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सर्वेक्षण को लेकर शहर में नहीं है सफाई को लेकर नहीं उचित पंरबध, प्री फ्रेबिकेट शौचालय की भी हालत में नहीं हो सका कोई सुधार

Thu, 03 Jan 2019 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jan 2019 12:16 AM IST
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सर्वेक्षण को लेकर शहर में नहीं है सफाई को लेकर नहीं उचित पंरबध, प्री फ्रेबिकेट शौचालय की भी हालत में नहीं हो सका कोई सुधार
कल से शुरू होगा स्वच्छता सर्वेक्षण, शहर में सफाई व्यवस्था की यह है स्थिति
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मुख्य चौक चौराहों पर है गंदगी का आलम, नगर परिषद केवल स्लोगनों से ही कर रही स्वच्छता का दिखावा
फोटो नंबर-07 से 09
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों में चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो जाएगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में सभी नगर निकायों की ओर से सफाई को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। लेकिन सर्वेक्षण को लेकर शहर में नगर परिषद की ओर से कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। नपा की ओर से इस सर्वेक्षण को लेकर की जाने वाली सफाई की व्यवस्था काफी फीकी दिखाई दे रही है। क्योंकि शहर के मुख्य चौक चौराहों पर गंदगी के ढेरों से यहां पर गंदगी का आलम है।
मुख्य चौक चौराहों में है गंदगी का आलम : शहर में नपा परिसर के कुछ ही दूरी पर बगल में स्थित मेन बाजार के चौक में ही गंदगी के ढेर पड़े है। जो दीया तले अंधेरे के वाक्यार्थ को सही साबित कर रही है। इसके साथ ही करनाल रोड पर स्थित आई जी कॉलेज, रेलवे गेट व पार्क रोड पर स्थित बाबा शीतलपुरी डेरे के तालाब के समीप स्थित खाली जगह में भी गंदगी का भरपूर आलम है। इसके साथ ही अंबाला रोड व ढंाड रोड पर मॉडल के समीप स्थित खाली पड़े प्लाटों में गंदगी है। जिस पर नपा का कोई भी ध्यान नहीं है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर व्यवस्थाएं बनाने के लिए नपा आंखें मूंदे बैठी है।
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नपा केवल स्लोगनों से ही कर रही दिखावा : स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद को लेकर धरातल पर कोई कार्य नहीं कर रही है। इस पर नपा केवल मुख्य चौक चौराहों पर बैनरों के माध्यम से केवल स्लोगनों से ही स्वच्छता पर दिखावा कर रही है। यदि नगर परिषद स्लोगन के साथ सफाई पर भी अधिक ध्यान दें तो शहर सर्वेक्षण अपने रैंक में बेहतरी हासिल कर सकता है।
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प्री फ्रेबिकेट शौचालय की भी हालत में नहीं हो सका कोई सुधार : नगर परिषद की ओर से शहर में बनाए गए विभिन्न 16 स्थानों पर 40 से अधिक प्री फ्रेबिकेट शौचालयों की सफाई पर नहीं ध्यान दिया जा रहा है। इनकी स्थित पहले की तरह ही ज्यों की त्यों बनी है। जिस कारण शौचालय की भी हालत में कोई भी अधिक सुधार नहीं हो सका है।
4000 की बजाय इस बार सर्वेक्षण में मिलेंगे 500 अंक : इस वर्ष होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में 4000 हजार की बजाय 5000 अंक नपा को मिलेंगे। जिसमें 1250 नपा के सफाई को लेकर बनाए गए रिकार्ड, 1250 पब्लिक फीडबैक, 1250 सार्वजनिक शौचालयों व 1250 अंक सर्वेक्षण की टीम शहर में सफाई व्यवस्था को देखकर अपनी ओर से निर्धारित करेेगी।

15 टीमों का किया गठन : नगर परिषद के सीएसआई मोहन भारद्वाज ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शहर में सफाई व्यवस्था के लिए 15 टीमों का गठन कर 150 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। जो शहर में तेजी से सफाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ की सीवरेज को साफ करवाया जा रहा है।
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