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मुआवजा राशि को लेकर भाकियू व किसानों ने सौंपा ज्ञापन
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:28 AM IST
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मुआवजा राशि को लेकर भाकियू व किसानों ने सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। भाकियू व ग्रामीणों की बैठक खंड प्रहधान जिले ङ्क्षसह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान बरसात के चलते खराब हुई धान, कपास व बाजरा की फसलों बारे विचार विमर्श किया गया तथा उपमंडल अधिकारी के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। सौंपे गए ज्ञापन बारे जानकारी देते खंड प्रधान जिले ङ्क्षसह सहित बसाऊ राम, रामफल, खंड कलायत के उपप्रधान महावीर कौलेखां, जयप्रकाश, सुभाष, चांदी राम तेजबीर, जगदीश, राजकुमार, ब्रमा, राजेंद्र, फूलचंद व रामकुमार ने बताया कि 3 दिनों तक हुई बरसात के चलते किसानों द्वारा मेहनत से तैयार की गई तीनों ही फसल खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि इन फसलों को तैयार करने के किसानों द्वारा भारी धन राशि खर्च की गई थी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कर्ज में डूबा हुआ है अब इन फसलों के खराब होने से उसकी आथक स्थिति और अधिक खराब हो गई है। यदि सरकार द्वारा किसानों को आथक मदद नहीं दी गई तो ऐसे में किसान गेहूं की फसल की बिजाई नहीं कर पाएंगे। बरसात के कारण जहां फसलें खराब हो गई है वहीं कई मकान गिर गए तथा कई मकानों में दरारें आ गई है। उन्होंने कहा कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रति मकान 5 लाख रुपये तथा प्रति एकड़ 50,000 रुपये की मुआवजा राशि दिलाई जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। भाकियू व ग्रामीणों की बैठक खंड प्रहधान जिले ङ्क्षसह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान बरसात के चलते खराब हुई धान, कपास व बाजरा की फसलों बारे विचार विमर्श किया गया तथा उपमंडल अधिकारी के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। सौंपे गए ज्ञापन बारे जानकारी देते खंड प्रधान जिले ङ्क्षसह सहित बसाऊ राम, रामफल, खंड कलायत के उपप्रधान महावीर कौलेखां, जयप्रकाश, सुभाष, चांदी राम तेजबीर, जगदीश, राजकुमार, ब्रमा, राजेंद्र, फूलचंद व रामकुमार ने बताया कि 3 दिनों तक हुई बरसात के चलते किसानों द्वारा मेहनत से तैयार की गई तीनों ही फसल खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि इन फसलों को तैयार करने के किसानों द्वारा भारी धन राशि खर्च की गई थी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कर्ज में डूबा हुआ है अब इन फसलों के खराब होने से उसकी आथक स्थिति और अधिक खराब हो गई है। यदि सरकार द्वारा किसानों को आथक मदद नहीं दी गई तो ऐसे में किसान गेहूं की फसल की बिजाई नहीं कर पाएंगे। बरसात के कारण जहां फसलें खराब हो गई है वहीं कई मकान गिर गए तथा कई मकानों में दरारें आ गई है। उन्होंने कहा कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रति मकान 5 लाख रुपये तथा प्रति एकड़ 50,000 रुपये की मुआवजा राशि दिलाई जाए।