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आयुष्मान योजना ने डायलिसिस का बचाया खर्च
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गांव दयौरा निवासी सुंदर सिंह की दोनों किडनी फेल होने के कारण आठ साल से लगातार डायलिसिस करवाना पड़ता है। शुरू में सप्ताह में 1300 रुपये की दर से दो बार डायलिसिस होता था। फिर धीरे-धीरे घटकर यह 800 रुपये पर आ गया। लेकिन फरवरी माह से आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ तो परिवार को बड़ी राहत मिली।
गांव दयौरा निवासी किरण देवी ने बताया कि उसके पति सुंदर सिंह अपनी गाड़ी चलाते थे। साथ ही खेती करते थे। करीब आठ साल पहले उन्हें बीपी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद उनकी दोनों किडनी खराब हो गई। तो उन्हें हर सप्ताह डॉक्टरों ने डायलिसिस कराने के लिए बताया। जिसके लिए उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में डायलिसिस करवाना पड़ा। इसके बाद कैथल के प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस करवाने लगे हर सप्ताह दो बार उन्हें अस्पताल ले जाने व लाने की परेशानी सहित 1300 रुपये की दर से डायलिसिस करवाना पड़ता था। वे खुद सिलाई मशीन आदि चलाकर परिवार का खर्च भी उठा रही हैं, साथ ही पति का इलाज करवाते हुए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। फरवरी माह में उन्हें पता चला कि आयुष्मान योजना में यह निशुल्क हो सकता है। इसके बाद वे सिग्रस अस्पताल में गए। जहां कार्ड बनने के बाद अब उनके पति का सप्ताह में दो बार निशुल्क डायलिसिस होती है। इससे कम से कम इतनी राहत मिली की हर सप्ताह जो डायलिसिस पर खर्च हो रहा था। उसके लिए अब खर्च नहीं करना पड़ता। अब उनके पति को सुनना भी बंद हो गया है। लेकिन आयुष्मान योजना से जरूर उन्हें लाभ मिला है।
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. संदीप जैन का कहना है कि योजना के तहत बहुत सारे ऐसे लोग हैं। जिन्हें खूब लाभ मिला है। उनके बड़े ऑपरेशन हुए हैं। जिसके लिए उनका कोई पैसा खर्च नहीं हुआ है। योजना लोगों के लिए काफी लाभकारी है।
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गांव दयौरा निवासी किरण देवी ने बताया कि उसके पति सुंदर सिंह अपनी गाड़ी चलाते थे। साथ ही खेती करते थे। करीब आठ साल पहले उन्हें बीपी बढ़ना शुरू हुआ। इसके बाद उनकी दोनों किडनी खराब हो गई। तो उन्हें हर सप्ताह डॉक्टरों ने डायलिसिस कराने के लिए बताया। जिसके लिए उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में डायलिसिस करवाना पड़ा। इसके बाद कैथल के प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस करवाने लगे हर सप्ताह दो बार उन्हें अस्पताल ले जाने व लाने की परेशानी सहित 1300 रुपये की दर से डायलिसिस करवाना पड़ता था। वे खुद सिलाई मशीन आदि चलाकर परिवार का खर्च भी उठा रही हैं, साथ ही पति का इलाज करवाते हुए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। फरवरी माह में उन्हें पता चला कि आयुष्मान योजना में यह निशुल्क हो सकता है। इसके बाद वे सिग्रस अस्पताल में गए। जहां कार्ड बनने के बाद अब उनके पति का सप्ताह में दो बार निशुल्क डायलिसिस होती है। इससे कम से कम इतनी राहत मिली की हर सप्ताह जो डायलिसिस पर खर्च हो रहा था। उसके लिए अब खर्च नहीं करना पड़ता। अब उनके पति को सुनना भी बंद हो गया है। लेकिन आयुष्मान योजना से जरूर उन्हें लाभ मिला है।
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आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डा. संदीप जैन का कहना है कि योजना के तहत बहुत सारे ऐसे लोग हैं। जिन्हें खूब लाभ मिला है। उनके बड़े ऑपरेशन हुए हैं। जिसके लिए उनका कोई पैसा खर्च नहीं हुआ है। योजना लोगों के लिए काफी लाभकारी है।
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