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फिजिकल वेरिफकेशन के आधार पर खाली रह गई सीटों पर होने थे दाखिले, वेबसाइट बंद होने की बात कहकर नहीं दी गई विद्यार्थियों को जानकारी
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:33 AM IST
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निजी कॉलेजों ने तकनीकी खामी बता नहीं लगाई मेरिट लिस्ट, विद्यार्थियों का चहेतों को दाखिला देने का आरोप
फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर खाली रह गई सीटों पर होने थे दाखिले, शाम तक करते रहे लिस्ट लगने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कॉलेज में दाखिला प्रकिया पूरी होने के बाद सोमवार को खाली रह गई सीटों पर दाखिले के लिए विद्यार्थियों को अंतिम मौका दिया जाना था। लेकिन कई निजी कॉलेजों में उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट के ना चलने की बात कहकर मेरिट लिस्ट अपडेट ही नहीं की गई। इस कारण विद्यार्थी दोपहर तक इंतजार करते रह गए। विद्यार्थियों ने कॉलजों पर अपने चहेतों को दाखिला देने का आरोप लगाया है। सोमवार को अंतिम मौका विद्यार्थियों को कॉलेज में मौजूद रहने पर ही दिया जाना था। इसके लिए जिला के सभी कॉलेजों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी रही। कॉलेज स्टाफ सदस्य उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट न चलने का बहाना बनाते दिखाई दिए। मजबूरन विद्यार्थियों को अपने घरों की ओर वापिस लौटना पड़ा। अंतिम दिन केवल राजकीय कॉलेजों में ही दाखिले हुए।
बता दें कि जिला में अधिकतर कॉलेजो में छात्रों के दाखिले दिल्ली विवि या प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय में होने के कारण प्रथम वर्ष में दाखिले की 40 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गई थी। इसे भरने के लिए सोमवार को यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने वाले विद्यार्थियों की कॉलेज प्रशासन ने अपने लेवल पर मेरिट लिस्ट को चस्पा किया जाना था। लेकिन निजी कॉलेजो में एक भी मेरिट लिस्ट नहीं लगाई गई।
विद्यार्थियों ने कहा, अपने चहेतो को देना चाहते है दाखिले: विद्यार्थी राजेश, संजय, राम, विनय, शिल्पी, रेखा ने कहा कि कॉलेेजो में शाम पांच बजे तक लिस्ट न लगने से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर क्या कॉलेज प्रबंधक केवल अपने चहेतों को दाखिला देने की चाह रखते हैं। विद्यार्थियों ने मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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केवल राजकीय कॉलेज में यह हुए दाखिले: सोमवार को फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर राजकीय कॉलेज कैथल में बीकॉम 14, बीएससी नॉन मेडिकल 7, बीबीए 4, बीसीए 7, बीटीएम 12, बीएएमसी 15 व बीएससी कम्प्यूटर में 2 दाखिले लिए गए।
तकनीकि खामियां आई:-आरकेएसडी कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. ओपी गर्ग ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट में कुछ तकनीकी खामियां आ रही थी। कभी साइट चल रही थी तो कभी बंद हो रही थी। जिस कारण मेरिट लिस्ट लगने में देरी हुई। मेरिट लगने के बाद तुंरत ही सभी विद्यार्थियों को दाखिले दिए गए है। जो खाली सीटें रह गई हैं, उन पर मंगलवार को दाखिला दिया जाएगा।
आईजी कॉलेज में शाम को 5 बजे कुछेक कोर्सों में लिस्ट लग पाई। लेकिन बीए की नहीं लग पाई। कार्यकारी प्रिंसिपल अनिता बंसल ने कहा कि तकनीकी के कारण लिस्ट अपडेट होने में परेशानी हो रही है।
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फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर खाली रह गई सीटों पर होने थे दाखिले, शाम तक करते रहे लिस्ट लगने का काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कॉलेज में दाखिला प्रकिया पूरी होने के बाद सोमवार को खाली रह गई सीटों पर दाखिले के लिए विद्यार्थियों को अंतिम मौका दिया जाना था। लेकिन कई निजी कॉलेजों में उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट के ना चलने की बात कहकर मेरिट लिस्ट अपडेट ही नहीं की गई। इस कारण विद्यार्थी दोपहर तक इंतजार करते रह गए। विद्यार्थियों ने कॉलजों पर अपने चहेतों को दाखिला देने का आरोप लगाया है। सोमवार को अंतिम मौका विद्यार्थियों को कॉलेज में मौजूद रहने पर ही दिया जाना था। इसके लिए जिला के सभी कॉलेजों में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी रही। कॉलेज स्टाफ सदस्य उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट न चलने का बहाना बनाते दिखाई दिए। मजबूरन विद्यार्थियों को अपने घरों की ओर वापिस लौटना पड़ा। अंतिम दिन केवल राजकीय कॉलेजों में ही दाखिले हुए।
बता दें कि जिला में अधिकतर कॉलेजो में छात्रों के दाखिले दिल्ली विवि या प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय में होने के कारण प्रथम वर्ष में दाखिले की 40 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गई थी। इसे भरने के लिए सोमवार को यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने वाले विद्यार्थियों की कॉलेज प्रशासन ने अपने लेवल पर मेरिट लिस्ट को चस्पा किया जाना था। लेकिन निजी कॉलेजो में एक भी मेरिट लिस्ट नहीं लगाई गई।
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विद्यार्थियों ने कहा, अपने चहेतो को देना चाहते है दाखिले: विद्यार्थी राजेश, संजय, राम, विनय, शिल्पी, रेखा ने कहा कि कॉलेेजो में शाम पांच बजे तक लिस्ट न लगने से विद्यार्थियों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर क्या कॉलेज प्रबंधक केवल अपने चहेतों को दाखिला देने की चाह रखते हैं। विद्यार्थियों ने मिलीभगत का आरोप लगाया है।
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केवल राजकीय कॉलेज में यह हुए दाखिले: सोमवार को फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर राजकीय कॉलेज कैथल में बीकॉम 14, बीएससी नॉन मेडिकल 7, बीबीए 4, बीसीए 7, बीटीएम 12, बीएएमसी 15 व बीएससी कम्प्यूटर में 2 दाखिले लिए गए।
तकनीकि खामियां आई:-आरकेएसडी कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. ओपी गर्ग ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग की साइट में कुछ तकनीकी खामियां आ रही थी। कभी साइट चल रही थी तो कभी बंद हो रही थी। जिस कारण मेरिट लिस्ट लगने में देरी हुई। मेरिट लगने के बाद तुंरत ही सभी विद्यार्थियों को दाखिले दिए गए है। जो खाली सीटें रह गई हैं, उन पर मंगलवार को दाखिला दिया जाएगा।
आईजी कॉलेज में शाम को 5 बजे कुछेक कोर्सों में लिस्ट लग पाई। लेकिन बीए की नहीं लग पाई। कार्यकारी प्रिंसिपल अनिता बंसल ने कहा कि तकनीकी के कारण लिस्ट अपडेट होने में परेशानी हो रही है।