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Kaithal News: अधिवक्ताओं ने दूसरे दिन भी ठप रखा काम
Thu, 28 Sep 2023 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के अधिवक्ता वरिंद्र सिंह पर पुलिस के केस दर्ज करने के विरोध में बार कौंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप रखा। इस वजह से मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, पीड़ित वकील का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ बदतमीजी की व उसके के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत झूठा केस दर्ज कर दिया।
बार रूम में जिला बार एसोसिएशन प्रधान वेद प्रकाश ढुल ने बताया कि अधिवक्ता वरिंद्र सिंह थाने में अपने एक क्लाइंट का पता करने गया था। वहां से सीआईए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। उसके शरीर पर चोटों के 18 निशान थे। इसके बाद वहां के वकील एसपी से मिले लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। तत्पश्चात वे अदालत में पेश हुए और शिकायत दी। अदालत के दखल के बावजूद पुलिस ने तीन दिन बाद केस दर्ज किया, लेकिन आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं की। इस बात का कड़ा संज्ञान लेते हुए बार कौंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने बैठक कर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में वर्क सस्पेंड रखने का फरमान जारी किया। बुधवार को भी वकीलों ने कोई काम नहीं किया जिससे दूर-दूर से आए मुवक्किलों को परेशानी हुई। जिला बार एसोसिएशन की ओर से नियुक्त प्रॉक्सी काउंसिलों ने आज के केसों की तारीखें ली। ढुल ने कहा कि वे हर प्रकार से मुक्तसर के वकीलों के साथ हैं। बार कौंसिल से जो भी आदेश आएगा, उसका वे पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि वकीलों की मांगें नहीं मानी गई तो 28 सितंबर को भी वर्क सस्पेंड हो सकता है।
ये हैं वकीलों की मांगें
< सदर थाना श्री मुक्तसर साहिब के दोषी आरोपी कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए।
< वकील वरिंद्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द हो।
< श्री मुक्तसर साहिब के सीनियर एसएपी को निलंबित किया जाए।
< उनका तबादला किया जाए।
< मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।
< पीड़ित वकील को पंजाब सरकार मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपए दे।
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कैथल। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के अधिवक्ता वरिंद्र सिंह पर पुलिस के केस दर्ज करने के विरोध में बार कौंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने कामकाज ठप रखा। इस वजह से मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, पीड़ित वकील का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथ बदतमीजी की व उसके के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत झूठा केस दर्ज कर दिया।
बार रूम में जिला बार एसोसिएशन प्रधान वेद प्रकाश ढुल ने बताया कि अधिवक्ता वरिंद्र सिंह थाने में अपने एक क्लाइंट का पता करने गया था। वहां से सीआईए पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। उसके शरीर पर चोटों के 18 निशान थे। इसके बाद वहां के वकील एसपी से मिले लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। तत्पश्चात वे अदालत में पेश हुए और शिकायत दी। अदालत के दखल के बावजूद पुलिस ने तीन दिन बाद केस दर्ज किया, लेकिन आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं की। इस बात का कड़ा संज्ञान लेते हुए बार कौंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने बैठक कर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में वर्क सस्पेंड रखने का फरमान जारी किया। बुधवार को भी वकीलों ने कोई काम नहीं किया जिससे दूर-दूर से आए मुवक्किलों को परेशानी हुई। जिला बार एसोसिएशन की ओर से नियुक्त प्रॉक्सी काउंसिलों ने आज के केसों की तारीखें ली। ढुल ने कहा कि वे हर प्रकार से मुक्तसर के वकीलों के साथ हैं। बार कौंसिल से जो भी आदेश आएगा, उसका वे पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि वकीलों की मांगें नहीं मानी गई तो 28 सितंबर को भी वर्क सस्पेंड हो सकता है।
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ये हैं वकीलों की मांगें
< सदर थाना श्री मुक्तसर साहिब के दोषी आरोपी कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए।
< वकील वरिंद्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द हो।
< श्री मुक्तसर साहिब के सीनियर एसएपी को निलंबित किया जाए।
< उनका तबादला किया जाए।
< मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।
< पीड़ित वकील को पंजाब सरकार मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपए दे।