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श्रेय लूटने की थी होड़, जिम्मेदारी से झाड़ रहे पल्ला
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:28 AM IST
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श्रेय लूटने की थी होड़, जिम्मेदारी से झाड़ रहे पल्ला
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। जिस नंदीशाला को बनाने का श्रेय लेने के लिए पहले होड़ मची थी अब उसकी नाकामी के अपयश को एक दूसरे पर डालने के लिए आरोपों प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। उधर शहर की सड़कों और गली मोहल्लों में घूमते गोवंश को नंदीशाला में बंद किए जाने के बाद लोगों ने तो राहत की सांस ली है पर गोवंश की जान पर बन आई है। पानी और चारे के अभाव के चलते भूखों मर रहे गोवंश के लिए शुक्रवार रात की बारिश आफत बनकर आई। रात को एक गाय ने एक बछड़े को जन्म दिया जो कि पानी में भीगता रहा और मर गया। एक बीमार बैल भी बारिश को नहीं झेल पाया। इससे पहले भी सिर्फ 2 महीने में यहां चारा न मिल पाने के कारण पांच गोवंश की मौत हो चुकी है।
एक का एलान दूसरे ने नारियल फोड़ा
जब प्रदेश सरकार ने सड़कों से गोवंश को हटाने के लिए नंदीशालाएं स्थापित करने की योजना बनाई तो आनन फानन में पालिका अध्यक्षा अमनदीप कौर ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर दावा कर दिया कि नगर पालिका चीका में जल्दी ही शानदार नंदीशाला बनाएगी। अमनदीप शर्मा का एलान अभी सोशल मीडिया में ही चल रहा था कि खबर आ गई कि विधायक कुलवंत बाजीगर ने गुहला खरकां रोड पर नंदीशाला के लिए उद्घाटन वाला नारियल फोड़ दिया है। पहले श्रेय की होड़ मची थी अब स्थितियां उल्टी पड़ी तो बयान भी उल्टे हो गए हैं।
यह है हकीकत
शनिवार सुबह नंदीशाला के बहुत बड़े हिस्से में पानी बारिश का पानी खड़ा मिला। ऊंचे हिस्से में पूरा दलदल बना हुआ था। इधर उधर जाने के चक्कर में पशु दलदल में धंस रहे थे। छोटे से शेड के नीचे इतनी जगह नहीं है कि नंदीशाला में बंद तमाम गोवंश उसके नीचे आ सके। लिहाजा अधिकतर पशु खुले आसमान के नीचे भीगते मिले। गोवंश की देखभाल के लिए यूं तो 10 कर्मचारी तैनात किए बताते हैं पर वहां मौजूद इकलौते कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पहले दो किसान कुछ तूड़ी छोड़ गए थे। पशुओं को थोड़ा आटा लगाकर वहीं डाली जा रही है। हरा चारा आठ दिनों से नहीं आया। तूड़ी का भी बस आज आज का स्टाक बचा है।
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पिंटू ने ली थी जिम्मेवारी : विधायक
विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि नंदीशाला को लेकर डीसी कैथल ने एक मीटिंग कैथल में बुलाई थी। इस मीटिंग में गुहला प्रशासन के अधिकारियों के साथ साथ पालिका अध्यक्षा अमनदीप कौर शर्मा अपने पति राजेश शर्मा के साथ गई थी। दोनों शर्मा दंपति ने डीसी के सामने यह दावा किया था कि वे नंदीशाला संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। लिहाजा यह काम सीधे उन्हें सौंपा जाए। विधायक ने कहा कि अब पिंटू पीछे हट गए हैं और नंदीशाला को राम भरोसे छोड़ दिया है। एसडीएम गुहला सुरेंद्र पाल ने भी इसी बात को दोहराया। नगर पालिका के एमई रमेश वर्मा ने कहा कि एसडीएम के कहने पर वह नगर पालिका का प्रबंध देख रहे थे। जब पालिका अध्यक्ष ने खुद प्रबंध संभालने की बात डीसी के सामने रखी तो उन्हें मजबूरन पीछे हटना पड़ गया। वर्मा ने कहा कि अब नंदीशाला की मौजूदा स्थिति के लिए पालिका अध्यक्ष ही जिम्मेवार हैं।
जिम्मेवारी तो सारे शहर की है, कोई माने तो : चेयरपर्सन
नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा ने कहा कि आप नंदीशाला की बात करते हैं मैंने तो पूरे शहर की जिम्मेवारी ले रखी है पर कोई अधिकारी कोई आदेश मानता ही नहीं। कहने को तो वे नंदीशाला प्रबंधन कमेटी की उपाध्यक्ष हैं पर आज तक उन्हें किसी मीटिंग में नहीं बुलाया गया। हालांकि नंदीशाला नगर पालिका की जमीन में बनाई गई है पर स्थान के चयन से लेकर वहां करवाए जाने वाले निर्माण को लेकर उनसे कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया है। अमनदीप ने कहा कि वे डीसी के सामने नंदीशाला को संभालने का दावा करके आई थी पर यहां आते ही जानबूझकर बिल्कुल विपरीत स्थितियां पैदा कर दी गई ताकि नंदीशाला की विफलता का घड़ा उनके सिर फोड़ा जा सके। अमनदीप ने कहा कि उन्होंने सारे हालात की जानकारी डीसी कैथल व सीएम मनोहर लाल को लिखकर भिजवा दी हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। जिस नंदीशाला को बनाने का श्रेय लेने के लिए पहले होड़ मची थी अब उसकी नाकामी के अपयश को एक दूसरे पर डालने के लिए आरोपों प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। उधर शहर की सड़कों और गली मोहल्लों में घूमते गोवंश को नंदीशाला में बंद किए जाने के बाद लोगों ने तो राहत की सांस ली है पर गोवंश की जान पर बन आई है। पानी और चारे के अभाव के चलते भूखों मर रहे गोवंश के लिए शुक्रवार रात की बारिश आफत बनकर आई। रात को एक गाय ने एक बछड़े को जन्म दिया जो कि पानी में भीगता रहा और मर गया। एक बीमार बैल भी बारिश को नहीं झेल पाया। इससे पहले भी सिर्फ 2 महीने में यहां चारा न मिल पाने के कारण पांच गोवंश की मौत हो चुकी है।
एक का एलान दूसरे ने नारियल फोड़ा
जब प्रदेश सरकार ने सड़कों से गोवंश को हटाने के लिए नंदीशालाएं स्थापित करने की योजना बनाई तो आनन फानन में पालिका अध्यक्षा अमनदीप कौर ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर दावा कर दिया कि नगर पालिका चीका में जल्दी ही शानदार नंदीशाला बनाएगी। अमनदीप शर्मा का एलान अभी सोशल मीडिया में ही चल रहा था कि खबर आ गई कि विधायक कुलवंत बाजीगर ने गुहला खरकां रोड पर नंदीशाला के लिए उद्घाटन वाला नारियल फोड़ दिया है। पहले श्रेय की होड़ मची थी अब स्थितियां उल्टी पड़ी तो बयान भी उल्टे हो गए हैं।
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यह है हकीकत
शनिवार सुबह नंदीशाला के बहुत बड़े हिस्से में पानी बारिश का पानी खड़ा मिला। ऊंचे हिस्से में पूरा दलदल बना हुआ था। इधर उधर जाने के चक्कर में पशु दलदल में धंस रहे थे। छोटे से शेड के नीचे इतनी जगह नहीं है कि नंदीशाला में बंद तमाम गोवंश उसके नीचे आ सके। लिहाजा अधिकतर पशु खुले आसमान के नीचे भीगते मिले। गोवंश की देखभाल के लिए यूं तो 10 कर्मचारी तैनात किए बताते हैं पर वहां मौजूद इकलौते कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पहले दो किसान कुछ तूड़ी छोड़ गए थे। पशुओं को थोड़ा आटा लगाकर वहीं डाली जा रही है। हरा चारा आठ दिनों से नहीं आया। तूड़ी का भी बस आज आज का स्टाक बचा है।
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पिंटू ने ली थी जिम्मेवारी : विधायक
विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि नंदीशाला को लेकर डीसी कैथल ने एक मीटिंग कैथल में बुलाई थी। इस मीटिंग में गुहला प्रशासन के अधिकारियों के साथ साथ पालिका अध्यक्षा अमनदीप कौर शर्मा अपने पति राजेश शर्मा के साथ गई थी। दोनों शर्मा दंपति ने डीसी के सामने यह दावा किया था कि वे नंदीशाला संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। लिहाजा यह काम सीधे उन्हें सौंपा जाए। विधायक ने कहा कि अब पिंटू पीछे हट गए हैं और नंदीशाला को राम भरोसे छोड़ दिया है। एसडीएम गुहला सुरेंद्र पाल ने भी इसी बात को दोहराया। नगर पालिका के एमई रमेश वर्मा ने कहा कि एसडीएम के कहने पर वह नगर पालिका का प्रबंध देख रहे थे। जब पालिका अध्यक्ष ने खुद प्रबंध संभालने की बात डीसी के सामने रखी तो उन्हें मजबूरन पीछे हटना पड़ गया। वर्मा ने कहा कि अब नंदीशाला की मौजूदा स्थिति के लिए पालिका अध्यक्ष ही जिम्मेवार हैं।
जिम्मेवारी तो सारे शहर की है, कोई माने तो : चेयरपर्सन
नगर पालिका चीका की चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा ने कहा कि आप नंदीशाला की बात करते हैं मैंने तो पूरे शहर की जिम्मेवारी ले रखी है पर कोई अधिकारी कोई आदेश मानता ही नहीं। कहने को तो वे नंदीशाला प्रबंधन कमेटी की उपाध्यक्ष हैं पर आज तक उन्हें किसी मीटिंग में नहीं बुलाया गया। हालांकि नंदीशाला नगर पालिका की जमीन में बनाई गई है पर स्थान के चयन से लेकर वहां करवाए जाने वाले निर्माण को लेकर उनसे कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया है। अमनदीप ने कहा कि वे डीसी के सामने नंदीशाला को संभालने का दावा करके आई थी पर यहां आते ही जानबूझकर बिल्कुल विपरीत स्थितियां पैदा कर दी गई ताकि नंदीशाला की विफलता का घड़ा उनके सिर फोड़ा जा सके। अमनदीप ने कहा कि उन्होंने सारे हालात की जानकारी डीसी कैथल व सीएम मनोहर लाल को लिखकर भिजवा दी हैं।