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Kaithal News: सजुमा, मटौर की 70 छात्राओं ने किया दर्शनीय स्थलों का भ्रमण
Mon, 29 Jan 2024 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 29 Jan 2024 02:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला की ओर से आयोजित पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 70 छात्राओं ने राजस्थान के जैसलमेर भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया। इस भ्रमण में जिला कैथल के कस्तूरबा गांधी विद्यालय मटौर और कस्तूरबा गांधी विद्यालय सजुमा की छात्राएं शामिल रहीं। स्कूल पहुंचने के बाद छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।
कक्षा सातवीं की छात्रा मानसी ने बताया कि भ्रमण के दौरान हमने पेड़ पौधों की कलेक्शन की और वहां की मिट्टी भी लेकर आए, इसक हम अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे। यह भ्रमण हमारे लिए विस्मरणीय रहा जिसके लिए मैं अपने अध्यापकों की बहुत आभारी हूं। आठवीं की छात्रा नेहा ने बताया कि मैं वहां पर उनकी वेशभूषा को देखा उनके रहन-सहन के ढंग को देखा और प्रतिदिन जो शिविर फायर होती थी, वहां पर राजस्थानी नृत्य कला भी होता था।
कक्षा आठवीं की छात्रा जसप्रीत ने कहा कि हम अपने अध्यापकों के आभारी हैं कि वह हमें यहां तक लेकर आए। हम कभी अपने जिले से बाहर नहीं निकले थे। उनकी वजह से आज हम यहां तक पहुंच पाए हैं। कक्षा सातवीं की छात्रा सिमरन ने बताया कि वहां हमने दाल बाटी चूरमा खाया तथा वहां का खाना बहुत ही स्वादिष्ट था, हम अपनी सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं कि हम जैसे छात्राओं को इस प्रकार के भ्रमण करवाया।
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विद्यालय की अध्यापिका भारती ने कहा कि यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए बहुत ही शानदार था और उच्च अधिकारियों से अनुरोध है कि इस प्रकार के भ्रमण का आयोजन अगले वर्ष भी किया जाए, ताकि जो छात्राएं रह गई हैं उन्हें भी अवसर मिल सके। इस अवसर पर जिला सहायक परियोजना संयोजक कुशल कुमार, मुख्याध्यापक सतीश नागपाल, मुख्याध्यापक किताब सिंह भारती रानी, श्वेता बिंदलिश व वीना शर्मा मौजूद रहे।
भ्रमण के नोडल जिला सहायक परियोजना संयोजक कुशल कुमार ने बताया कि पहले दिन सभी छात्राओं को जीप सफारी तथा रेगिस्तान में ऊंट सवारी करवाई। सभी छात्राओं ने रेगिस्तान में ट्रैकिंग करके उसका आनंद उठाया तथा वहां की वनस्पति के बारे में जानकारी ली। अगले दिन जैसलमेर स्थित बीएसएफ के शिविर का सभी छात्राओं ने भ्रमण किया और उपस्थित सैनिकों से बात की। सैनिकों से उनके सभी हथियारों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में सभी छात्राओं ने माथा टेका। इस मंदिर की विशेषता यह है कि युद्ध के समय 1965 में युद्ध के समय जितने भी 450 गोले इस मंदिर में आकर गिरे परंतु एक भी गोला मंदिर या मंदिर में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंच सका। फिर सभी छात्राओं ने 1971 के शहीद स्मारक लोंगेवाला का भ्रमण किया और सैनिकों की शहादत के बारे में जानकारी हासिल की।
विद्यालय के मुखिया सतीश नागपाल व किताब सिंह ने बताया कि उसके बाद सभी छात्राओं ने विश्व प्रसिद्ध कुलधरा गांव का भ्रमण किया। इस गांव की विशेषता यह है कि इस गांव को रातों-रात उन पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध गांव को खाली कर दिया था। आज यह गांव खंडहर रूप लिए हुए हैं। छात्राओं ने इस प्रकार की जानकारी हासिल की, जो उन्होंने अपनी पुस्तकों में भी नोट की इसके बाद सभी छात्राओं ने जैसलमेर के राजा के विश्व प्रसिद्ध किले का भ्रमण किया तथा किले की ऐतिहासिक चीजों को बहुत बारीकी से देखा अपने अनुभवों को साझा किया। जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र कुमार आर्य ने छात्राओं के सफल भ्रमण की शुभकामनाएं दी और समय समय पर ऐसे भ्रमण छात्राओं को करवाए जाएंगे। ताकि देश के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल हो सके।
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कैथल। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला की ओर से आयोजित पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 70 छात्राओं ने राजस्थान के जैसलमेर भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया। इस भ्रमण में जिला कैथल के कस्तूरबा गांधी विद्यालय मटौर और कस्तूरबा गांधी विद्यालय सजुमा की छात्राएं शामिल रहीं। स्कूल पहुंचने के बाद छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।
कक्षा सातवीं की छात्रा मानसी ने बताया कि भ्रमण के दौरान हमने पेड़ पौधों की कलेक्शन की और वहां की मिट्टी भी लेकर आए, इसक हम अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे। यह भ्रमण हमारे लिए विस्मरणीय रहा जिसके लिए मैं अपने अध्यापकों की बहुत आभारी हूं। आठवीं की छात्रा नेहा ने बताया कि मैं वहां पर उनकी वेशभूषा को देखा उनके रहन-सहन के ढंग को देखा और प्रतिदिन जो शिविर फायर होती थी, वहां पर राजस्थानी नृत्य कला भी होता था।
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कक्षा आठवीं की छात्रा जसप्रीत ने कहा कि हम अपने अध्यापकों के आभारी हैं कि वह हमें यहां तक लेकर आए। हम कभी अपने जिले से बाहर नहीं निकले थे। उनकी वजह से आज हम यहां तक पहुंच पाए हैं। कक्षा सातवीं की छात्रा सिमरन ने बताया कि वहां हमने दाल बाटी चूरमा खाया तथा वहां का खाना बहुत ही स्वादिष्ट था, हम अपनी सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं कि हम जैसे छात्राओं को इस प्रकार के भ्रमण करवाया।
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विद्यालय की अध्यापिका भारती ने कहा कि यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए बहुत ही शानदार था और उच्च अधिकारियों से अनुरोध है कि इस प्रकार के भ्रमण का आयोजन अगले वर्ष भी किया जाए, ताकि जो छात्राएं रह गई हैं उन्हें भी अवसर मिल सके। इस अवसर पर जिला सहायक परियोजना संयोजक कुशल कुमार, मुख्याध्यापक सतीश नागपाल, मुख्याध्यापक किताब सिंह भारती रानी, श्वेता बिंदलिश व वीना शर्मा मौजूद रहे।
भ्रमण के नोडल जिला सहायक परियोजना संयोजक कुशल कुमार ने बताया कि पहले दिन सभी छात्राओं को जीप सफारी तथा रेगिस्तान में ऊंट सवारी करवाई। सभी छात्राओं ने रेगिस्तान में ट्रैकिंग करके उसका आनंद उठाया तथा वहां की वनस्पति के बारे में जानकारी ली। अगले दिन जैसलमेर स्थित बीएसएफ के शिविर का सभी छात्राओं ने भ्रमण किया और उपस्थित सैनिकों से बात की। सैनिकों से उनके सभी हथियारों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद विश्व प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में सभी छात्राओं ने माथा टेका। इस मंदिर की विशेषता यह है कि युद्ध के समय 1965 में युद्ध के समय जितने भी 450 गोले इस मंदिर में आकर गिरे परंतु एक भी गोला मंदिर या मंदिर में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंच सका। फिर सभी छात्राओं ने 1971 के शहीद स्मारक लोंगेवाला का भ्रमण किया और सैनिकों की शहादत के बारे में जानकारी हासिल की।
विद्यालय के मुखिया सतीश नागपाल व किताब सिंह ने बताया कि उसके बाद सभी छात्राओं ने विश्व प्रसिद्ध कुलधरा गांव का भ्रमण किया। इस गांव की विशेषता यह है कि इस गांव को रातों-रात उन पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध गांव को खाली कर दिया था। आज यह गांव खंडहर रूप लिए हुए हैं। छात्राओं ने इस प्रकार की जानकारी हासिल की, जो उन्होंने अपनी पुस्तकों में भी नोट की इसके बाद सभी छात्राओं ने जैसलमेर के राजा के विश्व प्रसिद्ध किले का भ्रमण किया तथा किले की ऐतिहासिक चीजों को बहुत बारीकी से देखा अपने अनुभवों को साझा किया। जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र कुमार आर्य ने छात्राओं के सफल भ्रमण की शुभकामनाएं दी और समय समय पर ऐसे भ्रमण छात्राओं को करवाए जाएंगे। ताकि देश के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल हो सके।