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Kaithal News: जिप का रिकॉर्ड कब्जे में लेगी एसीबी
Sat, 08 Jun 2024 05:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 08 Jun 2024 05:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद में हुए सफाई घोटाला मामले में अब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जल्द ही वर्ष 2021 में जनवरी से मार्च तक हुए विकास कार्यों को लेकर रिकॉर्ड तलब करेगी। इसे जिला परिषद के अधिकारियों की ओर से एसीबी को देने के लिए तैयार किया जा रहा है। रिकॉर्ड तैयार होते ही एसीबी की टीम को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही जल्द ही सफाई करने वाले कर्मियों के बयान भी लिए जाएंगे।
एसीबी की ओर से घोटाला मामले में जांच जारी है। एसीबी की तरफ से आरोपियोंं के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। इस मामले में कुल 15 आरोपी हैं, इसमें से अभी तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मास्टर माइंड सहित अन्य आठ आरोपियों की गिरफ्तारी होना
बाकी है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय वर्ष 2021 में सरकार ने जिला परिषद में करीब 12 करोड़ रुपये की राशि की ग्रांट को मंजूरी दी थी। इसमें से 10.16 करोड़ रुपये की राशि कामों के लिए आई। जिसमें से आरोपियों ने सात करोड़ रुपये का गबन किया और करीब 30 प्रतिशत तक राशि से काम करवाए। इस घोटाला में कुल 15 आरोपी
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शामिल हैं, लेकिन इसमें से अभी तक केवल सात आरोपियों की गिरफ्तारी ही हो पाई है।
इसमें एसीबी ने अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश व पूंडरी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया है। एसीबी कैथल के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि मास्टर माइंड सहित अन्य सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन वे अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।
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कैथल। जिला परिषद में हुए सफाई घोटाला मामले में अब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जल्द ही वर्ष 2021 में जनवरी से मार्च तक हुए विकास कार्यों को लेकर रिकॉर्ड तलब करेगी। इसे जिला परिषद के अधिकारियों की ओर से एसीबी को देने के लिए तैयार किया जा रहा है। रिकॉर्ड तैयार होते ही एसीबी की टीम को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही जल्द ही सफाई करने वाले कर्मियों के बयान भी लिए जाएंगे।
एसीबी की ओर से घोटाला मामले में जांच जारी है। एसीबी की तरफ से आरोपियोंं के परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। इस मामले में कुल 15 आरोपी हैं, इसमें से अभी तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मास्टर माइंड सहित अन्य आठ आरोपियों की गिरफ्तारी होना
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बाकी है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय वर्ष 2021 में सरकार ने जिला परिषद में करीब 12 करोड़ रुपये की राशि की ग्रांट को मंजूरी दी थी। इसमें से 10.16 करोड़ रुपये की राशि कामों के लिए आई। जिसमें से आरोपियों ने सात करोड़ रुपये का गबन किया और करीब 30 प्रतिशत तक राशि से काम करवाए। इस घोटाला में कुल 15 आरोपी
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शामिल हैं, लेकिन इसमें से अभी तक केवल सात आरोपियों की गिरफ्तारी ही हो पाई है।
इसमें एसीबी ने अब तक कैथल में पंचायती राज के एसडीओ रहे रोहतक के एक्सईएन नवीन, कैथल में पंचायती राज के जेई जसबीर सिंह, अकाउंटेंट कुलवंत के साथ पंचायती राज के ठेकेदार गांव फरियाबाद निवासी दिलबाग सिंह, गांव फतेहपुर निवासी अभय संधू, ठेकेदार राजेश व पूंडरी निवासी अनिल को गिरफ्तार किया है। एसीबी कैथल के प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि मास्टर माइंड सहित अन्य सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन वे अभी तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।