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कलायत में पानी की बूंद-बूंद को लेकर हाहाकार
Updated Sat, 02 Jun 2018 11:40 PM IST
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कलायत में पानी की बूंद-बूंद को लेकर हाहाकार
भीष्म गर्मी के साथ ही सूखे जन स्वास्थ्य विभाग के टैंक
करोड़ों रुपये की पेयजल परियोजना बनी सफेद हाथी
फोटो संख्या-23
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। कलायत में पेयजल टैंकों के खाली होने के कारण लोग पानी के लिए तरस गए हैं। सिरसा ब्रांच नहर में 40 दिन की समयावधि तक पानी ना मिलने के कारण विभाग के लिए परेशानी बनी हुई है।
लोगों ने बताया कि कई एकड़ में फैली पेयजल परियोजना इस मायने से सफेद हाथी साबित हो रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब भीष्म गर्मी के बीच पानी की ज्यादा जरूरत होती है तो उस दौरान खपत के अनुरूप जन स्वास्थ्य विभाग पेयजल आपूर्ति नहीं कर पाता। भूमिगत जल नगर में पीने योग्य नहीं है। इन परिस्थितियों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मचना तय है। समय पर बिलों का भुगतान करने वाले पेयजल उपभोक्ता बार-बार एक ही बात दोहरा रहे है कि जब वे निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पानी की कीमत चुका रहे है तो पेयजल पूर्ति का दायित्व जन स्वास्थ्य विभाग का बनता है।
सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता आरएस मित्तल ने बताया कि सरकार द्वारा तय मानदंडों के अनुसार नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। उनकी तरफ से किसी प्रकार की अनियमितता पानी मामले में नहीं की जा रही। जन स्वास्थ्य विभाग उपमंडल अभियंता बीएस रेढु ने बताया कि पूर्व में सिरसा ब्रांच नहर में अपेक्षाकृत जल्द पानी छोड़ा जाता था। 40 दिन का समय निर्धारित किए जाने से भीष्म गर्मी में पानी भंडारण में समस्या आड़े आ रही है। वैकल्पिक संसाधनों से वे घर-घर पानी पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रहे है।
भीष्म गर्मी के साथ ही सूखे जन स्वास्थ्य विभाग के टैंक
करोड़ों रुपये की पेयजल परियोजना बनी सफेद हाथी
फोटो संख्या-23
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। कलायत में पेयजल टैंकों के खाली होने के कारण लोग पानी के लिए तरस गए हैं। सिरसा ब्रांच नहर में 40 दिन की समयावधि तक पानी ना मिलने के कारण विभाग के लिए परेशानी बनी हुई है।
लोगों ने बताया कि कई एकड़ में फैली पेयजल परियोजना इस मायने से सफेद हाथी साबित हो रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब भीष्म गर्मी के बीच पानी की ज्यादा जरूरत होती है तो उस दौरान खपत के अनुरूप जन स्वास्थ्य विभाग पेयजल आपूर्ति नहीं कर पाता। भूमिगत जल नगर में पीने योग्य नहीं है। इन परिस्थितियों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मचना तय है। समय पर बिलों का भुगतान करने वाले पेयजल उपभोक्ता बार-बार एक ही बात दोहरा रहे है कि जब वे निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पानी की कीमत चुका रहे है तो पेयजल पूर्ति का दायित्व जन स्वास्थ्य विभाग का बनता है।
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सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता आरएस मित्तल ने बताया कि सरकार द्वारा तय मानदंडों के अनुसार नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। उनकी तरफ से किसी प्रकार की अनियमितता पानी मामले में नहीं की जा रही। जन स्वास्थ्य विभाग उपमंडल अभियंता बीएस रेढु ने बताया कि पूर्व में सिरसा ब्रांच नहर में अपेक्षाकृत जल्द पानी छोड़ा जाता था। 40 दिन का समय निर्धारित किए जाने से भीष्म गर्मी में पानी भंडारण में समस्या आड़े आ रही है। वैकल्पिक संसाधनों से वे घर-घर पानी पहुंचाने का हर संभव प्रयास कर रहे है।
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