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एसडीएम ने किया पाई अनाज मंडी का दौरा तो शुरू हुई गेहूं की खरीद
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पाई। डीसी से गुहार लगाने के बाद पाई अनाज मंडी में किसानों व आढ़तियों को उस समय राहत मिली, जब एसडीएम ईशा कंबोज ने मंडी का दौरा किया और गेहूं की खरीद शुरू हो पाई। इस दौरान आढ़तियों ने मंडी की समस्याएं रखीं।
मंडी प्रधान रणधीर फौजी ने बताया कि किसान अपनी गेहूं की फसल दस दिनों से पाई अनाज मंडी में लेकर आये थे, परंतु खरीद एजेंसी ने उस समय नमी को देखते हुए खरीद से मना कर दिया था। उसके बाद वेयर हाउस के अधिकारी सोमवार को गेहूं की खरीद करने के लिए और आढ़तियों ने आई फार्म के साथ जे फार्म की कॉपी की भी मांग की। आढ़ती जे फार्म की कापी देने से इंकार कर गए। आढ़तियों को लगा कि उनकी खरीद ऑनलाइन कर रहे हैं और ऑनलाइन वे होने नही देंगे। खरीद एजेंसी को जब किसानों की गेहूं भरने के लिए बारदानें हर साल की तरह देने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर सोमवार को आढ़तियों ने फसल बेचने से इंकार कर दिया। जिस पर वे और कुछ किसान कैथल डीसी डॉ. प्रियंका सोनी से मिले। जिन्होंने इस समस्या के लिए एसडीएम की नियुक्ति की। डीसी के आदेशों पर एसडीएम ईशा कंबोज पाई मंडी में पहुंची और अधिकारियों व आढ़तियों की बैठक ली। सभी ने अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद उन्होंने खुद बोली शुरू करवाई।
मंडी प्रधान ने बताया कि जे फार्म देने की समस्या तो हल हो गई, परंतु बिजली व बारदानें की अब भी कमी है। पाई वेयर हाउस के मनेजर बीएस राणा ने बताया कि आढ़तियों से जे फार्म मांगे गए थे कि उनको ऑनलाइन कार्य करना है। आढ़तियों को सभी कार्य मैन्युअल करना है, जबकि उनका कार्य जैसे जे फार्म, आई फार्म, मार्केट फीस व फसल की अदायगी आदि सभी कार्य उनको व कमेटी द्वारा आनलाइन करना है।
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बिजली विभाग के एक्सईन सोमवीर पूंडरी ने बताया कि दोपहर से खेतों की लाइन अलग करवा कर मंडी में बिजली की व्यवस्था 24 घंटे के लिए चालू कर दी है।
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मंडी प्रधान रणधीर फौजी ने बताया कि किसान अपनी गेहूं की फसल दस दिनों से पाई अनाज मंडी में लेकर आये थे, परंतु खरीद एजेंसी ने उस समय नमी को देखते हुए खरीद से मना कर दिया था। उसके बाद वेयर हाउस के अधिकारी सोमवार को गेहूं की खरीद करने के लिए और आढ़तियों ने आई फार्म के साथ जे फार्म की कॉपी की भी मांग की। आढ़ती जे फार्म की कापी देने से इंकार कर गए। आढ़तियों को लगा कि उनकी खरीद ऑनलाइन कर रहे हैं और ऑनलाइन वे होने नही देंगे। खरीद एजेंसी को जब किसानों की गेहूं भरने के लिए बारदानें हर साल की तरह देने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर सोमवार को आढ़तियों ने फसल बेचने से इंकार कर दिया। जिस पर वे और कुछ किसान कैथल डीसी डॉ. प्रियंका सोनी से मिले। जिन्होंने इस समस्या के लिए एसडीएम की नियुक्ति की। डीसी के आदेशों पर एसडीएम ईशा कंबोज पाई मंडी में पहुंची और अधिकारियों व आढ़तियों की बैठक ली। सभी ने अपना-अपना पक्ष रखा। इसके बाद उन्होंने खुद बोली शुरू करवाई।
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मंडी प्रधान ने बताया कि जे फार्म देने की समस्या तो हल हो गई, परंतु बिजली व बारदानें की अब भी कमी है। पाई वेयर हाउस के मनेजर बीएस राणा ने बताया कि आढ़तियों से जे फार्म मांगे गए थे कि उनको ऑनलाइन कार्य करना है। आढ़तियों को सभी कार्य मैन्युअल करना है, जबकि उनका कार्य जैसे जे फार्म, आई फार्म, मार्केट फीस व फसल की अदायगी आदि सभी कार्य उनको व कमेटी द्वारा आनलाइन करना है।
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बिजली विभाग के एक्सईन सोमवीर पूंडरी ने बताया कि दोपहर से खेतों की लाइन अलग करवा कर मंडी में बिजली की व्यवस्था 24 घंटे के लिए चालू कर दी है।