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Kaithal News: कमेटी संभालेगी डेरा बाबा राजपुरी की कमान
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डेरा बाबा राजुपरी में पंचायत में भाग लेते ग्रामीण।
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कैथल। गांव बाबा लदाना के डेरा बाबा राजपुरी को चलाने और महंत की गद्दी का फैसला अब 21 से 31 सदस्यीय कमेटी करेगी। कमेटी बनाने का फैसला ग्रामीणों ने शुक्रवार को डेरे में हुई पंचायत में लिया और पंचायत में ही कमेटी के लिए सदस्यों के नाम भी लिए गए लेकिन नामों पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
कमेटी सदस्यों के नाम पर फैसला करने के लिए डेरे में शाम को फिर से पंचायत बुलाई गई थी लेकिन देर शाम तक भी कमेटी के सदस्यों के नाम तय नहीं हो सके थे। इसके लिए शनिवार सुबह आठ बजे फिर से बैठक की जाएगी। डेरे में साधु की हत्या के आरोप में मुख्य महंत, मुख्य साधु और वहां की पूरी व्यवस्था संभालने वाले तीन सेवक जेल में जाने से डेरे की व्यवस्था बनाना ग्रामीणों के लिए चुनौती से कम नहीं है।
लंगर से लेकर पशुओं की देखरेख और डेरे की आय व व्यय का खर्च भी अब से कमेटी ही देखेगी। हालांकि डेरे की गद्दी पर किसको बैठाया जाएगा, इसके लिए भी ग्रामीणों ने फैसले की जिम्मेदारी कमेटी को ही सौंपी है। कमेटी के लिए गांव की 36 बिरादरी से नाम लिए गए हैं और कमेटी के यही 21 से 31 सदस्य आने वाले समय में डेरे को चलाने देखरेख और गद्दी को बैठाने के सभी फैसले लेंगे।
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इसलिए बनी कमेटी गठन की स्थिति : डेरा बाबा राजपुरी में बुधवार को गद्दीनशीन महंत दूजपुरी व अन्य लोगों ने साधु शिवशंकर पुरी की जंजीरों से बांधकर डंडे से हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में महंत के कक्ष में जाने पर विवाद शुरू हुआ था।
इसमें वहां के डेरे की पूरी व्यवस्था संभालने वाले साधु व तीन सेवक भी इस समय जेल में बंद हैं। महंत सहित ये सभी लोग ही डेरे के खर्चाें, आय, लंगर, खेतीबाड़ी व पशुओं की देखभाल करते थे। हत्या के बाद से यही काम ग्रामीण वैसे सेवा के रूप में कर रहे हैं लेकिन चीजों को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए और नये महंत को गद्दी सौंपने के लिए ही ग्रामीणों ने कमेटी गठित करने का फैसला किया है।
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कमेटी सदस्यों के नाम पर फैसला करने के लिए डेरे में शाम को फिर से पंचायत बुलाई गई थी लेकिन देर शाम तक भी कमेटी के सदस्यों के नाम तय नहीं हो सके थे। इसके लिए शनिवार सुबह आठ बजे फिर से बैठक की जाएगी। डेरे में साधु की हत्या के आरोप में मुख्य महंत, मुख्य साधु और वहां की पूरी व्यवस्था संभालने वाले तीन सेवक जेल में जाने से डेरे की व्यवस्था बनाना ग्रामीणों के लिए चुनौती से कम नहीं है।
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लंगर से लेकर पशुओं की देखरेख और डेरे की आय व व्यय का खर्च भी अब से कमेटी ही देखेगी। हालांकि डेरे की गद्दी पर किसको बैठाया जाएगा, इसके लिए भी ग्रामीणों ने फैसले की जिम्मेदारी कमेटी को ही सौंपी है। कमेटी के लिए गांव की 36 बिरादरी से नाम लिए गए हैं और कमेटी के यही 21 से 31 सदस्य आने वाले समय में डेरे को चलाने देखरेख और गद्दी को बैठाने के सभी फैसले लेंगे।
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इसलिए बनी कमेटी गठन की स्थिति : डेरा बाबा राजपुरी में बुधवार को गद्दीनशीन महंत दूजपुरी व अन्य लोगों ने साधु शिवशंकर पुरी की जंजीरों से बांधकर डंडे से हमला कर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में महंत के कक्ष में जाने पर विवाद शुरू हुआ था।
इसमें वहां के डेरे की पूरी व्यवस्था संभालने वाले साधु व तीन सेवक भी इस समय जेल में बंद हैं। महंत सहित ये सभी लोग ही डेरे के खर्चाें, आय, लंगर, खेतीबाड़ी व पशुओं की देखभाल करते थे। हत्या के बाद से यही काम ग्रामीण वैसे सेवा के रूप में कर रहे हैं लेकिन चीजों को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए और नये महंत को गद्दी सौंपने के लिए ही ग्रामीणों ने कमेटी गठित करने का फैसला किया है।

डेरा बाबा राजुपरी में पंचायत में भाग लेते ग्रामीण।

डेरा बाबा राजुपरी में पंचायत में भाग लेते ग्रामीण।

डेरा बाबा राजुपरी में पंचायत में भाग लेते ग्रामीण।