहशत में आए लोग यदि इनको लाठी दिखाए तो इनकी मोर्चाबंदी इतनी जबरदस्त होती है कि सामने वाला होश हवास खो बैठता है।
इस कारण कई बार चोट भी लग जाती है। बंदरों की निरंतर बढ़ रही संख्या को देखते हुए नगरवासी नगर पालिका व जिला प्रशासन को शिकायत कर रहे हैं लेकिन बंदरों से निजात दिलाने के लिए गंभीर कोई नजर नहीं आता। इन लोगों ने बताया कि पिछले दिनों नगर में बंदर पकड़ने का कार्य शुरू किया गया था लेकिन यह कार्य बीच में ही छोड़ दिया था। जिस कारण पूरे बंदर नहीं पकड़े गए थे। पूरा नगर इन बंदरों से परेशान है।
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राजौंद। नगर में घूम रहे बंदर इन दिनों गली मोहल्लों के सिकंदर बने हैं। नागरिक श्याम राणा, कुलदीप, रमेश, राजेश, प्रकाश, देवेंद्र, रामकुमार ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि वानरों की चहलकदमी के चलते ना दिन का चैन और ना रात का आराम है। यह टोली किस समय जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
हालात उस समय और भी गंभीर हो जाते हैं, जब ये वानर आदमियों को घेर कर काटने से भी गुरेज नही करते। किसी का भी घर हो इन्हें कोई लेना देना नहीं, जहां कुछ मिला वहीं से सब समेट लिया। दहशत में आए लोग यदि इनको लाठी दिखाए तो इनकी मोर्चाबंदी इतनी जबरदस्त होती है कि सामने वाला होश हवास खो बैठता है।
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इस कारण कई बार चोट भी लग जाती है। बंदरों की निरंतर बढ़ रही संख्या को देखते हुए नगरवासी नगर पालिका व जिला प्रशासन को शिकायत कर रहे हैं लेकिन बंदरों से निजात दिलाने के लिए गंभीर कोई नजर नहीं आता। इन लोगों ने बताया कि पिछले दिनों नगर में बंदर पकड़ने का कार्य शुरू किया गया था लेकिन यह कार्य बीच में ही छोड़ दिया था। जिस कारण पूरे बंदर नहीं पकड़े गए थे। पूरा नगर इन बंदरों से परेशान है।
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