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पंजाब नेशनल बैंक के जिले से 3 अधिकारियों का तबादला
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:36 PM IST
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तीन साल से अधिक समय से जमे पीएनबी के तीन अफसरों का तबादला
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पीएनबी घोटाले के बाद प्रबंधन की ओर से लिए गए 18 हजार कर्मचारियों के तबादले के फैसले की जद में तीन अधिकारी आ गए हैं। ये तीन अधिकारी तीन साल से ज्यादा समय से एक ही बैंक में कार्यरत थे। वहीं जिले में पीएनबी का नॉन प्रॉफिटेबल एसेट्स (एनपीए) करीब 37 करोड़ रुपये है। इसमें से 30 करोड़ रुपये किसानों की ओर तो 7 करोड़ रुपये व्यापारियों की ओर बकाया है। घोटाले के चलते सर्वर पर हुआ असर अब काम-काज पर भी दिख रहा है। सर्वर डाउन होने के चलते स्पीड काफी कम है। इस कारण ग्राहकों को काफी इंतजार करना पड़ता है।
विदित रहे कि पीएनबी बैंक घोटाले के बाद प्रबंधन ने फैसला लिया है कि बैंकों में 3 साल से ज्यादा समय से कार्यरत अधिकारियों का तबादला किया जाए। कैथल में कैथल मुख्य बैंक में कार्यरत 3 अधिकारी ऐसे मिले, जो तीन साल से ज्यादा समय से यहां कार्यरत थे। इन तीनों अधिकारियों का वीरवार को तबादला कर उन्हें रिलीव कर दिया गया। उनकी जगह नए अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
पीएनबी का जिले में 37 करोड़ रुपये एनपीए
पंजाब नेशनल बैंक के एनपीए में जिले में करीब 37 करोड़ रुपया बकाया है। गैर निष्पादित खाते के नाम से जाने जाने वाले इस खाते में वह राशि शामिल होती है, जिसे बैंक ने लोन दिया हो और 90 दिन से लोन लेने वाले व्यक्ति ने किस्त या बकाया राशि जमा नहीं करवाई है। इस राशि में करीब 30 करोड़ रुपया किसानों की ओर बकाया है तो 7 करोड़ रुपया बड़े व छोटे व्यापारियों क ओर बकाया है।
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लीड बैंक मैनेजर आरके कटारिया ने बताया कि जिले में 3 साल से ज्यादा समय से कार्यरत मुख्य ब्रांच के 3 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह नए अधिकारी ने ज्वाइन भी कर लिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पीएनबी घोटाले के बाद प्रबंधन की ओर से लिए गए 18 हजार कर्मचारियों के तबादले के फैसले की जद में तीन अधिकारी आ गए हैं। ये तीन अधिकारी तीन साल से ज्यादा समय से एक ही बैंक में कार्यरत थे। वहीं जिले में पीएनबी का नॉन प्रॉफिटेबल एसेट्स (एनपीए) करीब 37 करोड़ रुपये है। इसमें से 30 करोड़ रुपये किसानों की ओर तो 7 करोड़ रुपये व्यापारियों की ओर बकाया है। घोटाले के चलते सर्वर पर हुआ असर अब काम-काज पर भी दिख रहा है। सर्वर डाउन होने के चलते स्पीड काफी कम है। इस कारण ग्राहकों को काफी इंतजार करना पड़ता है।
विदित रहे कि पीएनबी बैंक घोटाले के बाद प्रबंधन ने फैसला लिया है कि बैंकों में 3 साल से ज्यादा समय से कार्यरत अधिकारियों का तबादला किया जाए। कैथल में कैथल मुख्य बैंक में कार्यरत 3 अधिकारी ऐसे मिले, जो तीन साल से ज्यादा समय से यहां कार्यरत थे। इन तीनों अधिकारियों का वीरवार को तबादला कर उन्हें रिलीव कर दिया गया। उनकी जगह नए अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
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पीएनबी का जिले में 37 करोड़ रुपये एनपीए
पंजाब नेशनल बैंक के एनपीए में जिले में करीब 37 करोड़ रुपया बकाया है। गैर निष्पादित खाते के नाम से जाने जाने वाले इस खाते में वह राशि शामिल होती है, जिसे बैंक ने लोन दिया हो और 90 दिन से लोन लेने वाले व्यक्ति ने किस्त या बकाया राशि जमा नहीं करवाई है। इस राशि में करीब 30 करोड़ रुपया किसानों की ओर बकाया है तो 7 करोड़ रुपया बड़े व छोटे व्यापारियों क ओर बकाया है।
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लीड बैंक मैनेजर आरके कटारिया ने बताया कि जिले में 3 साल से ज्यादा समय से कार्यरत मुख्य ब्रांच के 3 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह नए अधिकारी ने ज्वाइन भी कर लिया है।