{"_id":"5a5261064f1c1b1f168b771e","slug":"41515348230-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद मामचंद के शहीदी दिवस पर सरकार खिलाफ गरजे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद मामचंद के शहीदी दिवस पर सरकार खिलाफ गरजे किसान
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। निसिंग गोलीकांड में शहीद हुए किसानों की याद में गांव पबनावा रेलवे स्टेशन के पास शहीद मामचंद के स्मारक के नजदीक खेल ग्राउंड में भाकियू ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें प्रदेश भर से भारी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पर शहीद मामचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके 2 मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के संयोजक एवं मंच संचालक प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने कहा कि आज हम उन शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने किसानों के हितों के लिए अपने प्राणों की बलि दे डाली। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। सरकार केवल झूठ की राजनीति के बल पर किसानों के वोट हासिल करने तक सीमित रह गई है। चढूनी ने किसानों का आह्वान किया कि आओ आज हम सब मिलकर यह शपथ लें कि मांगों के लिए सरकार के साथ एकजुट होकर लड़ाई लड़ते रहेंगे। इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी भी देनी पड़े पीछे नही हटेंगे। उपस्थित सभी किसानों ने हाथ उठाकर चढूनी की बात का समर्थन किया। चढूनी ने कहा कि अगर सरकार ने 22 फरवरी तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करती और किसानों को संपूर्ण कर्ज मुक्त नहीं करती की तो 23 फरवरी को देशभर के किसान दिल्ली कूच कर चारों तरफ से जाम कर देंगे और मांग पूरी होने तक वहीं डटें रहेंगे।
युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने भाजपा सरकार की कांग्रेस के साथ तुलना करते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों में कोई फर्क नहीं है। इस अवसर पर बाबू राम, बलकार सिंह, रोहताश बैनीवाल, कर्ण बुबका, कृष्ण कुमार, जगबीर, कर्मसिंह, हरभजन, सुभाष, सत्यवान, कृष्ण, कश्मीरी लाल, श्रीपाल राणा, रूप सिंह, चमेल सिंह, पिरथी कौल, नन्हा राम, रणदीप आर्य, नरेंद्र राणा, लाला सिंह, सतपाल दिल्लोंवाली, विजेंद्र राणा, रामकुमार पबनावा, राजेंद्र पबनावा, सतविंद्र रत्ता खेड़ा, हरभजन सिंह, बलजीत, सत्यवान, श्रीराम मोहना, सुखविंद्र, सुरेश खुराना मौजूद रहे।
विज्ञापन
शहीद मामचंद के शहीदी दिवस पर सरकार खिलाफ गरजे किसान
23 फरवरी को दिल्ली में करो या मरो आंदोलन का बजेगा बिगुल
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाकर ही लेंगे दम : चढूनी
फोटो नंबर- 15 व 16
ढांड। निसिंग गोलीकांड में शहीद हुए किसानों की याद में गांव पबनावा रेलवे स्टेशन के पास शहीद मामचंद के स्मारक के नजदीक खेल ग्राउंड में भाकियू ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें प्रदेश भर से भारी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पर शहीद मामचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके 2 मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के संयोजक एवं मंच संचालक प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने कहा कि आज हम उन शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने किसानों के हितों के लिए अपने प्राणों की बलि दे डाली। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। सरकार केवल झूठ की राजनीति के बल पर किसानों के वोट हासिल करने तक सीमित रह गई है। चढूनी ने किसानों का आह्वान किया कि आओ आज हम सब मिलकर यह शपथ लें कि मांगों के लिए सरकार के साथ एकजुट होकर लड़ाई लड़ते रहेंगे। इसके लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी भी देनी पड़े पीछे नही हटेंगे। उपस्थित सभी किसानों ने हाथ उठाकर चढूनी की बात का समर्थन किया। चढूनी ने कहा कि अगर सरकार ने 22 फरवरी तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करती और किसानों को संपूर्ण कर्ज मुक्त नहीं करती की तो 23 फरवरी को देशभर के किसान दिल्ली कूच कर चारों तरफ से जाम कर देंगे और मांग पूरी होने तक वहीं डटें रहेंगे।
विज्ञापन
युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने भाजपा सरकार की कांग्रेस के साथ तुलना करते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों में कोई फर्क नहीं है। इस अवसर पर बाबू राम, बलकार सिंह, रोहताश बैनीवाल, कर्ण बुबका, कृष्ण कुमार, जगबीर, कर्मसिंह, हरभजन, सुभाष, सत्यवान, कृष्ण, कश्मीरी लाल, श्रीपाल राणा, रूप सिंह, चमेल सिंह, पिरथी कौल, नन्हा राम, रणदीप आर्य, नरेंद्र राणा, लाला सिंह, सतपाल दिल्लोंवाली, विजेंद्र राणा, रामकुमार पबनावा, राजेंद्र पबनावा, सतविंद्र रत्ता खेड़ा, हरभजन सिंह, बलजीत, सत्यवान, श्रीराम मोहना, सुखविंद्र, सुरेश खुराना मौजूद रहे।
विज्ञापन
शहीद मामचंद के शहीदी दिवस पर सरकार खिलाफ गरजे किसान
23 फरवरी को दिल्ली में करो या मरो आंदोलन का बजेगा बिगुल
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाकर ही लेंगे दम : चढूनी
फोटो नंबर- 15 व 16