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Kaithal News: दो माह में 88 दोपहिया वाहन चोरी, 30 पकड़े
Sat, 28 Oct 2023 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 28 Oct 2023 02:15 AM IST
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जितेंद्र पांचाल
कैथल। जिले में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गिरोह इतने सक्रिय हैं कि दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थानों से दोपहिया वाहन लेकर निकल जाते हैं। शहर में हर चौक-चौराहे पर पुलिस की ओर से कर्मचारियों की तैनाती भी है।
लघु सचिवालय, हनुमान वाटिका, न्यायालय परिसर, नागरिक अस्पताल और बस स्टैंड तो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पुलिस के साथ-साथ वहां के स्थानीय प्रबंधन की ओर से भी सुरक्षा के प्रबंध किए जाते हैं, लेकिन चोर इन स्थानों में से भी किसी न किसी जगह रोजाना वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कई तो ऐसे दिन होते है। इसमें जिले में वाहन चोर पांच से छह वाहन चोरी कर लेते हैं।
अगर बीते दो माह की बात करें तो सितंबर माह और अक्तूबर में अब तक दोपहिया वाहन चोरी की 88 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें से सितंबर में 57 और अक्तूबर में 31 मोटरसाइकिल चोरी हुई हैं। अगर एक वाहन की कीमत औसतन 20 हजार रुपये मानें तो चोर अब तक 18 लाख रुपये के करीब कीमत के दोपहिया वाहनों को निशाना बना चुके हैं। अधिकतर मोटरसाइकिल अथवा दोपहिया वाहन तो शहर में से ही चोरी हुए हैं। तंग व कम प्रयोग होने वाले रास्तों पर पुलिस अनुपस्थिति चोरों के हौसले बुलंद कर रही है।
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हालांकि पुलिस की ओर से समय-समय पर वाहन चोर गिरोहों को पकड़ा भी जा रहा है। चौक-चौराहों पर नाके लगाकर वाहनों की जांच-पड़ताल भी की जा रही है, लेकिन लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है। कई बार तो चोर ऐसे वाहनों को चोरी कर रहे हैं, जिन्हें लोगों ने खरीदा है। हजारों रुपये लगाने के बाद उनका कोई लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
फोटो- 32
सड़क सुरक्षा संगठन के प्रधान राजू डोहर ने कहा कि अगर दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को रोकना है तो सबसे पहले पुलिस को चाहिए कि कम से कम अस्पतालों, पार्कों, सचिवालय और लोगों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर तो पार्किंग की निगरानी के लिए पुलिस कर्मी की ड्यूटी जरूर लगाए। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को अगर पुलिस खड़ी दिखाई देती है तो चोरी की संभावना काफी कम हो जाती है।
फोटो- 33
संगठन के सदस्य राजकुमार ने कहा कि पुलिस के साथ-साथ हमारे वाहनों की सुरक्षा के प्रति हमें स्वयं भी गंभीर रहना चाहिए। सबसे पहले तो कहीं भी जाने पर अपने वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। स्विच बंद करके और हैंडल को लॉक करने के बाद ही वाहन से दूर जाएं। संभव हो तो पेड पार्किंग में वाहन को लगाएं, जहां चोरी की संभावना न के बराबर हो जाती है।
इस संबंध में एसपी उपासना ने कहा कि पुलिस की ओर से दोपहिया वाहन चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने सितंबर माह में तीन चोर गिरोहों का भंडाफोड़ कर सात आरोपियों को पकड़ा है। उनके कब्जे से 30 वाहन बरामद किए जा चुके हैं। ऐसा कोई दिन होगा, जिस दिन कोई न कोई आरोपी पकड़ा न जाए। पुलिस ने इसके लिए सीआईए की टीमों की विशेष ड्यूटी लगा रखी है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस संबंध में और ज्यादा सख्ती से कार्य करेगी।
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कैथल। जिले में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गिरोह इतने सक्रिय हैं कि दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थानों से दोपहिया वाहन लेकर निकल जाते हैं। शहर में हर चौक-चौराहे पर पुलिस की ओर से कर्मचारियों की तैनाती भी है।
लघु सचिवालय, हनुमान वाटिका, न्यायालय परिसर, नागरिक अस्पताल और बस स्टैंड तो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पुलिस के साथ-साथ वहां के स्थानीय प्रबंधन की ओर से भी सुरक्षा के प्रबंध किए जाते हैं, लेकिन चोर इन स्थानों में से भी किसी न किसी जगह रोजाना वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कई तो ऐसे दिन होते है। इसमें जिले में वाहन चोर पांच से छह वाहन चोरी कर लेते हैं।
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अगर बीते दो माह की बात करें तो सितंबर माह और अक्तूबर में अब तक दोपहिया वाहन चोरी की 88 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें से सितंबर में 57 और अक्तूबर में 31 मोटरसाइकिल चोरी हुई हैं। अगर एक वाहन की कीमत औसतन 20 हजार रुपये मानें तो चोर अब तक 18 लाख रुपये के करीब कीमत के दोपहिया वाहनों को निशाना बना चुके हैं। अधिकतर मोटरसाइकिल अथवा दोपहिया वाहन तो शहर में से ही चोरी हुए हैं। तंग व कम प्रयोग होने वाले रास्तों पर पुलिस अनुपस्थिति चोरों के हौसले बुलंद कर रही है।
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हालांकि पुलिस की ओर से समय-समय पर वाहन चोर गिरोहों को पकड़ा भी जा रहा है। चौक-चौराहों पर नाके लगाकर वाहनों की जांच-पड़ताल भी की जा रही है, लेकिन लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है। कई बार तो चोर ऐसे वाहनों को चोरी कर रहे हैं, जिन्हें लोगों ने खरीदा है। हजारों रुपये लगाने के बाद उनका कोई लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
फोटो- 32
सड़क सुरक्षा संगठन के प्रधान राजू डोहर ने कहा कि अगर दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को रोकना है तो सबसे पहले पुलिस को चाहिए कि कम से कम अस्पतालों, पार्कों, सचिवालय और लोगों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर तो पार्किंग की निगरानी के लिए पुलिस कर्मी की ड्यूटी जरूर लगाए। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को अगर पुलिस खड़ी दिखाई देती है तो चोरी की संभावना काफी कम हो जाती है।
फोटो- 33
संगठन के सदस्य राजकुमार ने कहा कि पुलिस के साथ-साथ हमारे वाहनों की सुरक्षा के प्रति हमें स्वयं भी गंभीर रहना चाहिए। सबसे पहले तो कहीं भी जाने पर अपने वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। स्विच बंद करके और हैंडल को लॉक करने के बाद ही वाहन से दूर जाएं। संभव हो तो पेड पार्किंग में वाहन को लगाएं, जहां चोरी की संभावना न के बराबर हो जाती है।
इस संबंध में एसपी उपासना ने कहा कि पुलिस की ओर से दोपहिया वाहन चोरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने सितंबर माह में तीन चोर गिरोहों का भंडाफोड़ कर सात आरोपियों को पकड़ा है। उनके कब्जे से 30 वाहन बरामद किए जा चुके हैं। ऐसा कोई दिन होगा, जिस दिन कोई न कोई आरोपी पकड़ा न जाए। पुलिस ने इसके लिए सीआईए की टीमों की विशेष ड्यूटी लगा रखी है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस संबंध में और ज्यादा सख्ती से कार्य करेगी।