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प्रशासन गली में बैलों को जाने का बनवाए रास्ता तो छोडू़ंगा सचिवालय
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:06 AM IST
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‘प्रशासन गली में बैलों के जाने का बनवाए रास्ता तभी छोडू़ंगा सचिवालय’
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव देवबन निवासी किसान रामस्वरूप पिछले तीन दिनों से दो बैलों व बुग्गी के साथ लघु सचिवालय में डटा है। बार-बार उठाई जा रही आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन ने भी उसकी मांगों पर सुनवाई शुरू कर दी है। लेकिन उसका कहना है कि जब तक उसके बैलों के लिए रास्ता नहीं बनेगा, वह इन्हें लेकर यहीं बैठा रहेगा। डीसी ने कहा कि बीडीपीओ को उसकी सुनवाई के लिए कहा गया है। साथ ही यह मामला एसडीएम कोर्ट में भी लंबित है।
किसान रामस्वरूप ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी केवल लीपापोती करने पर उतारू हैं। बीडीपीओ वीरवार को सरपंच के साथ गांव में उसके घर को जाने वाली बंद हुई गली को मौके पर देखने के लिए भी गए लेकिन उसके बावजूद भी किसी भी अधिकारी ने उसकी समस्या का हल नहीं किया। उसने कहा कि जब तक अधिकारी उसके समस्या का समाधान नहीं करते तब तक वह सचिवालय में डटा रहेगा। प्रशासन उसकी गली में बैलों और बुग्गी के जाने का रास्ता बना देगा तो वह घर लौट जाएगा।
दो घंटे तक मनाने के बाद भी अड़ा रहा किसान : बता दें कि सोमवार को अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए दो बैलों व बुग्गी के साथ पहुंचे किसान रामस्वरूप को मनाने के लिए पहुंचे गांव के सरपंच राजेंद्र व बीडीओ बुधवार रात के समय किसान को मनाते रहे। इस दौरान उन्होंने दो घंटे तक किसान को वापस लौटेने का आग्रह किया। लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा।
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रामस्वरूप अपने बैलों के लिए झूल ले आया है। ताकि उन्हें सर्दी ना लगे। इसके अलावा खुद के लिए भी कपड़े लेकर आया है। उसका कहना है कि जब तक उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह यहां से नहीं हटेगा। उसने पेड़ों में तिरपालें लगाकर अपने बैलों को ठंड से बचाने का प्रबंध भी कर लिया है। बाकायदा पेड़ों पर लगी तिरपालों से ऐसा ढांचा बना लिया है कि उसमें उसके बैल खड़े हो सकें।
डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि बीडीपीओ को रामस्वरूप की समस्या के समाधान के लिए कहा है। उसका मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है। जिसमें 20 दिसंबर की तारीख लगी हुई है। प्रयास किया जा रहा है कि नियमानुसार उसकी समस्या का समाधान हो जाए।
गली में कब्जे को हटाने की मांग पर तीन दिनों से डटा है किसान
लगातार उठाई जा रही रामस्वरूप की आवाज पर बीडीपीओ व सरपंच पहुंचे मनाने
फोटो नंबर-13 व 14
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव देवबन निवासी किसान रामस्वरूप पिछले तीन दिनों से दो बैलों व बुग्गी के साथ लघु सचिवालय में डटा है। बार-बार उठाई जा रही आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन ने भी उसकी मांगों पर सुनवाई शुरू कर दी है। लेकिन उसका कहना है कि जब तक उसके बैलों के लिए रास्ता नहीं बनेगा, वह इन्हें लेकर यहीं बैठा रहेगा। डीसी ने कहा कि बीडीपीओ को उसकी सुनवाई के लिए कहा गया है। साथ ही यह मामला एसडीएम कोर्ट में भी लंबित है।
किसान रामस्वरूप ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी केवल लीपापोती करने पर उतारू हैं। बीडीपीओ वीरवार को सरपंच के साथ गांव में उसके घर को जाने वाली बंद हुई गली को मौके पर देखने के लिए भी गए लेकिन उसके बावजूद भी किसी भी अधिकारी ने उसकी समस्या का हल नहीं किया। उसने कहा कि जब तक अधिकारी उसके समस्या का समाधान नहीं करते तब तक वह सचिवालय में डटा रहेगा। प्रशासन उसकी गली में बैलों और बुग्गी के जाने का रास्ता बना देगा तो वह घर लौट जाएगा।
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दो घंटे तक मनाने के बाद भी अड़ा रहा किसान : बता दें कि सोमवार को अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए दो बैलों व बुग्गी के साथ पहुंचे किसान रामस्वरूप को मनाने के लिए पहुंचे गांव के सरपंच राजेंद्र व बीडीओ बुधवार रात के समय किसान को मनाते रहे। इस दौरान उन्होंने दो घंटे तक किसान को वापस लौटेने का आग्रह किया। लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा।
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रामस्वरूप अपने बैलों के लिए झूल ले आया है। ताकि उन्हें सर्दी ना लगे। इसके अलावा खुद के लिए भी कपड़े लेकर आया है। उसका कहना है कि जब तक उसकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह यहां से नहीं हटेगा। उसने पेड़ों में तिरपालें लगाकर अपने बैलों को ठंड से बचाने का प्रबंध भी कर लिया है। बाकायदा पेड़ों पर लगी तिरपालों से ऐसा ढांचा बना लिया है कि उसमें उसके बैल खड़े हो सकें।
डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि बीडीपीओ को रामस्वरूप की समस्या के समाधान के लिए कहा है। उसका मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है। जिसमें 20 दिसंबर की तारीख लगी हुई है। प्रयास किया जा रहा है कि नियमानुसार उसकी समस्या का समाधान हो जाए।
गली में कब्जे को हटाने की मांग पर तीन दिनों से डटा है किसान
लगातार उठाई जा रही रामस्वरूप की आवाज पर बीडीपीओ व सरपंच पहुंचे मनाने
फोटो नंबर-13 व 14