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सरकारी रेट पर भी नहीं मिल रही सरपंचों को ईंटें

Thu, 30 Nov 2017 12:22 AM IST
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:22 AM IST
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सरकारी रेट पर भी नहीं मिल रही सरपंचों को ईंटें
सरपंचों को नहीं मिल रही ईंटें, अटके विकास कार्य
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दो माह पूर्व प्रशासन के साथ भट्ठा एसोसिएशन की सहमति के बाद तय हुए ईंटों के 4100 रुपये में ईंटें नहीं मिल पा रही हैं। जिस कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अटके हुए हैं। सरपंचों ने इस संबंध में डीएफएससी से मुलाकात कर उन्हें ईंटे उपलब्ध करवाने की मांग की हैं। ताकि वे अपने काम शुरू कर सकें। डीएफएससी ने भट्ठा एसोसिएशन को नोटस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है।
विदित रहे कि प्रशासन के साथ हुई बैठक में करीब दो माह पूर्व जीएसटी के अलावा ईंटों का 4100 रुपये का रेट निर्धारित हुआ था। इस रेट पर सरकारी विकास कार्यों के लिए ईंटे दी जानी थीं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से ईंटों की कीमतें 4100, 4300 या 4500 की बजाए कई भट्ठा मालिकों द्वारा 5500 से 5800 रुपये कर दी गईं। कई भट्ठा मालिक पंचायतों को ईंट देने से ही इंकार कर रहे हैं। जिस कारण पंचायतों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसी के विरोध में सरपंच एसोसिएशन के प्रधान वीरेंद्र छौत की अगुवाई में सरंपच गुलाब सिंह, सरपंच राजेंद्र देवबन, महावीर सिंह तितरम, नरेश हरसौला, गुरनाम शेरू खेड़ी, कृष्ण सिसला, चांदी नरड़, रामफल रोहेडिय़ां, सुरजीत सिंह नंदखेड़ा, हरदीप सिंह चकपाड़ला, सुनील कुतुबपुर ने कहा कि भट्ठा मालिक ईंट होते हुए भी उन्हें ईंट नहीं दे रहे। जिस कारण पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं।
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एक कारण यह भी : एक सरपंच ने बताया कि एनजीटी ने फरवरी माह तक हरियाणा में ईंट भट्ठों को चलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। इस प्रतिबंध की आड़ में भट्ठा मालिक ईंटों की ब्लैक करना चाहते थे। लेकिन अब हरियाणा के एनसीआर को छोड़कर 8 जिलों में हरियाणा सरकार ने नवंबर से ही भट्ठे चलाने की अनुमति दे दी है। इसके बावजूद भी ज्यादा कीमतों पर ईंटें बेचने का प्रयास हो रहा है। जबकि भट्ठे चलने पर ईंटों के रेट बढ़ाए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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ईंट भट्ठा एसोसिएशन के प्रधान रामप्रसाद बंसल का कहना है कि किसी सरपंच को ऐसा जवाब नहीं दिया है। ईंटों की कोई कमी नहीं है। जो भी आएगा, उसे ईंटें दी जाएंगी।
डीएफएससी सुरेंद्र अरोड़ा का कहना है कि सरपंचों की शिकायत पर एसोसिएशन को नोटिस जारी किया गया है। यदि प्रशासन के साथ हुई बैठक में तय रेट पर वे ईंटें नहीं देंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कैथल ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान वीरेंद्र छौत ने कहा कि ईंटों के न मिलने के कारण कई तरह के विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। इन कार्यों में स्कूलों में कमरे, धर्मशाला, चौपाल, गलियों, नालियों के काम ठप पड़े हुए हैं। भट्ठा मालिक उन्हें 4100 रुपये में ईंट देने को तैयार नहीं हैं। उनकी मांग है कि तुरंत ईंटें मुहैया करवाई जाएं।


सरपंच सुरजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, रामफल सिंह ने कहा कि पंचायतों में कोई भी कार्य ईंटों के बिना पूरा नहीं होता। ऐसे में ईंट न मिलने के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। गलियां पक्की न होने, नालियां पक्की न होने के कारण लोग परेशान हैं।


कई भट्ठा मालिक मांग रहे हैं सरकारी रेट से ज्यादा, कई ईंटे ही नहीं दे रहे
सरपंचों ने की डीएफएससी से की शिकायत, डीएफएससी ने जारी किया भट्ठा मालिक एसोसिएशन को नोटिस, दो दिन में जवाब देने को कहा

फोटो संख्या-1
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