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Kaithal News: 1650 रुपये में पकड़ा जाएगा एक कुत्ता... कुल 35 लाख होंगे खर्च

Fri, 14 Nov 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 14 Nov 2025 01:03 AM IST
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A dog will be caught for Rs 1650... the total expenditure will be Rs 35 lakh.
12 नवंबर के अंक में प्रका​शित समाचार।
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर में बढ़ती लावारिस कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने बड़ी पहल की है। परिषद अब इन कुत्तों को पकड़ने के लिए 35 लाख रुपये की निविदा जारी करने जा रही है। नगर परिषद के अनुसार, जिस एजेंसी को यह टेंडर मिलेगा, उसे प्रति कुत्ता पकड़ने पर 1650 रुपये दिए जाएंगे।

नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि टेंडर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे इसी सप्ताह सिरे चढ़ा दिया जाएगा। इसके बाद शहर में कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। नगर परिषद किराये पर जगह लेकर एजेंसी को उपलब्ध कराएगी, ताकि पकड़े गए कुत्तों को वहां अस्थायी रूप से रखा जा सके।
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परिषद के सर्वे के अनुसार, शहर में करीब 4500 लावारिस कुत्ते हैं, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जा रही है। एजेंसी इन कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करेगी ताकि इनकी संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही, कुत्तों को दो टीके लगाए जाएंगे ताकि नागरिकों को काटने पर संक्रमण और रेबीज जैसी बीमारियों का खतरा कम हो।
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बैठकों में कई बार पार्षदों ने कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया है। अब नगर परिषद इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।

लावारिस कुत्तों की है भरमार ः नगर परिषद क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। टेंडर प्रक्रिया लंबे समय से लंबित होने के कारण स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

नागरिक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, रोजाना 15 से 20 लोग कुत्तों के काटने के मामले लेकर पहुंच रहे हैं और उन्हें रेबीज का टीकाकरण कराना पड़ रहा है। शहरवासी इस स्थिति से परेशान हैं, लेकिन परिषद की कछुआ चाल जैसी कार्यप्रणाली से समाधान नहीं निकल पा रहा है। कई बार अधिकारी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन एजेंसी नहीं मिलने या लापरवाही के चलते काम अधूरा रह जाता है।

कुत्तों के आतंक से परेशान लोग

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जनकपुरी कालोनी निवासी राम अवतार ने बताया कि वह गली में टहलते हुए घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया और एक कुत्ते ने उसकी टांग पर काट लिया था।

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डिफेंस कॉलोनी निवासी अनिल शर्मा ने बताया कि उनके एरिया में लावारिस कुत्तों की भरमार है। हालात ये है कि बच्चे गली में नहीं खेल सकते। कुत्तों को पत्थर मार कर भगाया जाता है।


अधिकारियों को लावारिस कुत्ते पकड़ने का टेंडर जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। टेंडर होने के तुरंत बाद ही संबंधित एजेंसी अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ेगी। -कपिल शर्मा, डीएमसी

12 नवंबर के अंक में प्रकाशित समाचार।

12 नवंबर के अंक में प्रकाशित समाचार।

12 नवंबर के अंक में प्रकाशित समाचार।

12 नवंबर के अंक में प्रकाशित समाचार।

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