{"_id":"68852ac1f0c971baea0f526a","slug":"administration-passed-the-first-days-exam-kaithal-news-c-18-1-knl1004-701580-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पहले दिन की परीक्षा में प्रशासन पास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पहले दिन की परीक्षा में प्रशासन पास
Sun, 27 Jul 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 27 Jul 2025 12:51 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में शनिवार को आयोजित सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के दौरान व्यवस्थाओं की सघन निगरानी के लिए उपायुक्त प्रीति और पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी तड़के ही फील्ड में निकल पड़ीं। सुबह 7 बजे दोनों अधिकारी सबसे पहले खजाना कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने पेपर डिस्पैच प्रक्रिया का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने बस अड्डे का दौरा कर यातायात प्रबंधन की समीक्षा की और फिर विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जाखौली अड्डा), राधाकृष्णन स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कमेटी चौक), गीता भवन के पास कन्या विद्यालय, खुराना रोड स्थित खालसा पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, हेरिटेज, शैमरॉक, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नवोदय विद्यालय और सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों की तलाशी, बॉयोमीट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा प्रबंध, जैमर और स्टाफ की कार्यप्रणाली का सूक्ष्म अवलोकन किया। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए कि चेकिंग के दौरान विनम्र व्यवहार अपनाएं और किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा न हो।
विज्ञापन
85 शटल बसें रहीं तैनात ः परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु 85 शटल बसों की व्यवस्था की गई थी, जो बस अड्डे से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक आवागमन में सहायक रहीं। बसों पर परीक्षा केंद्रों के नाम स्पष्ट रूप से अंकित किए गए थे। साथ ही, बस अड्डे पर हेल्प डेस्क व अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था भी की गई, जिसने अभ्यर्थियों को गंतव्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
10 स्थानों से पंचकूला और चंडीगढ़ के लिए चलीं विशेष बसें ः जिले के कई परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र पंचकूला और चंडीगढ़ में निर्धारित थे। ऐसे में पूंडरी, ढांड, कैथल, राजौंद, कलायत, चीका, कसान, सांघन, सीवन और पाई से विशेष बसें चलाई गईं। सुबह की पाली वाले अभ्यर्थियों के लिए बसें तड़के 3 बजे से रवाना हो गई थीं, जबकि शाम की पाली के लिए 8 बजे से बसों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
परीक्षार्थी को निजी वाहन से एसपी ने पहुंचाया करनाल
एक परीक्षार्थी ने सुबह पूंडरी से आपातकाल में फोन कर यातायात की सुविधा की मांग की। जिस पर एसपी आस्था मोदी ने तुरंत ईआरवी को उसकी मदद के लिए भेजा। वहां से उसकी इच्छा अनुसार उसे निजी वाहन से करनाल भेजा गया। इस तरह से पूरा प्रशासन दिन भर अलर्ट मोड में रहा और परीक्षार्थियों या उनके अभिभावकों की जरूरत अनुसार उन्हें सुविधाएं प्रदान की गईं।
बस स्टैंड व परीक्षा केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध करवाईं
पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा व एंबुलेंस सेवा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं बस अड्डे व परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति के लिए दवाओं सहित मेडिकल स्टाफ तैनात रहा।
विज्ञापन
कैथल। जिले में शनिवार को आयोजित सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) के दौरान व्यवस्थाओं की सघन निगरानी के लिए उपायुक्त प्रीति और पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी तड़के ही फील्ड में निकल पड़ीं। सुबह 7 बजे दोनों अधिकारी सबसे पहले खजाना कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने पेपर डिस्पैच प्रक्रिया का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने बस अड्डे का दौरा कर यातायात प्रबंधन की समीक्षा की और फिर विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जाखौली अड्डा), राधाकृष्णन स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कमेटी चौक), गीता भवन के पास कन्या विद्यालय, खुराना रोड स्थित खालसा पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, हेरिटेज, शैमरॉक, दिल्ली पब्लिक स्कूल, नवोदय विद्यालय और सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
विज्ञापन
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों की तलाशी, बॉयोमीट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा प्रबंध, जैमर और स्टाफ की कार्यप्रणाली का सूक्ष्म अवलोकन किया। पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए गए कि चेकिंग के दौरान विनम्र व्यवहार अपनाएं और किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा न हो।
विज्ञापन
85 शटल बसें रहीं तैनात ः परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु 85 शटल बसों की व्यवस्था की गई थी, जो बस अड्डे से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक आवागमन में सहायक रहीं। बसों पर परीक्षा केंद्रों के नाम स्पष्ट रूप से अंकित किए गए थे। साथ ही, बस अड्डे पर हेल्प डेस्क व अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था भी की गई, जिसने अभ्यर्थियों को गंतव्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
10 स्थानों से पंचकूला और चंडीगढ़ के लिए चलीं विशेष बसें ः जिले के कई परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र पंचकूला और चंडीगढ़ में निर्धारित थे। ऐसे में पूंडरी, ढांड, कैथल, राजौंद, कलायत, चीका, कसान, सांघन, सीवन और पाई से विशेष बसें चलाई गईं। सुबह की पाली वाले अभ्यर्थियों के लिए बसें तड़के 3 बजे से रवाना हो गई थीं, जबकि शाम की पाली के लिए 8 बजे से बसों की आवाजाही शुरू हो गई थी।
परीक्षार्थी को निजी वाहन से एसपी ने पहुंचाया करनाल
एक परीक्षार्थी ने सुबह पूंडरी से आपातकाल में फोन कर यातायात की सुविधा की मांग की। जिस पर एसपी आस्था मोदी ने तुरंत ईआरवी को उसकी मदद के लिए भेजा। वहां से उसकी इच्छा अनुसार उसे निजी वाहन से करनाल भेजा गया। इस तरह से पूरा प्रशासन दिन भर अलर्ट मोड में रहा और परीक्षार्थियों या उनके अभिभावकों की जरूरत अनुसार उन्हें सुविधाएं प्रदान की गईं।
बस स्टैंड व परीक्षा केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध करवाईं
पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा व एंबुलेंस सेवा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं बस अड्डे व परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति के लिए दवाओं सहित मेडिकल स्टाफ तैनात रहा।