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जांच में गांव बालू के सरपंच का दसवीं का सर्टिफिकेट पाया गया अवैध
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:30 AM IST
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जांच में गांव बालू के सरपंच का दसवीं का सर्टिफिकेट पाया गया अवैध
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। सरकारी जांच में गांव बालू गादड़ा पट्टी के सरपंच का दसवीं का सर्टिफिकेट अवैध पाया गया है। डीसी ने पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51 में किए गए प्रावधान के अनुसार कार्रवाई करने से पूर्व सात दिन के भीतर नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। साथ में यह भी निर्देश दिए हैं कि जवाब ने देने की स्थिति में ग्राम सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि गांव के ही संजीव कुमार ने 11 सितंबर को सरपंच की दसवीं के अवैध सर्टिफिकेट की शिकायत की थी, जिसकी जांच जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी से करवाई गई। चुनाव से पूर्व ग्राम सरपंच ने जो दसवीं का सर्टिफिकेट अपने आवेदन में लगाया था, वह बोर्ड आफ स्कूल एंड टेक्निकल एजूकेशन छत्तीसगढ़ का है। जांच में पाया गया कि यह सर्टिफिकेट किसी भी परीक्षा के समकक्ष मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का उक्त बोर्ड हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त बोर्ड व विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल नहीं है। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव के लिए प्रस्तुत किया दसवीं का प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी हिदायतानुसार वैध नहीं है।
नोटिस का सात दिन में जवाब न देने की सूरत में एकतरफा कार्यवाई के दिए निर्देश
फोटो नंबर- 47
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। सरकारी जांच में गांव बालू गादड़ा पट्टी के सरपंच का दसवीं का सर्टिफिकेट अवैध पाया गया है। डीसी ने पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 51 में किए गए प्रावधान के अनुसार कार्रवाई करने से पूर्व सात दिन के भीतर नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। साथ में यह भी निर्देश दिए हैं कि जवाब ने देने की स्थिति में ग्राम सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि गांव के ही संजीव कुमार ने 11 सितंबर को सरपंच की दसवीं के अवैध सर्टिफिकेट की शिकायत की थी, जिसकी जांच जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी से करवाई गई। चुनाव से पूर्व ग्राम सरपंच ने जो दसवीं का सर्टिफिकेट अपने आवेदन में लगाया था, वह बोर्ड आफ स्कूल एंड टेक्निकल एजूकेशन छत्तीसगढ़ का है। जांच में पाया गया कि यह सर्टिफिकेट किसी भी परीक्षा के समकक्ष मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का उक्त बोर्ड हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त बोर्ड व विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल नहीं है। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव के लिए प्रस्तुत किया दसवीं का प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी हिदायतानुसार वैध नहीं है।
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नोटिस का सात दिन में जवाब न देने की सूरत में एकतरफा कार्यवाई के दिए निर्देश
फोटो नंबर- 47