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जहरीली गेहूं खाने से मरी 50 भेड़
अमर उजाला ब्यूरो/कलायत
Updated Sat, 27 Feb 2016 10:57 PM IST
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कलायत में करीब 50 भेड़ों की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत के मुआवजे को लेकर पशुपालकों ने मुख्यमंत्री के नाम एसएचओ के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पशुपालक जगदीश, रमेश व भूप सिंह ने बताया कि वे लोग घुमंतू जाती से संबंध रखते हैं। वे लोग मूल रूप से गांव खारा जिला हिसार के रहने वाले हैं। घुमंतू होने के कारण वे अपनी भेड़ बकरियों को लेकर घूमते ही रहते हैं। एक माह से वे लोग कलायत के कुलवंत नगर के पीछे डेरा डाले हुए हैं। गत दिवस सुरता नगर के खाली प्लाटों में अपनी भेड़ों को चरा रहे थे।
किसी ने उन खाली प्लाटों में जहरीली दवा मिली हुई खराब गेहूं फेंकी हुई थी जिसे भेड़ों ने खा लिया। देखते ही देखते एक एक कर उनकी भेड़ों ने मरना शुरू कर दिया। कल और आज में जगदीश, रमेश व भूप सिंह की करीब 50 भेड़ें मर चुकी हैं तथा मरने का सिलसिला अभी तक जारी ही है। जगदीश ने कहा कि उन लोगों की सारी संपत्ति ही ये भेड़ें थीं जिनसे उनके परिवारों का पालन पोषण होता था। भेड़ों के मरने से उनका तो रोजगार ही समाप्त हो गया है। समाजसेवी बलजीत सिंह नायक ने कहा कि इस गेहूं के खाने से इन गरीब लोगों का भारी नुकसान हो गया।
उन्होंने कहा कि भेड़ों के अलावा एक सूअर तथा एक गाय भी जहरीली गेहूं को खा कर मर गई है। नायक ने कहा कि इन गरीब लोगों के रोजगार का केवल ये पशु ही साधन थे जो एक एक कर मर गए हैं। उन्होंने मांग की है कि जहरीली गेहूं खाने से मरी भेड़ों का कम से कम तीन लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा गेहूं को इस तरह से खुले में गिराने वाले की जांच कर कानूनी कार्यवाही की जाए। ज्ञापन की एक प्रति उपायुक्त कैथल, करनाल रेंज के आईजीपी व डीजीपी को भी भेज कर मुआवजा दिलवाने व दोषी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई गई है।
किसी ने उन खाली प्लाटों में जहरीली दवा मिली हुई खराब गेहूं फेंकी हुई थी जिसे भेड़ों ने खा लिया। देखते ही देखते एक एक कर उनकी भेड़ों ने मरना शुरू कर दिया। कल और आज में जगदीश, रमेश व भूप सिंह की करीब 50 भेड़ें मर चुकी हैं तथा मरने का सिलसिला अभी तक जारी ही है। जगदीश ने कहा कि उन लोगों की सारी संपत्ति ही ये भेड़ें थीं जिनसे उनके परिवारों का पालन पोषण होता था। भेड़ों के मरने से उनका तो रोजगार ही समाप्त हो गया है। समाजसेवी बलजीत सिंह नायक ने कहा कि इस गेहूं के खाने से इन गरीब लोगों का भारी नुकसान हो गया।
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उन्होंने कहा कि भेड़ों के अलावा एक सूअर तथा एक गाय भी जहरीली गेहूं को खा कर मर गई है। नायक ने कहा कि इन गरीब लोगों के रोजगार का केवल ये पशु ही साधन थे जो एक एक कर मर गए हैं। उन्होंने मांग की है कि जहरीली गेहूं खाने से मरी भेड़ों का कम से कम तीन लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए तथा गेहूं को इस तरह से खुले में गिराने वाले की जांच कर कानूनी कार्यवाही की जाए। ज्ञापन की एक प्रति उपायुक्त कैथल, करनाल रेंज के आईजीपी व डीजीपी को भी भेज कर मुआवजा दिलवाने व दोषी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की गुहार लगाई गई है।
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